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स्ट्रोलर का इस्तेमाल करते समय ये सेफ्टी टिप्स आएंगे काम
आज के समय में मार्केट में बेबी के लिए कई बेहतरीन प्रोडक्ट्स अवेलेबल हैं, जो बेबी और पैरेंट्स दोनों के लिए ही बेहद लाभदायक हैं। इन्हीं में से एक है स्ट्रोलर। यह एक ट्रेवल फ्रेंडली प्रोडक्ट है। इसके इस्तेमाल से बेबी और पैरेंट्स दोनों को ही किसी तरह की असुविधा नहीं होती है। जहां बेबी स्ट्रोलर में बेहद ही कंफर्टेबल तरीके से आराम कर पाता है। वहीं, पैरेंट्स को भी लंबे समय तक बच्चे को गोद में नहीं लेना पड़ता है।

कारण है कि जिन भी घरों में छोटे बच्चे होते हैं, वहां पर पैरेंट्स स्ट्रोलर का इस्तेमाल जरूर करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि स्ट्रोलर को इस्तेमाल हमेशा बेबी की उम्र का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही साथ, स्ट्रोलर इस्तेमाल करते समय कुछ सेफ्टी टिप्स को भी अवश्य फॉलो करना चाहिए। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको इस बारे में बता रहे हैं-
बेबी के लिए स्ट्रोलर का इस्तेमाल कब करें
यूं तो लोग न्यूबॉर्न के लिए भी स्ट्रोलर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन ऐसे में बेबी के लिए स्ट्रोलर की पोजिशन ऐसी हो, जिसमें वह सीधे आसानी से लेट पाए। साथ ही, यह भी ध्यान रखना चाहिए कि न्यूबॉर्न को कभी स्ट्रोलर में बाहर घुमाने के लिए नहीं ले जाना चाहिए। इस उम्र में उनका अपने सिर पर पूरा नियंत्रण नहीं होता है। जिससे उन्हें चोट लग सकती है। बेहतर होगा कि जब बच्चे लगभग चार महीने के हो जाएं और उनका अपने सिर पर पर्याप्त नियंत्रण हो, तभी स्ट्रोलर का इस्तेमाल करें। आप इस समय स्ट्रोलर सीट को रिक्लाइंड पोजिशन में रख सकते हैं। इसके अलावा, आप स्ट्रोलर सीट को बैठने की पोजिशन में तभी करें, जब बच्चा अपने आप बैठ सकता है, मसलन पांच से सात महीने के बीच।
स्ट्रोलर का इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ध्यान
यूं तो मार्केट में कई तरह के स्ट्रोलर मौजूद हैं, जो बेबी के साथ आउटिंग को अधिक आसन बनाते हैं। लेकिन फिर भी इन्हें इस्तेमाल करते समय आपको कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना चाहिए। मसलन-
• कभी भी अपने बच्चे को स्ट्रोलर में अकेला ना छोड़ें। हमेशा सुनिश्चित करें कि बच्चे के साथ हमेशा कोई ना कोई अवश्य हो।
• कई बार पैरेंट्स स्ट्रोलर में बेबी के साथ-साथ अन्य सामान भी रख देते हैं। लेकिन ऐसा करने से ना केवल बेबी को चोट लग सकती है, बल्कि ओवरलोडिंग से स्ट्रोलर को भी नुकसान हो सकता है।
• हमेशा सुनिश्चित करें कि जब आप बेबी को स्ट्रोलर में लेटाएं तो सेफ्टी हारनेस का इस्तेमाल अवश्य करें। इससे किसी अप्रिय स्थिति में भी बच्चे को चोट लगने की संभावना काफी कम होगी।
• कभी भी स्ट्रोलर के हैंडल पर बास्केट या पॉलिथिन ना लटकाएं, क्योंकि इससे वह पलट सकता है।
• स्ट्रोलर में अतिरिक्त पिलो या कंबल ना रखें। इससे बेबी को घुटन महसूसस हो सकती है।
• जब भी आप स्ट्रोलर को रोकें तो पहिये के ब्रेक अवश्य ऑन करें।
• समय-समय स्ट्रोलर को अवश्य चेक करते रहें। इससे आपको पहियों के लूज होने से लेकर अन्य खराबी का पता चल जाएगा और इस तरह आप शिशु को सुरक्षित रख पाएंगे।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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