Periods Delaying Pills : मासिक धर्म को रोकने के लिए कितना सुरक्षित है दवा का इस्तेमाल? जानें जवाब

Periods Delaying Pills Side effect : घर में कोई खास पूजा पाठ हो या फिर किसी फंक्शन या यात्रा पर जाना हो और उसी बीच पीरियड्स की भी डेट आ जाए, तो महिलाओं को सबसे आसान तरीका दवा खाकर अपनी डेट को आगे बढ़ाना ही सही लगता है। लेक‍िन आपको नहीं पता होगा क‍ि बिना सोचे-समझे पीरियड टालने वाली दवा खाने से आपके शरीर को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

माहवारी या पीरियड की डेट आगे बढ़ाने वाली दवाएं हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ली जाती हैं जो जरूरत और शरीर के हिसाब से दवा देते हैं।

Periods Late Karne Ki Medicine ke Side Effects

लेकिन जब तक बहुत ज्यादा जरूरी नहीं हो, इस तरह की दवाओं को लेने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं इनके साइडइफेक्‍ट-

कैसे करती हैं दवाएं काम

महिलाओं के पीरियड्स शरीर में मौजूद एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन पर निर्भर रहते हैं। जब पीरियड्स रोकने के लिए दवाएं ली जाती हैं, तो शरीर में प्रोजेस्टेरॉन हॉर्मोन का लेवल बढ़ जाता है। हॉर्मोन के प्रभावित होने की वजह से पीरियड्स बंद हो जाते हैं।

हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाता है

इन दवाओं का कम सेवन शरीर पर कम प्रभाव डालता है लेकिन अगर आप इनका ज्यादा सेवन करेंगे तो ये कई खतरे भी पैदा कर सकती हैं। इन दवाओं के बार-बार इस्तेमाल आपके शरीर में हार्मोन को बदल सकते हैं। इससे मासिक धर्म चक्र में गड़बड़ी पैदा होगी। इन गोलियों से जुड़े कुछ बुरे प्रभाव भी हैं। हालांकि अलग-अलग महिलाओं में इनके अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलते हैं। थकान, सुस्ती, चिढ़चिढ़ेपन के अलावा, लीवर में भी दिक्कत आ सकती है। अगले पीरियड्स में हेवी ब्लीडिंग, इर्रेगुलर पीरियड्स, यूट्रस सम्बंधी समस्याएं, हाथ-पैरों में सूजन, उल्टी, पीरियड्स के बिना ब्लीडिंग या मूड स्विंग्स जैसी परेशानियों से सामना हो सकता है।

लीवर के ल‍िए खतरनाक

पीरियड्स रोकने वाली दवा लेने से लीवर को नुकसान हो सकता है। दरअसल ये गोलियां शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव लाती हैं जो लीवर के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं।

Periods Late Karne Ki Medicine ke Side Effects

फर्टिल‍िटी पर भी पड़ता है असर

पीरियड्स रोकने वाली दवा का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से महिलाओं की फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। लगातार लेने से अंडाशयों को नुकसान पहुंच सकता है और ओव्यूलेशन प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। इसके कारण भविष्य में गर्भ धारण करने में परेशानी, गर्भपात या गर्भावस्था से संबंधित जटिलताएं हो सकती हैं।

कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स की जगह इसे न करें इस्‍तेमाल

कुछ महिलाएं पीरियड्स टालने की गोलियों को महिलाएं ना-समझी में कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के तौर पर देखती और इस्तेमाल करती हैं। कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स प्रेग्नेंसी को कंट्रोल करती हैं। इनका इस्तेमाल पीरियड्स को आगे पीछे खिसकाने के लिए नहीं करना चाहिए।

क‍िन कंडीशन में डॉक्टर देते हैं दवा लेने का सुझाव?

डॉक्टर्स दो ही कंडीशन में इस तरह की दवा का इस्‍तेमाल करने देते हैं। पहला, तब जब पेशेंट आकर किसी तरह की प्रॉब्लम बताती हैं, जिनमें कोई जरूरी वजह हो, जो उन्हें दवा लेने को मजबूर करे। ऐसी स्थिति में उनकी फिजिकल हेल्थ को मॉनिटर करने के बाद ही उन्हें दवा लेने की सलाह दी जाती है। दूसरी वजह, जब किसी ट्रीटमेंट या सर्जरी के लिए पीरियड्स को टालना जरूरी हो जाए। इन दोनों स्थिति में ही डॉक्टर्स इन दवाओं को लेने की सलाह देते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, January 30, 2024, 10:30 [IST]
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