Latest Updates
-
Jamun Side Effects: इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए जामुन, फायदे की जगह पहुंचा सकता है भारी नुकसान -
Amarnath Yatra 2026: सावधान! ये 5 लोग नहीं कर सकते अमरनाथ यात्रा, कहीं आप भी तो शामिल नहीं? -
26 या 27 अप्रैल, कब है मोहिनी एकादशी? जानें व्रत की सही तारीख और पारण का शुभ समय -
बेसन या सूजी का चीला, जानें वजन घटाने के लिए कौन सा नाश्ता है सबसे बेस्ट? नोट करें रेसिपी -
तपती धूप में निकलने से पहले खा लें प्याज-हरी मिर्च का ये खास सलाद, लू के थपेड़े भी रहेंगे बेअसर -
Somvar Vrat Katha: सोमवार व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान शिव पूरी करेंगे हर मनोकामना -
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल -
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें
Heat Wave Alert: यूपी-बिहार में मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, लू से बचाव के तरीके जानें
Heat Wave Alert In UP and Bihar : उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में लू का कहर जारी है। बढ़ते तापमान और हीटस्ट्रोक के वजह पिछले तीन दिनों में जान गंवाने वालों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है। मौसम विभाग ने यूपी-बिहार के 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। जिसमें बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर, देवरिया, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ और बलिया शामिल हैं।
गर्मी के बीच बढ़ते तापमान और हीट स्ट्रोक से अस्पतालों में उल्टी-दस्त, बेहोशी और दम फुलने के साथ-साथ ब्लडप्रेशर जैसी बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। आइए जानते हैं कैसे लू से खुद का बचाव करें।

मौसम विभाग के अनुसार हीट वेव तब होता है, जब किसी जगह का तापमान मैदानी इलाकों में 40 डिग्री सेल्सियस, तटीय क्षेत्रों में 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है। जब किसी जगह पर किसी ख़ास दिन उस क्षेत्र के सामान्य तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान दर्ज किया जाता है, तो उसे हीट वेव घोषित कर दिया जाता है। हीटवेव में रात और दिन में सामान्य टेम्परेचर बना रहता है। यदि तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है, तो इसे हीट वेव और 47 डिग्री टेम्परेचर को पार करने पर इसे 'गंभीर' हीट वेव की श्रेणी में रखा जाता है1
लू के लक्षण
हीट वेव के स्वास्थ्य प्रभावों में आमतौर पर पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), ऐंठन, हीटस्ट्रोक आदि शामिल होते हैं। 39 डिग्री सेल्सियस से कम बुखार, सूजन और बेहोशी आमतौर पर ऐंठन के लक्षण होते हैं। थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी, मांसपेशियां ऐंठन और पसीना लू लगने के संकेत देते हैं।
शरीर पर लू का असर
हीटवेव की वजह से शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, रक्त वाहिकाएं भी खुल जाती हैं, जिससे रक्तचाप कम हो जाता है। पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेट करने के लिए हृदय को सामान्य तौर से ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है। लो-ब्लड प्रेशर होने की वजह से सिरदर्द और मतली महसूस होने लगती है। गर्मी से लड़ने के लिए शरीर से भारी पसीना आने लगता है जिससे शरीर में नमक और तरल पदार्थ की कमी से डिहाइड्रेशन हो जाता है।
कैसे बचाव करें
- इस मौसम में खासतौर से ठंडे खाद्य पदार्थों जैसे तरबूज, अजवाइन, सलाद, खीरा जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें। दोपहर के भोजन के लिए हरे रस और कच्चे सलाद जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इसके अलावा, हाइड्रेटेड रहने के लिए छाछ और नारियल पानी पीएं।
- खाने में मसालेदार और तली हुई चीजें कम कर दें। गर्मी के मौसम में तला हुआ खाना खाने से शरीर में आलस बना रहेगा और ये खाना आसानी से पचेगा भी नहीं।
- समय-समय पर ओआरएस पिएं। घर में बने पेय पदार्थों जैसे- नींबू पानी, बटर मिल्क, लस्सी, फलों का जूस आदि का सेवन करें। * बच्चों और पालतू जानवरों को पार्किंग में खड़े किए गए वाहनों में न छोड़ें।
- सूर्य के सीधे प्रकाश से बचने के लिए बाहर निकलने पर छाता या टोपी का इस्तेमाल करें।
- दिन के समय सूरज की दिशा वाले खिड़कियों और दरवाजों को बंद रखें। इन्हें रात के समय खोलें, ताकि ताजा हवा आ सके।
- बहुत जरूरी होने पर सुबह और शाम के समय घर से निकलें। बाहरी गतिविधियों को कम करें।
- रेडियो सुने, अखबार पढ़े और टीवी देखते रहे , ताकि स्थानीय मौसम का पता चलता रहे।
- अगर किसी के शरीर का तापमान बहुत अधिक दिखे और उसे पसीना आना बंद हो गया हो, तो तुरंत 108/102 पर कॉल करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











