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अब पहले चल सकेगा हार्ट अटैक का पता

मायोसीन वाईडिंग प्रोटीन सी थ्री नामक जीन की जांच के जरिये डा. सिंह हार्ट अटैक का पूर्वानुमान लगा सकते है जांच के बाद वह मरीज को यह बता देंगे कि उसे अगला हार्ट अटैक कब आ सकता है। डा. सिंह काफी समय से इस विषय पर रिसर्च कर रहे थे। अपनी रिसर्च को पूरा करने के बाद उन्होंने दावा किया कि उन्होंने उस जीन की खोज कर ली है जो हार्ट अटैक का जनक है।
उन्होंने इस जीन के परीक्षण से कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक का पता लगाने वाली दवा की खोज चल रही है जिससे रोगी का उपचार समय पर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा मानव शरीर में तीस हजार जीन पाये जाते हैं। प्रत्येक जीन मां व पिता से आते हैं। अगर किसी बच्चे के शरीर में माता पिता के माध्यम से मायोसीन वाइंडिंग प्रोटीन सी थ्री नामक एक एक जीन आ जाये और दोनों जीन खराब हो तो बच्चा या तो जन्म लेने के तत्काल बाद मर जायेगा या एक दो साल तक जीवित रह सकता है।
उन्होंनें कहा कि यदि माता पिता के मायोसीन वाइंडिंग प्रोटीन सी थ्री नामक जीन में कोई एक जीन खराब होगा तो वह 50 साल तक जिंदा रह सकेगा। उनकी इस रिसर्च को चिकित्सा जगत में अभी तक पूरी मान्यता नहीं मिली है लेकिन चिकित्सक व विशेषज्ञ अपने-अपने तरीके से इसका परीक्षण कर रहे हैं ताकि वह किसी नतीजे पर पहुंच सकें।
उधर वैज्ञानिकों ने भी डा. सिंह की रिसर्च की जानकारी एकत्र करनी शुरू कर दी है ताकि वह इसकी बारीकियों का अध्ययन कर इस रिसर्च को और आगे ले जा सकें। फिलहाल हृदय रोगियों को यह खबर राहत देने वाली है अब उनके पहले से ही पता चल सकेगा कि अगला हार्ट अटैक कब होगा जिसके लिए वह पहले से ही तैयारियां कर लेंगे।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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