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Yoga for PCOD : आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में कई महिलाएं पीरियड्स की अनियमितता, पीसीओडी/पीसीओएस और मासिक धर्म के दौरान होने वाले तेज़ दर्द से परेशान रहती हैं। हार्मोनल असंतुलन के कारण चेहरे पर बाल आना, मुंहासे, वजन बढ़ना और कभी-कभी इनफर्टिलिटी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इन समस्याओं से राहत पाने के लिए योग एक बेहद प्रभावी उपाय है। यदि आप रोजाना सिर्फ 10-15 मिनट कुछ विशेष योगासनों का अभ्यास करें, तो न सिर्फ मासिक चक्र नियमित होगा, बल्कि शरीर और मन को भी संतुलन मिलेगा।
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय योगा एक्सपर्ट काम्या ने कुछ सरल योग मुद्राओं के बारे में बताया है, जो पीसीओएस को नियंत्रित करने और पीरियड्स के दर्द को कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं। इन आसान योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और कुछ ही दिनों में फर्क महसूस करें। आइए जानते हैं वे कौन-कौन से योगासन हैं जो आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

1. गॉडेस पोज़ (Goddess Pose)
इस मुद्रा में दोनों पैरों को चौड़ा करके खड़ा होना होता है और घुटनों को मोड़कर "देवी" की मुद्रा बनानी होती है। हाथों को ऊपर की ओर उठाकर नमस्कार की स्थिति में रखें। यह मुद्रा गर्भाशय और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है और हार्मोनल संतुलन को सुधारने में मदद करती है। इस योगासन को कम से कम 10 से 15 बार करें।
2. मालासन से फॉरवर्ड फोल्ड (Malasana to Forward Fold)
मालासन में बैठें यानी पैरों को चौड़ा करके स्क्वाट की मुद्रा में आएं और फिर धीरे-धीरे खड़े होकर आगे की ओर झुकें। यह मूवमेंट पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ाता है और कब्ज व पाचन समस्याओं को दूर करता है। कम से कम 10 बार दोहराएं।
3. बटरफ्लाई पोज़ (Butterfly Pose)
दोनों पैरों को मिलाकर बैठें और घुटनों को बाहर की ओर फैलाएं। तलवों को आपस में जोड़कर पकड़ें और पीठ सीधी रखें। इस मुद्रा से गर्भाशय, जांघों और पेल्विक मांसपेशियों में खिंचाव आता है जिससे पीरियड्स के दौरान दर्द में राहत मिलती है। कम से कम 1 मिनट तक रिपीट करें।
4. चक्की चालानासन (Chakki Chalanasana)
यह मुद्रा आरी चलाने जैसी होती है। दोनों पैरों को फैलाकर बैठें और अपने हाथों को जोड़कर गोल-गोल घूमाएं। यह पाचन को सुधारती है, पेट की चर्बी कम करती है और यूट्रस के आसपास ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है। 10 बार दोनों दिशा में दोहराएं।
5. वाइड लेग चाइल्ड पोज़ (Wide-Leg Child's Pose)
पैरों को फैलाकर बैठें, झुककर माथा ज़मीन से लगाएं और हाथ आगे की ओर फैलाएं। यह पोज़ रीढ़ की हड्डी और पेल्विक क्षेत्र को आराम देती है, जिससे क्रैम्प्स में राहत मिलती है। इस एक्सरसाइज को कम से कम 30 सेकंड से 1 मिनट तक करें।
6. बटरफ्लाई मूवमेंट
बटरफ्लाई पोज़ की स्थिति में बैठकर घुटनों को ऊपर-नीचे करें। यह मूवमेंट पेल्विक एरिया को खोलता है और मांसपेशियों में लचीलापन लाता है। इस पोज को 15 बार करें।
7. रिक्लाइनिंग बटरफ्लाई होल्ड
बटरफ्लाई मुद्रा में लेट जाएं और अपने दोनों घुटनों को फैलाकर रखें। यह पोज़ अत्यधिक आराम देने वाली होती है और पूरी बॉडी को रिलैक्स करती है। इससे हार्मोन संतुलन बेहतर होता है और नींद की गुणवत्ता भी बढ़ती है। इसे 1 से 2 मिनट तक दोहराएं।



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