Latest Updates
-
Fry Pan Method Fish Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा फिश मसाला -
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video -
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क
National Pet Day: 5 से 7 सप्ताह में डॉग कर सकते है ब्लड डोनेट, ये है पूरा प्रोसेस
इंसानों की तरह, हमारे पेट्स यानी कुत्ते और बिल्ली को भी एनिमिया या दूसरी मेडिकल इमरजेंसी के चलते ब्लड की जरुरत पड़ सकती हैं। हम में से कई लोग घरों में पेट्स रखते हैं और इनकी बच्चों की तरह केयर करते हैं। लेकिन हर साल कई बेजुबान सिर्फ खून की कमी या समय रहते खून नहीं मिलने की वजह से दम तोड़ देते हैं।
कई लोग इस बात से बेखबर है कि पेट्स को भी इंसानों की तरह ब्लड ट्रांसफ्यूजन से जान बचाई जा सकती हैं। जी हां, कई देशों में कुत्ते और बिल्लियों के लिए ब्लड बैंक संचालित किए जाते हैं ताकि आसानी से पेट्स के लिए खून उपलब्ध हो जाता है। और जहां ब्लड बैंक नहीं है, वहां इमरजेंसी में थोड़ी सी अवेयरनेस के चलते आप अपने डॉग या बिल्ली के लिए ब्लड ग्रुप मैच करवाकर डोनेशन प्रोसेस से इनकी जान बचा सकते हैं। आइए जानते है, कैसे ब्लड डोनेशन से आप अपने या किसी दूसरे के पेट्स की जान बचा सकते हैं।

कौनसा डॉग या बिल्ली कर सकते हैं ब्लड डोनेट?
* एक से आठ साल का हो।
* कम से कम 50 पाउंड वजन का हो।
* कभी ब्लड ट्रांसफ्यूजन नहीं हुआ हो।
* सभी जरुरी ब्लड टेस्ट करने के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों की जांच हो चुकी हो जो दूसरे डॉग को संक्रमित कर सकती हैं। (जैसे हार्टवॉर्म या टिक-जनित रोग)
* किसी तरह की दवाई नहीं चल रही हो। (पिस्सू, टिक और हार्टवॉर्म निवारक को छोड़कर)
* सभी आवश्यक टीकाकरण (डीएचपीपी, रेबीज) हो चुके हो।
* ब्लड टेस्ट करवाएं और ब्लड ग्रुप का पता होना चाहिए।
* डॉग शांत और फ्रैंडली होने के साथ ही अजनबियों के साथ सहज होना चाहिए।
बिल्लियों में भी ब्लड डोनेट करने के लिए ऊपर बताई गई लगभग ये ही बातें होनी जरुरी हैं। बस उनमें FELV और FIV जैसी रोग से संक्रमित नहीं होनी चाहिए।

डॉग में 12 तो बिल्लियों में होते हैं 3 ब्लड
* अधिकांश लोगों को यह पता नहीं है कि कुत्तों में सात रक्त प्रकार पाए जाते हैं और बिल्लियों में तीन प्रकार के ब्लड ग्रुप होते हैं। जबकि कुत्तों में 12 से अधिक ब्लड ग्रुप पाएं जाते हैं। डीईए (डॉग एरिथ्रोसाइट एंटीजन) एक अनिवार्य रूप से कुत्ते की लाल रक्त कोशिका में पाया जाने वाला प्रोटीन होता है। डॉग में सबसे कॉमन ब्लड ग्रुप डीईए 1.1 है।
* ग्रेहाउंड्स, बॉक्सर्स, आयरिश वोल्फहाउंड्स, जर्मन शेफर्ड्स, डोबर्मन्स और पिट बुल्स जैसी ब्रीड डीईए 1.1 नेगेटिव होती हैं। लेकिन गोल्डन रिट्रीवर्स और लैब्राडोर जैसी ब्रीड में डीईए 1.1 डीईए 1.1 पॉजिटिव ब्लड ग्रुप पाया जाता है।
* सभी कुत्तों में डीईए 4 रेड सेल प्रोटीन होता है, लेकिन केवल डीईए 4 प्रोटीन वाले कुत्तों को यूनिवर्सल डोनर माना जाता है। इस ब्लड ग्रुप वाले डॉग सभी तरह के ब्लड ग्रुप वालें कुत्तों को सुरक्षित रूप से रक्त देने में सक्षम हैं।

ये है ब्लड डोनेशन का प्रोसेस
रक्तदान की प्रक्रिया के लिए आमतौर पर कुत्तों को बेहोश नहीं किया जाता है। इस प्रोसेस के लिए उन्हें अपने पेट या बाजू के बल लिटा दिया जाता हैं, और एक छोटी सी सुई उनकी गर्दन में गले की नस में डाली जाती है, जहां से लगभग 2 कप ब्लड निकाला जाता है। एक छोटी सी सुई की चुभन (वैक्सीन लगवाने के समान) के अलावा, कोई असुविधा या साइडइफेक्ट नहीं होता है। प्रक्रिया में दस मिनट से भी कम समय लगता है। 2-3 सप्ताहों फिर से नई ब्लड सेल्स बन जाती हैं। और ब्लड डोनेट के बाद किसी विशेष देखभाल की आवश्यकता नहीं होती है। बिल्लियों की ब्लड डोनेशन का प्रोसेस भी कुछ ऐसा ही होता है। लेकिन बिल्ली के ब्लड डोनेशन की खास बात ये है कि इनका ब्लड डोनेट करने के 35 दिन के भीतर ही इस्तेमाल में लिया जा सकता है।
कुत्ता या बिल्ली कितनी बार ब्लड डोनेट कर सकते हैं?
यदि आपका पेट मेडिकली और फिजिकली फिट है, एक बिल्ली आम तौर पर हर 8 सप्ताह में रक्त दे सकती है, और कुत्ते हर 5 से 7 सप्ताह में ब्लड डोनेट कर सकते हैं।
देश में है दो वेटरनरी ब्लड बैंक
देश में पहला वेटरनरी ब्लड बैंक, चेन्नई वेटरनरी यूनिवर्सिटी और दूसरा लुधियाना में है। यहां अत्याधुनिक मशीनें हैं।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications