Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होता है ब्रेन ट्यूमर! जानिए इससे जुड़े मिथक और फैक्ट्स
विश्व स्तर पर ब्रेन ट्यूमर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ब्रेन ट्यूमर दिमाग से जुड़ी बीमारी से मौत होने का प्रमुख कारण है। बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी इस बीमारी का शिकार हो सकते हैं।
ब्रेन ट्यूमर दिमाग के सेल्स में होने वाली असामान्य वृद्धि की समस्या है, जिसके कारण व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर के बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी होती है। जिस कारण लोग इसके कई मिथकों पर भी विश्वास कर लेते हैं। एक्सपर्ट्स की माने तो किसी भी बीमारी से बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आपको उस बीमारी के बारे में सही जानकारी हो। ऐसे में आज हम इस आर्टिकल के जरिए आपको कुछ मिथक और उनसे जुड़े तथ्या आपको बताने जा रहे हैं।

मिथक 1.: ब्रेन ट्यूमर हमेशा कैंसरयुक्त होते हैं!
तथ्य: कुछ ब्रेन ट्यूमर कैंसर के बिना भी होते हैं, सभी ब्रेन ट्यूमर कैंसर वाले नहीं होते हैं। बल्कि बिना कैंसर के भी कई ब्रेन ट्यूमर होते हैं। सौम्य ट्यूमर को अभी भी उनके आकार और स्थान के आधार पर डॉक्टर के दखल अंदाजी और निगरानी की जरूरत हो सकती है, क्योंकि वे दिमाग में आसपास की संरचनाओं पर दबाव डालकर लक्षण पैदा कर सकते हैं।
मिथक 2.: ब्रेन ट्यूमर हमेशा ध्यान देने वाले लक्षण पैदा करते हैं!
तथ्य: सभी ब्रेन ट्यूमर ध्यान देने योग्य लक्षण पैदा नहीं करते हैं, खासकर शुरुआती चरणों में। बेमेल स्थितियों के लिए इमेजिंग टेस्ट के दौरान कुछ ब्रेन ट्यूमर की खोज की जा सकती है। हालांकि, जैसे-जैसे ब्रेन ट्यूमर बढ़ता है या दिमाग के कुछ हिस्सों को प्रभावित करता है, तो यह कई तरह के लक्षण पैदा कर सकता है जैसे सिरदर्द, दौरे पड़ना, नजरे कमजोर होना, बोलने या चलने में मुश्किल होना।
मिथक 3.: ब्रेन ट्यूमर हमेशा खतरनाक होते हैं!
तथ्य: ब्रेन ट्यूमर गंभीर और जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, लेकिन सभी ब्रेन ट्यूमर खतरनाक नहीं होते हैं। बल्कि अलग-अलग कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें ट्यूमर के प्रकार, स्थान, आकार और ग्रेड के साथ-साथ व्यक्ति का स्वास्थ्य भी शामिल है। कुछ ब्रेन ट्यूमर का सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी या अन्य इलाजों के कॉम्बिनेशन से सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है, जिससे सकारात्मक परिणाम मिलते हैं और लंबे समय तक मरीज जिंदा रह सकता है।
मिथक 4.: सेल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर होता है!
तथ्य: सेल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर होने के बीच संबंध दिखाने के लिए अभी तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं। इस संबंध की जांच के लिए कई अध्ययन किए गए हैं, और सभी में एक ही खुलासा हुआ है कि सेल फोन के यूज और ब्रेन ट्यूमर के खतरे के बीच कोई महत्वपूर्ण संबंध नहीं है। हालांकि, अभी भी सेल फोन का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और सामान्य सुरक्षा सावधानियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
जब ब्रेन ट्यूमर को समझने की बात आती है तो डॉक्टर, एक्सपर्ट और सही जानकारी पर भरोसा करना बहुत जरूरी होता है। अगर आपके दिमाग में भी ब्रेन ट्यूमर को लेकर कई तरह के सवाल है तो लोगों की कही सुनी बातों पर विश्वास करने के स्थान पर किसी भी एक्सपर्ट या डॉक्टर से सलाह लेने की कोशिश करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











