Latest Updates
-
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास
हृदय रोग से होती है शहरी महिलाओं की मौत
मुंबई। शहरों में रहने वाली लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं की मौत हृदय संबंधी रोगों से होती हैं। विशेषकर देर से बीमारी का पता लगने की वजह से बीमारी लाइलाज हो जाती है, जबकि कई जिंदगियां धूम्रपान की भेंट चढ़ जाती हैं।
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रख्यात हृदय सर्जन एवं एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट मुंबई के उपाध्यक्ष रमाकांत पांडा ने आईएएनएस को बताया, "तंबाकू सेवन की आदत से बचे रहना ही सेहत के लिए अच्छा है।" इस साल विश्व हृदय दिवस का विषय 'महिलाओं एवं बच्चों में हृदय संबंधी रोगों की रोकथाम' है।

जनवरी 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का सफल ऑपरेशन करने के बाद पांडा पहली बार चर्चा में आए थे। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों की महिलाएं धूम्रपान करती हैं। धूम्रपान के बुरे परिणामों के बारे में आज की शिक्षित युवा पीढ़ी गंभीर नहीं है।बॉम्बे हॉस्पिटल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ अनिल शर्मा ने हृदय रोगों से बचने के लिए बहुत ही साधारण सा उपाय सुझाया है। वह कहते हैं, "आज की तेज रफ्तार जिंदगी और फास्टफूड के दौर में दिल के दौरे भी तेजी से हमला करते हैं। इसलिए खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।"
शर्मा ने कहा कि हर साल दिल के दौरे और हृदय संबंधी बीमारियों से लाखों लोग मरते हैं। विशेषकर बड़े शहरों में हृदय रोग संबंधी समस्याएं तेजी से फैल रही हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडीकल रिसर्च (आईसीएमआर) के एक शोध में कहा गया है कि देश में 90 के दशक में दिल के रोगों से प्रति वर्ष 22.6 लाख लोगों की मौत होती थी जबकि 2020 में यह आंकड़ा दोगुना होकर 47.7 लाख मौतें प्रति वर्ष हो जाएगा। डॉ. पांडा ने बताया कि यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल 260,000 बच्चे जन्मजात दिल की बीमारी के शिकार होते हैं, जबकि उनमें से बमुश्किल 10 प्रतिशत का पूरा इलाज हो पाता है।
प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट प्रिंस सुराना कहते हैं कि शरीर को जितना हो सके सक्रिय रखने की कोशिश करनी चाहिए। चहलकदमी और हल्की दौड़ लगानी चाहिए। हर दिन कम से कम 45 मिनट तक व्यायाम करने से हमारा शरीर और हृदय दोनों स्वस्थ रह सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications