Latest Updates
-
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर -
Rudrabhishek Vidhi: घर पर शिव जी का रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम -
Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर करें ये 5 सरल उपाय, कालसर्प दोष से मिलेगी राहत
किचन स्पॉन्ज होता है बैक्टीरिया का घर, कहीं ये कर ना दें आपको बीमार
किचन एक ऐसी जगह है, जिसे लोग हमेशा ही साफ-सुथरा रखने का प्रयास करते हैं। किचन क्लीनिंग में वे काफी समय व मेहनत भी खर्च करते हैं। किचन के विभिन्न हिस्सों से लेकर बर्तनों को साफ करने के लिए स्पॉन्ज का इस्तेमाल किया जाता है।
अमूमन हम सोचते हैं कि इसके बाद हमारी किचन साफ हो गई है। लेकिन क्या आपको पता है कि वास्तव में यही स्पॉन्ज कई तरह की बीमारियों की जड़ होता है। इन स्पॉन्ज पर कई तरह के बैक्टीरिया आसानी से पनप सकते हैं। इस तरह अगर देखा जाए तो वास्तव में किचन एक ऐसी जगह है, जहां पर सबसे ज्यादा बैक्टीरिया पनपते हैं और फिर उसके कारण कई तरह की बीमारियां होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। तो चलिए आज इस लेख में हम इस बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं-

क्या कहती है स्टडी
स्टडी में भी यह बात साबित हो चुकी है कि क्लीनिंग स्पॉन्ज कई तरह के बैक्टीरिया का घर हो सकते हैं। जर्मन शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, क्लीनिंग करने वाले स्पॉन्ज 'रिस्क ग्रुप 2' बैक्टीरिया की मेजबानी करते हैं। मसलन, मोराक्सेला ओस्लोएन्सिस या गैमाप्रोटोबैक्टीरिया नामक बैक्टीरिया का एक वर्ग है, जिसमें टाइफाइड बुखार, हैजा और फूड पॉइजनिंग पैदा करने वाले बैक्टीरिया सहित कई मानव रोगजनक शामिल हैं। शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में यह भी लिखा है कि रसोई के वातावरण शौचालयों की तुलना में अधिक रोगाणुओं की मेजबानी करते है। खासतौर से, ऐसा रसोई के स्पॉन्ज के कारण था।
क्लीनिंग का यह तरीका नहीं है सही
कई लोग अपने किचन स्पॉन्ज को क्लीन करने के लिए डिशवॉशर का इस्तेमाल करते हैं या माइक्रोवेव में डालकर या उबालकर साफ करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, इन तरीकों को क्लीनिंग के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं माना जाता है। शोधकर्ताओं ने जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित अध्ययन में खुलासा किया है। वास्तव में, नियमित रूप से साफ किए जाने वाले स्पंज उन स्पंजों की तुलना में अधिक क्लीन नहीं होते हैं जिन्हें कभी साफ नहीं किया जाता है। दरअसल, अपने बैक्टीरिया रेसिस्टेंट होने के कारण उनकी उपस्थिति ऐसी ही रहती है। यहां तक कि वे जल्दी से रिप्रोड्यूस भी कर सकते हैं, जिसके कारण बैक्टीरिया की संख्या में तेजी से वृद्धि हो सकती है।
स्पॉन्ज का इस्तेमाल करें या नहीं
अब सवाल यह उठता है कि बड़ी संख्या में बैक्टीरिया का घर होने के कारण स्पॉन्ज का इस्तेमाल किया जाए या नहीं। चूंकि, अभी बर्तनों की क्लीनिंग के लिए स्पॉन्ज का कोई दूसरा प्रभावी अल्टरनेटिव नजर नहीं आता है, इसलिए आप स्पॉन्ज का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आप स्पॉन्ज को साफ करने की जगह उन्हें साप्ताहिक रूप से बदलें। जब आप ऐसा करते हैं तो इससे बीमार होने की संभावना काफी कम हो जाती है। इसके अलावा, किचन के काउंटरटॉप को साफ करने के लिए आप स्पॉन्ज की जगह पेपर टॉवल का इस्तेमाल करें, जिसके केवल एक बार ही इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप कपड़े के टॉवल का इस्तेमाल करते हैं, तो उसे यूज करने के बाद वाशिंग मशीन में गर्म पानी की मदद से क्लीन करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications