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Heat Wave In Odisha : IMD ने जारी की येलो और ऑरेंज अलर्ट, रथयात्रा के दौरान लू से बचने के लिए करें ये उपाय
ओडिशा में तापमान 44 डिग्री पार हो गया है और लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में लू को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर दिया है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन को रथ यात्रा उत्सव के दौरान इस बार करीब 25 लाख लोगों के आने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन भी लू से बचाव के लिए अपनी ओर से यथा संभव प्रयास कर रही हैं।
20 जून से शुरु होने वाली रथ यात्रा में अगर आप भी शामिल होने जा रहे हैं, तो आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता हैं। आइए जानते हैं कि ऐसी भीषण गर्मी के दौरान कैसे खुद को सुरक्षित रखें।

हीट वेव क्या है?
ओडिशा तटीय इलाका है, मौसम विभाग के अनुसार जब किसी जगह का तापमान मैदानी इलाकों में 40 डिग्री सेल्सियस, तटीय क्षेत्रों में 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है। और क्षेत्र के सामान्य तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान दर्ज किया जाता है, तो उसे हीट वेव घोषित कर दिया जाता है। मौसम विभाग ने ओडिशा के अलग-अलग क्षेत्रों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
लू के लक्षण
हीट वेव के स्वास्थ्य प्रभावों में आमतौर पर पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), ऐंठन, हीटस्ट्रोक आदि शामिल होते हैं। 39 डिग्री सेल्सियस से कम बुखार, सूजन और बेहोशी आमतौर पर ऐंठन के लक्षण होते हैं। थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी, मांसपेशियां ऐंठन और पसीना लू लगने के संकेत देते हैं
भगवान जगन्नाथ को चढ़ाया जाने वाला तोरानी पिएं
तोरानी यानी चावल का मांड। ये दो प्रमुख सामग्रियों से बनकर तैयार किया जाता है, चावल और पानी। उड़ीसा में इसे गर्मियों के दिन में खूब पिया जाता है। और भगवान जगन्नाथ का चढ़ाया जाने वाला सबसे लोकप्रिय घरेलू पेय है। कहा जाता है कि जब भगवान जगन्नाथ को लू लगती हैं, तो इसे पिलाया जाता है। यह एक फर्मेंटेड ड्रिंक है जो चिलचिलाती गर्मी के दौरान शरीर को ठंडा रखने का काम करता है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में इसे खूब पीया जाता है।

कैसे बचाव करें
- इस मौसम में खासतौर से ठंडे खाद्य पदार्थों जैसे तरबूज, अजवाइन, सलाद, खीरा जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें। दोपहर के भोजन के लिए हरे रस और कच्चे सलाद जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इसके अलावा, हाइड्रेटेड रहने के लिए छाछ और नारियल पानी पीएं।
- प्यास लगने पर जगह-जगह प्रशासन द्वारा लगाए गए स्टॉल से पानी की बोतल लेकर प्यास बुझाएं।
- खाने में मसालेदार और तली हुई चीजें कम कर दें। गर्मी के मौसम में तला हुआ खाना खाने से शरीर में आलस बना रहेगा और ये खाना आसानी से पचेगा भी नहीं।
- समय-समय पर ओआरएस पिएं। घर में बने पेय पदार्थों जैसे- नींबू पानी, बटर मिल्क, लस्सी, फलों का जूस आदि का सेवन करें।
- सूर्य के सीधे प्रकाश से बचने के लिए बाहर निकलने पर छाता या टोपी का इस्तेमाल करें।
- दिन के समय सूरज की दिशा वाले खिड़कियों और दरवाजों को बंद रखें। इन्हें रात के समय खोलें, ताकि ताजा हवा आ सके।
- हल्के और सूती कपड़े पहनकर निकलें।
- अगर किसी के शरीर का तापमान बहुत अधिक दिखे और चक्कर, बेहोश होने की स्थिति पर प्रशासन के द्वारा जगह-जगह पर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई हैं, वहां जाकर सम्पर्क करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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