Myth vs Fact : शराब पीने वालों को कम काटते हैं मच्छर, जानें इस बात की सच्चाई

अक्सर आपने सुना होगा क‍ि मच्‍छर उन्‍हीं को ज्‍यादा काटते हैं, जिसका खून मीठा होता है। वहीं शराब पीने वालों को कम मच्छर काटते हैं। लेक‍िन इन दोनों बातों का वास्‍तविकता से कोई लेना देना नहीं हैं। आज हम अपने आर्टिकल के जरिए इन्हीं मिथक पर से पर्दा हटाएंगे।

साथ ही यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि इसमें कितनी सच्चाई है? साइंटिस्ट यह तो मानते हैं कि किसी को कम तो किसी को ज्यादा मच्छर काटने के पीछे उनका ब्लड ग्रुप हो सकता है।

इस पर कई रिसर्च किए गए जिसमें साइंटिस्ट कुछ लॉजिक पेश करते हैं. जिसके आधार पर आप यह कह सकते हैं कुछ लोगों को कम मच्छर काटता है। लेकिन शराब पीने वाले को कम काटता है यह पूरी तरह से गलत बात है इसमें कोई लॉजिक नहीं है।

Mosquitoes bite less people who drink alcohol,

आइए कुछ लोगों को मच्छर कम काटते हैं इसके पीछे साइंटिस्ट क्या लॉजिक देते हैं?


प्रेग्नेंसी के दौरान

आम महिला की तुलना प्रेग्नेंसी में ज्यादा मच्छर काटते हैं। इसे लेकर रिसर्च में कहा गया कि यह भी हो सकता है क्योंकि प्रेग्नेंसी के दौरान महिला की बॉडी का टेंपरेचर ज्यादा होता है, और वह ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालती हैं।


गर्म तापमान भी है वजह

इंसान के शरीर में बहुत गर्मी होती है। जहां ज्यादा उमस होती है वहां मच्छर भी ज्यादा काटता है।

शराब पीने वालों को कम काटते हैं मच्छर?

यह बात पूरी तरह से गलत है क‍ि जो लोग शराब पीते हैं उन्हें कम मच्छर काटते हैं। इसका कोई वैज्ञान‍िक सबूत नहीं है।

कार्बन डाइऑक्साइड के वजह से

मच्छर से जब भी अपने वातावरण में ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड महसूस करते हैं वहां बैठ जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति पर महूसस किए तो उसे काटने लगते हैं।

50 मीटर की दूरी से सूंघ लेते है शिकार

मच्छर आमतौर पर उन लोगों को काटते हैं जिनकी त्वचा की सतह पर स्टेरॉयड या कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है। मच्छर अपनी खुराक को 50 मीटर की प्रभावशाली दूरी से ही सूंघ लेते हैं हैं। वे ऐसे लोगों को ज्‍यादा काटते हैं, जो यूरिक एसिड जैसे कुछ एसिड का अधिक मात्रा में उत्पादन करते हैं।

शरीर की गंध

कुछ लोगों के शरीर की गंध तेज होती है। जो मच्‍छरों को आकर्षित करती है। रिसर्च में कहा गया कि व्‍यक्ति की शरीर के गंध में लैक्टिक एसिड और अमोनिया शामिल होते हैं। यही कारण है कि अलग-अलग इंसान में अलग-अलग तरह से गंध होते हैं। इसकी वजह जीन और त्वचा में मौजूद बैक्टीरिया होती है। मच्‍छर अक्‍सर तेज गंध वाले व्‍यक्ति को काटते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, September 29, 2023, 18:27 [IST]
Desktop Bottom Promotion