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सर्वाइकल आर्थराइटिस से जूझ रहे हैं ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक, कितनी खतरनाक है ये कंडीशन?
what is Cervical Osteoarthritis : ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के वरिष्ठ नेता नवीन पटनायक इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी एक गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने खुद जानकारी दी है कि उन्हें सर्वाइकल आर्थराइटिस नामक बीमारी है और इसी के इलाज के लिए वह 22 जून को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में सर्जरी कराने जा रहे हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि "मेडिकल एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार मैं सर्जरी करवा रहा हूं। भगवान जगन्नाथ की कृपा से जल्द ही स्वस्थ होकर लौटूंगा और फिर से सेवा में जुट जाऊंगा।"
नवीन पटनायक की बीमारी ने एक बार फिर इस सवाल को चर्चा में ला दिया है कि सर्वाइकल आर्थराइटिस आखिर है क्या, यह कितनी गंभीर है और इसके लक्षण क्या हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

क्या है सर्वाइकल आर्थराइटिस?
सर्वाइकल आर्थराइटिस को सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस या सर्वाइकल ऑस्टियोआर्थराइटिस भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से गर्दन की रीढ़ (सर्वाइकल स्पाइन) से जुड़ी एक डिजेनेरेटिव बीमारी है, जिसमें गर्दन की हड्डियों, डिस्क और जोड़ (joints) में उम्र के साथ टूट-फूट शुरू हो जाती है। यह आमतौर पर 40 वर्ष की उम्र के बाद शुरू होती है और 60 वर्ष से ऊपर के 85% से अधिक लोगों को किसी न किसी स्तर पर यह समस्या होती है।
मायो क्लीनिक के अनुसार, जैसे-जैसे इंसान की उम्र बढ़ती है, उसकी रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क (जो कुशन का काम करती हैं) सूखने और सिकुड़ने लगती हैं। इससे हड्डियों के बीच घर्षण बढ़ता है, जिससे हड्डियों के किनारों पर हड्डी के उभार (बोन स्पर) बनने लगते हैं। ये हड्डी के उभार कभी-कभी नसों या रीढ़ की हड्डी पर दबाव डाल सकते हैं, जिससे गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं?
सर्वाइकल आर्थराइटिस के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं और कई बार शुरुआत में कोई संकेत भी नहीं मिलते। लेकिन जब यह बढ़ जाती है, तब शरीर में कई तरह की समस्याएं दिखने लगती हैं:
- गर्दन में अकड़न या जकड़न
- सिरदर्द (खासकर गर्दन के पीछे)
- हाथों या पैरों में सुन्नता या झुनझुनी
- कमजोरी या संतुलन खोने की समस्या
- चलने-फिरने में कठिनाई
- मल-मूत्र पर नियंत्रण में कमी
- गर्दन घुमाने में दर्द या परेशानी
अगर रीढ़ की हड्डी या उसकी नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, तो ये लक्षण और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
क्या है इसके मुख्य कारण?
सर्वाइकल आर्थराइटिस का सबसे बड़ा कारण उम्र बढ़ना है। इसके अलावा अन्य कारक भी इस बीमारी को बढ़ावा देते हैं:
डिस्क ड्राई होना: 40 साल के बाद रीढ़ की डिस्क पानी खोने लगती हैं और सिकुड़ जाती हैं। इससे हड्डियों में सीधा घर्षण शुरू हो जाता है।
हर्निएटेड डिस्क: डिस्क के बाहरी हिस्से में दरार आ जाती है और अंदर का मुलायम हिस्सा बाहर निकलकर नसों पर दबाव डाल सकता है।
बोन स्पर का बनना: शरीर रीढ़ को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त हड्डी बनाने लगता है, जो कभी-कभी नसों पर दबाव डालती है।
लिगामेंट का कठोर होना: हड्डियों को जोड़ने वाले ऊतक (ligaments) उम्र के साथ कठोर हो सकते हैं, जिससे गर्दन की लचीलापन कम हो जाती है।
किन लोगों को है ज्यादा खतरा?
कुछ लोगों को यह बीमारी दूसरों की तुलना में अधिक प्रभावित कर सकती है:
- बुजुर्ग: उम्र के साथ इसकी संभावना काफी बढ़ जाती है।
- अनुवांशिक कारण: यदि परिवार में किसी को यह बीमारी रही है, तो जोखिम बढ़ जाता है।
- सिर और गर्दन से जुड़े कार्य: जैसे कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करना, गलत पॉश्चर, भारी वजन उठाना।
- गर्दन में पुरानी चोट: पहले लगी चोट के कारण भविष्य में सर्वाइकल समस्या हो सकती है।
- स्मोकिंग: धूम्रपान करने वालों में यह बीमारी जल्दी और ज्यादा गंभीर रूप में पाई जाती है।
क्या इसका इलाज संभव है?
अधिकतर मामलों में सर्वाइकल आर्थराइटिस का इलाज दवाइयों, फिजियोथेरेपी और जीवनशैली में बदलाव से किया जा सकता है। लेकिन यदि स्थिति गंभीर हो जाए, नसों या रीढ़ पर दबाव बढ़ जाए और शरीर के संतुलन पर असर पड़े, तब सर्जरी की जरूरत पड़ती है - जैसा कि नवीन पटनायक के मामले में हुआ।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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