Latest Updates
-
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व
मरने के बाद भी जिंदा रहते हैं शरीर के ये 11 अंग, जानिए कैसे करते हैं काम
Human Body Parts Functions After Death : मुत्यु को लेकर इंसान के मन में कई तरह के सवाल हैं। इनमें से एक हैं कि मरने के कितने बाद शरीर के अंग काम करना बंद करते हैं? लेकिन आप यकीन नहीं करेंगे कि मरने के बाद सांसे चलना बंद हो जाती हैं। लेकिन फिर भी ब्रेन जिंदा जिंदा रहता है। जी हां, मस्तिष्क नहीं इसके अतिरिक्त भी शरीर में ऐसे कई फंक्शन हैं, जो मौत के बाद भी कुछ मिनट, घंटों और दिनों तक जारी रहते हैं।
आइए जानते हैं आज उन अंगों के बारे में जो मौत के बाद भी जीवित रहते हैं।

स्किन
मरने के बाद त्वचा 24 घंटे से कहीं ज्यादा वक्त तक ज़िंदा रहती है। शरीर की कुछ कोशिकाएं मरने के बाद भी हरकत में रहती हैं और खुद की मरम्मत करती रहती हैं। ये स्थिति कई दिनों तक चलती रहती है। इंसान के अलावा जानवरों में भी ये प्रक्रिया चलती रहती है और स्किन लिविंग बनी रहती है।
जन्म देना
हालांकि यह एक दुर्लभ घटना है, लेकिन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जब गर्भवती महिला ने मृत्यु के बाद भी बच्चे को जन्म दिया है। कई जगह इसे 'कॉफिन बर्थ' कहा जाता था। मरने के बाद शरीर में गैसें बनने लगती हैं, जिससे मांस नरम हो जाता है। गैसें गर्भाशय पर दबाव डालती हैं, जिसकी वजह से भ्रूण शरीर से बाहर निकल जाता है।
तंत्रिका तंत्र
मरने के बाद ब्रेन भी काम करता रहता है। तंत्रिका तंत्र यानी सिस्टम अपना काम बंद करने में अच्छा वक्त लेता है। यही वजह है कि ब्रेन एक्टिव रहता है तब तक मसल्स भी एक्टिव रहती है। शरीर कई बार फड़कता हुआ या हरकतें करता हुआ दिखाई देता है। मांसपेशियां जकड़ जाती हैं लेकिन इनमें कई बार वैसी हरकत होती है, जैसी ज़िंदा होने के वक्त होती थी।
डीएनए
डीएनए मृत्यु के बाद ही ज्यादा एक्टिव होता है और अधिक मात्रा में प्रोटींस बनाने लगता है। इतने ही नहीं इंसान के शरीर में पाचन क्रिया भी चलती रहती है। अमीनो एसिड की वजह से शरीर से दुर्गंध भी आ सकती है, यही वजह है कि नाक और मुंह को रुई से ढंका जाता है।
बाल और नाखून
इंसान के मरने के बाद भी उसके बाल और नाखूनों की कोशिकाएं सक्रिय रहती हैं और खुद ब खुद बाल और नाखून बढ़ते रहते हैं। कुछ लोग ऐसे देखे गए हैं, निधन के बाद जिनके चेहरे पर दाढ़ी बढ़ जाती है।
ब्लैडर
आपको यकीन नहीं होगा लेकिन शरीर में ब्लैडर खाली करने की प्रक्रिया मौत के बाद भी चलती रहती है। यही वजह है कि शव थोड़ी देर बाद गीले हो जाते हैं क्योंकि शरीर में जमा या इक्ट्ठा मूत्र भी धीरे-धीरे बाहर आने लगता है।
दिल की धड़कन
मुत्यु के बाद भी 20 मिनट तक दिल की धड़कन चलती रहती है। हार्ट को जब तक ब्लड सप्लाई मिलती रहेगी तब तक वो फंक्शन करेगा। दरअसल दिमाग हार्ट का कंट्रोल देखता है कि उसे कितनी देर तक चलना है और कितना तेज चलना है। ऑक्सीजन आना जब धीरे- धीरे बंद हो जाता है, तो दिल भी धीरे-धीरे धड़कना बंद कर देता है। दिल की धड़कन 5 मिनट से लेकर 20 मिनट तक चलती रहती है।
पाचन
जो एंजाइम्स पेट में खाने को पचाते हैं, मौत के बाद वे आंत को पचाने लगते हैं। शरीर में गैस और तरल पदार्थ की मात्रा बढ़ जाने की वजह से लाश फूलने लगती है।
पेट भी साफ हो जाता है
शरीर के ज्यादातर हिस्सा मौत के बाद टाइट होकर अकड़ जाता है, लेकिन कुछ हिस्से अपने आप ढीले हो जाते हैं। इनमें से एक है-मलाशय पर नियंत्रण करने वाला सिस्टम भी। जब इंसान की मौत होती है तो ये नियंत्रण खत्म हो जाता है, ऐसे में शरीर के अपशिष्ट पदार्थ खुद ही शरीर को छोड़कर बाहर आ जाते हैं।
इरेक्शन
मरने के बाद भी किसी-किसी पुरुष में इरेक्शन देखी जा सकती है, खासकर उनमें जिन्हें फांसी दी गई हो। मृत्यु के बाद इरेक्शन को तकनीकी भाषा में प्रायापिज़्म कहते हैं। इसे अंग्रेज़ी में डेथ इरेक्शन (Death Erection) कहते हैं। जब दिल पूरी तरह से धड़कना बंद कर देता है तो यह रक्त शरीर के सबसे निचले स्तर पर आकर लिंग में जमा हो जाता है, जिससे इरेक्शन होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
