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Myths vs Facts: रात को दही खानी चाहिए या नहीं, जानें दही से जुड़े ऐसे ही 5 मिथक
Myths and facts about eating Curd: आपने अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा कि इस समय दही का सेवन न करें वरना पेट खराब हो जाएगा। इस मौसम में दही खाने से जुकाम हो जाएगा। कई लोग बारिश और ठंड के मौसम में इसका सेवन करने से परहेज करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यदि वे बेमौसम इसका सेवन करते हैं, तो ये उन्हें बीमार कर देगा या इससे उन्हें अपच की समस्या हो सकती है।
दही के सेवन को लेकर लोगों अक्सर लोगों में कई गलतफहमियां देखने को मिलती है। इन भ्रांतियों की सच्चाई जानना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं दही से जुड़े मिथक और इनकी सच्चाई।

मिथक: मानसून में दही नहीं खाना चाहिए?
तथ्य: दही में गुड बैक्टीरिया की मात्रा के कारण, ये दूध की अपेक्षा अधिक हेल्दी प्रोटीन से समृद्ध होता है। इसलिए दही को पचाना भी आसान होता है।
मिथक: वेटलॉस है, तो दही नहीं खाना चाहिए?
फैक्ट: यह सच नहीं है। वजन घटाने के लिए स्वस्थ फैटी एसिड का सेवन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। लो फैट दूध या स्किम्ड दूध से बने दही के सेवन से सैचुरेटेड फैट नहीं बढ़ेगा या आप मोटे नहीं होंगे। दही कैल्शियम, विटामिन डी, पोटैशियम और प्रोटीन से भी भरपूर होता है ऐसे में वेट लॉस डाइट में शामिल करने के लिए ये परफेक्ट फूड है।
मिथक: ब्रेस्टफीडिंग मां के दही का सेवन करने से मां और शिशु दोनों बीमार हो जाते हैं?
फैक्ट: दही में पाए जाने वाले एक्टिव बैक्टीरिया पाचन में सहायता करते हैं। दही के प्रोबायोटिक तत्व कब्ज और दस्त को कम करने में सहायता करते हैं। इससे मां या शिशु को सर्दी या खांसी नहीं होती। सीमित मात्रा में दही का सेवन किया जा सकता है।
मिथक: प्रेग्नेंट महिलाओं को दही खाने से बचना चाहिए?
तथ्य: कई गर्भवती महिलाओं को पेट खराब होने की समस्या होती है। दही में एक्टिव बैक्टीरिया, लैक्टोबैसिलस और एसिडोफिलस कंपोनेंट होते हैं, जो पाचन क्रिया को थोड़ा स्लो बना सकते हैं। लेकिन कम मात्रा में प्रेग्नेंट महिला इसका सेवन कर सकती है।
मिथक: रात में दही नहीं खाना चाहिए?
फैक्ट: दही में ट्रिप्ट्रोफैन नामक पदार्थ पाया जाता है, जो स्लीप साइकिल को नियंत्रित करने में सहायता करता है। माना जाता है कि ये स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है और इसका सेवन रात या सोने से पहले किया जा सकता है।
मिथक- सर्दी के मौसम में दही का सेवन कर सकता है बीमार?
फैक्ट: कई लोग मानसून के मौसम में दही का सेवन करने से बचते हैं। बता दें कि दही में मौजूद प्रोबायोटिक घटक सालभर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं को रोकने में मदद करते हैं। दही का सेवन रूम टेम्प्रेचर पर खाना बिल्कुल सुरक्षित होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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