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7 सेकेंड में लग जाएगा दिल की बीमारी का पता, 14 साल के सिद्धार्थ नंदयाला ने बनाया ऐसा अनोखा AI ऐप
Meet 14-Year-Old Indian-Origin Techie : काबिलियत उम्र की मोहताज नहीं होती, और 14 साल के युवा उद्यमी सिद्धार्थ नंदयाला इसका उदाहरण हैं। उन्होंने एक अनोखा मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया है, जो चंद सेकंडों में दिल की सेहत की जांच कर सकता है। खास बात यह है कि सिद्धार्थ दुनिया के सबसे कम उम्र के सर्टिफाइड एआई प्रोफेशनल हैं, जिन्होंने अपने हुनर से तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है।

सर्कैडियन एआई ऐप - मेडिकल फील्ड में नया इनोवेशन
सिद्धार्थ नंदयाला द्वारा विकसित "Circadian AI" ऐप को मेडिकल जगत में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। यह ऐप स्मार्टफोन के जरिए दिल की ध्वनि को रिकॉर्ड करके हृदय संबंधी बीमारियों की पहचान करने में मदद करता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि शुरुआती डायग्नोसिस के जरिए मरीजों को समय रहते हेल्थकेयर सर्विस मिल सकती है, जिससे गंभीर हृदय रोगों को रोका जा सकता है।
भारत में सफल परीक्षण
सर्कैडियन एआई का परीक्षण भारत के आंध्र प्रदेश स्थित गुंटूर सरकारी अस्पताल (जीजीएच) में किया गया। इस दौरान यह ऐप काफी प्रभावी साबित हुआ और डॉक्टरों ने इसे मेडिकल सेक्टर में उपयोगी पाया। यही नहीं, इसका परीक्षण अमेरिका में 15,000 से अधिक और भारत में लगभग 700 रोगियों पर किया गया, जिसमें इसे 96% सटीकता मिली।
राजनीतिक हस्तियों की सराहना
सिद्धार्थ ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से मुलाकात की। दोनों नेता उनके इनोवेशन से प्रभावित हुए और उन्हें हरसंभव समर्थन देने का आश्वासन दिया। चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "एक्स" पर सिद्धार्थ की तारीफ करते हुए लिखा, "मैं उन्हें हेल्थ टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से प्रोत्साहित करता हूं और उनके हर प्रयास में समर्थन देने का वादा करता हूं।"
ग्लोबल एआई समिट में भागीदारी
सितंबर 2023 में, सिद्धार्थ ने हैदराबाद में आयोजित ग्लोबल एआई समिट में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य और उसकी संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। उनकी इनोवेटिव सोच और उपलब्धियों ने टेक्नोलॉजी जगत में उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
कौन हैं सिद्धार्थ नंदयाला?
सिद्धार्थ टेक्सास विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस में बीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। इससे पहले, उन्होंने टेक्सास के लॉलर मिडिल स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी। उनकी रुचि हमेशा से STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित) शिक्षा में रही है, और उनका लक्ष्य इसे छात्रों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।
2023 में, उन्होंने "STEM IT" नामक एक पहल शुरू की, जो छात्रों को नवीनतम तकनीकों में स्किल ट्रेनिंग देने पर केंद्रित है। इसके अलावा, वह एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य सस्ते कृत्रिम हाथ (प्रोस्थेटिक) विकसित करना है, जिससे दिव्यांग लोगों को फायदा मिल सके।
सम्मान और उपलब्धियां
सिद्धार्थ को उनकी उपलब्धियों के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। 2023 में, उन्हें "फ्रिस्को चैंबर ऑफ कॉमर्स" द्वारा 'इनोवेटर ऑफ द ईयर' का खिताब दिया गया था। इसके अलावा, वह राष्ट्रीय STEM चैंपियन भी रह चुके हैं। उनके पिता महेश नंदयाला भी एक उद्यमी हैं, जिनसे सिद्धार्थ को बचपन से ही इनोवेशन और बिजनेस का ज्ञान मिला।
निष्कर्ष
सिद्धार्थ नंदयाला अपने कम उम्र में ही मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा योगदान दे रहे हैं। उनका "Circadian AI" ऐप हृदय रोगों के शीघ्र पता लगाने में मदद कर सकता है, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि किसी के पास दृढ़ संकल्प और ज्ञान हो, तो वह किसी भी उम्र में महान कार्य कर सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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