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आंतों में चिपके कीड़े चूस लेंगे सारा खून, एनिमिया और पेट फूलने की समस्या से बचने के लिए करें ये घरेलू उपाय
Home Remedies of Intestinal Worms: पेट में कीड़े होने की समस्या बच्चों में बहुत आम होती है लेकिन बड़ों की आंतों में भी कीड़े हो सकते हैं, लेकिन इस बारे में लोगों की जानकारी कम होती है। टैपवार्म, राउंडवॉर्म, पिनवॉर्म या थ्रेडवर्म और हुकवर्म जैसे लगभग
20 प्रकार कीड़े शरीर में प्रवेश करके आंतों में घाव पैदा कर सकते हैं। ये कीड़े इतने खतरनाक होते हैं कि शरीर से पोषक तत्वों को चूसने के साथ ये खून भी पी ले ते हैं। सीडीसी के मुताबिक, इंटेस्टाइनल वॉर्म यानी आंत के कीड़े जिस हिस्से में चिपके होते हैं, वहां से ब्लीडिंग होती रहती है। जिसकी वजह से खून की कमी से एनिमिया होने का खतरा रहता है।

ये लक्षण नजरअंदाज न करें
वायरस की पेट में मौजूदगी पेट की कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। पेट मे कीड़ों की वजह से बच्चों का इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है और उनका वजन भी सामान्य बच्चों से कम होता है।
इसके अलावा वयस्कों को अगर प्राइवेट पार्ट के बाहरी हिस्से पर खुजली और जलन की शिकायत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें, ये पेट में कीड़े होने का संकेत हो सकता है। पेट में कीड़ों की वजह से रोगी को बेचैनी, पेट में गैस बनना, दिल की धड़कन असामान्य होना, बदहजमी, पेट में दर्द, बुखार जैसी कई प्रकार की समस्याएं होती हैं।
पेट में कीड़े होने की वजहें
- पेट में कीड़े होने की सबसे बड़ी वजह है गंदगी, जो लोग अपने शरीर और कपड़ों की सफाई का ध्यान नहीं रखते, उनके पेट में कीड़े होने की आशंका अधिक रहती है।
- दूषित पानी पेट में कीड़े होने की एक बड़ी वजह है इसलिए पानी की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
- पेट में कीड़े बाहर खाई जाने वाली दूषित चीजों से भी हो सकते हैं या कई बार पेट में ही पैदा हो सकते हैं।
- पत्ता गोभी की सब्जियों में अक्सर कीड़े निकलने के मामले सामने आते हैं।
- अधपका मांस खाना की वजह से भी कीड़े हो सकते हैं।
- बच्चों के पेट में कीड़े मिटटी खाने की वजह से हो जाते हैं, मिटटी में खेलते हैं, ऐसे में उनके पेट में कीड़े हो सकते हैं।
क्या है इलाज
रोगी को खाने में रुचि नहीं होती और उसे चक्कर भी आते हैं। गंदगी के कारण ही पेट में कीड़े होते हैं। अशुद्ध और खुला भोजन करने वालों को यह समस्या अधिक होती है। घरेलू उपचार के जरिए इस समस्या का इलाज किया जा सकता है।
प्याज का रस:
यह बच्चों के पेट से कीड़ों को साफ करने मे मदद करता है। कुछ प्याज के टुकड़ों को पीसकर रस बच्चे को खाली पेट पिला दीजिए।
अजवायन:
अजवायन का सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। इसके लिए अजवायन के आधा ग्राम चूर्ण की उतने ही गुड़ में गोली बनाकर दिन में तीन बार मरीज को दें। अजवायन में एंटी बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं जो कीडों को समाप्त कर देते हैं। अजवायन का सेवन 2-3 दिन करने पर कीड़े पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे।
अनार के छिलके:
बच्चों और बड़ों दोनों में पेट के कीड़े हो जाएं तो यह बहुत ही फायदेमंद उपचार है। अनार के छिलकों को सुखाकर इसका चूर्ण बना लीजिए। यह चूर्णदिन में तीन बार एक-एक चम्मच लीजिए। कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से पेट के कीड़े पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं।
नीम के पत्ते:
नीम के पत्तों का सेवन करने से पेट की हर तरह की समस्या दूर हो जाती है। नीम के पत्ते एंटीबायोटिक होते हैं जो पेट के कीड़ों को नष्ट कर देते हैं। नीम के पत्तों को पीसकर उसमें शहद मिलाकर लेने से जल्दी फायदा होता है और कीड़े नष्ट हो जाते हैं। सुबह के वक्त इनका सेवन करना अधिक फायदेमंद होता है।
तुलसी की पत्तियां :
आंतों में कीड़े होने पर तुलसी के पत्तों का एक चम्मच रस दिन में दो बार पीने से पेट के कीड़े मरकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं। इसका सेवन करने से आंत पूरी तरह से साफ हो जाती है और पेट में गैस और कब्ज की भी शिकायत नहीं होती है। तुलसी की पत्तियां पेट के कीड़ों को मिटाने में लाभदायक हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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