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नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरूआत हो गई है, जो 31 अक्टूबर तक चलेगा। छठ पूजा के दौरान 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है। जिसे सबसे कठिन व्रत में से एक माना जाता है। ये त्योहार वैसे तो बिहार से जुड़ा है, लेकिन देश के कई कोनों में इस पर्व का उत्साह देखनेे को मिल जाता है। छठ पूजा के दौरान पूजा में कई तरह के फलों को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। लेकिन सही मायनों में देखा जाए तो ये सभी प्रसाद सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। आइए आपको बताते है छठ पूजा में प्रसाद के रूप में चढ़ाने वाले फल और सब्जी आपकी सेहत के लिए किस तरह लाभकारी है।

केराव
छठ पूजा में केराव का बहुत महत्व होता है। इसे कथा सुनने के बाद प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। इसे ही खाकर व्रत को पूरा भी किया जाता है। ये भी एक तरह की सूखी मटर है। इसमें विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन ए, विटामिन बी के साथ पोटेशियम और आयरन के गुण भी है। केराव वजन घटाने में भी काफी मददगार है। इतना ही नहीं ये अर्थराइटिस, कैंसर के रोगियों के लिए भी काफी फायदेमंद है। डायबिटीज को भी कंट्रोल रखने में मदद करता है।

डाभ नींबू
छठ पूजा में चढ़ने वाले फलों में डाभ नींबू भी बहुत खास माना जाता है। इसमें विटामिन सी के गुण पाए जाते हैं। जो इस समय के बदलते मौसम में आपको इम्यूनिटी देते है। डाभ नींबू में अधिक मात्रा में कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। नींबू गैस की समस्या से लेकर आपके पाचन तंत्र को ठीक करने में मदद करता है।

सुथनी
छठ पूजा में प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाने वाले फल में सुथनी भी शामिल है। ये फल दिखने में शकरकंद की तरह होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, कार्ब्स और कई तरह के विटामिन के गुण मौजूद होते हैं। ये फल मेनोपॉज में भी फायदेमंद है। इसी के साथ अस्थमा के लक्षणों को कम करने और आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में भी मदद करता है।

गन्ना
छठ पूजा में गन्ना का बहुत महत्व है। गन्ने में कैल्शियम, आयरन, मैग्रेशियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो हेल्थ के लिए काफी लाभकारी होता है। गन्ना लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। ये कैंसर के जोखिम से भी बचाव करने में मदद करता है। यूरिन इंफेक्शन की प्रॉब्लम से भी बचाव करने में गन्ना काफी कारगर साबित हुआ है।

कच्ची हल्दी
कच्ची हल्दी का छठ पूजा में विशेष महत्व है। पानी में खड़े रहकर अर्घ्य देने के बाद प्रसाद के रूप में कच्ची हल्दी खाई जाती है। इसमें कुरकुमिन नाम का पोषक तत्व पाया जाता है। जो ज्वॉइंट पैन में काफी आराम देता है। कच्ची हल्दी इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करती है। दिल की बीमीरी के साथ कैंसर और अल्जाइमर जैसी बीमारी से भी बचाव करने की क्षमता इसमें पाई जाती है।

सिंघाड़ा
सिंघाड़ा तलाब में होनेे वाला फल है। ये ज्यादातर ठंड के मौसम में होता है। इसे खाने से कई बीमारियों से निजात मिलता है। सिंघाड़ा स्ट्रेस कम करने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद फाइबर की मात्रा आपको वजन कम करने में भी मदद करता है। सिंघाड़ा कैंसर के जोखिम को भी कम करता है।



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