कॉन्सर्ट के दौरान सिंगर मोनाली ठाकुर की बिगड़ी तबीयत, जानें अचानक सांस फूलने की क्‍या होती है वजह?

Monali Thakur Hosptalized : मशहूर सिंगर मोनाली ठाकुर की तबीयत हाल ही में दिनहाटा महोत्सव के दौरान लाइव परफॉर्मेंस के बीच खराब हो गई। उन्होंने अचानक सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की, जिसके बाद उन्होंने परफॉर्मेंस रोक दी। दर्शकों ने बताया कि उनकी स्थिति गंभीर लग रही थी। तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें दिनहाटा सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल ले जाया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें कूचबिहार के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।

मोनाली ठाकुर, जिन्होंने "सवार लूं" और "मोह मोह के धागे" जैसे हिट गानों को अपनी आवाज दी है, फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनकी टीम ने इस घटना के बाद तुरंत मेडिकल सहायता ली, जिससे उनकी हालत में सुधार की उम्मीद है। प्रशंसक उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। आइए जानते हैं-

Monali Thakur Hosptalized

सर्कुलेटरी समस्या हो सकती है

सर्कुलेटरी समस्याएं, लंग्स इंफेक्शन और गंभीर एलर्जी जैसी स्थितियां रेस्पिरेटरी फेलियर का खतरा बढ़ा सकती हैं। ऐसी समस्याओं को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन स्थितियों में सांस लेने में कठिनाई गंभीर रूप ले सकती है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की परेशानी महसूस करे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और इलाज शुरू करें। समय पर ध्यान देने से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है और गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।

दिल से जुड़ी हो सकती हैं समस्‍याएं

एक रिसर्च के अनुसार, 76% हार्ट अटैक मरीजों में सांस लेने में तकलीफ, डिस्पेनिया या थकान जैसे लक्षण पाए जाते हैं। इन मरीजों की जीवन संभावना उन मरीजों से अधिक होती है, जिनमें मुख्य लक्षण सीने में दर्द होता है। ESC एक्यूट कार्डियोवैस्कुलर केयर 2022 में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया कि महिलाओं, बुजुर्गों, और ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, किडनी या लंग्स डिजीज जैसी समस्याओं से ग्रस्त लोगों में हार्ट अटैक के सामान्य लक्षण सांस की दिक्कत और अत्यधिक थकान थे।

चोट की वजह से भी फूलती है सांसे

चेस्ट, ब्रेन या स्पाइन में चोट लगने से रेस्पिरेटरी फेलियर का खतरा बढ़ सकता है। चेस्ट इंजरी के कारण एयरवेज प्रभावित हो सकते हैं, जिससे हवा का प्रवाह बाधित होता है। इसके अलावा, ऐसी चोट से सांस लेने में मदद करने वाली मसल्स, लंग्स, नर्व्स और हड्डियों को नुकसान पहुंच सकता है। ये समस्याएं सांस लेने की प्रक्रिया को गंभीर रूप से बाधित कर सकती हैं। अगर किसी को इस प्रकार की परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लें, क्योंकि यह स्थिति रेस्पिरेटरी फेलियर में बदल सकती है।

धूम्रपान

धूम्रपान सांस से जुड़ी समस्याओं का एक प्रमुख कारण है। यह न केवल धूम्रपान करने वाले की सेहत को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उनके आसपास के लोगों को भी प्रभावित करता है। धूम्रपान फेफड़ों और श्वसन तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। यह आदत कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है, इसलिए इसे जल्द छोड़ना बेहतर है।

ठंड भी हो सकती है वजह

सर्दियों में हवा की नमी कम होने से श्वसन तंत्र में सूखापन और फेफड़ों में सूजन हो सकती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। इस मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है, जो श्वसन संबंधी समस्याओं को और गंभीर बना सकता है। ध्यान और सावधानी जरूरी है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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