Latest Updates
-
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय -
Sawan Mehendi Designs 2026: सावन में हाथों पर खूब जचेंगे ये 7 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ -
Mangla Gauri Vrat 2026: आज है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व -
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत -
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश
गौमूत्र से ठीक हुआ नवजोत कौर सिद्धू का कैंसर? खुद किया खुलासा, जानें आयुर्वेद में इसका महत्व और फायदे
Navjot Kaur Sidhu Gaumutra benefits in Hindi: पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर सबको हैरान कर दिया है। नवजोत कौर सिद्धु कैंसर के स्टेज 4 से लड़ रही थीं और डॉक्टरों ने उन्हें कह दिया था कि अब वो सिर्फ 4 हफ्ते ही सर्वाइव कर पाएंगी। मगर नवजोत कौर ने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात दी और आज 4 सालों से अच्छी लाइफ जी रही हैं। उन्होंने खुलासा किया कि अपनी कीमोथेरेपी और मेडिकल इलाज के साथ-साथ उन्होंने गौमूत्र का नियमित सेवन किया, जिसे वह अपनी रिकवरी का एक मुख्य कारण मानती हैं।
उनके अनुसार, आयुर्वेद की शक्ति और खान-पान में अनुशासन ने उन्हें इस मुश्किल घड़ी से बाहर निकाला। इस बारे में खुद नवजोत कौर ने अनिरुद्धाचार्य से बात करते हुए बताया। आइए जान लेते हैं गौमूत्र के फायदे और आयुर्वेद में इसका क्या है महत्व...

खुद किया चौंकाने वाला खुलासा
क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धु की पत्नी नवजोत कौर सिद्धु पिछले 4 सालों से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रही हैं। उन्हें स्टेज 4 का कैंसर हो गया था और डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया था। मगर नवजोत ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि उन्होंने गौमूत्र से कैंसर से रिकवरी की। उन्होंने गौमूत्र से स्नान किया और उसका सेवन किया और आर्युवेदिक डाइट को फॉलो किया। ये सब बातें उन्होंने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज को बताई और उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
आयुर्वेद में गौमूत्र का महत्व: 'संजीवनी' के समान
आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों, जैसे चरक संहिता और सुश्रुत संहिता, में गौमूत्र को 'पंचगव्य' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। इसे 'अर्क' के रूप में शुद्ध करके औषधीय कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, इसमें विषहरण (Detoxification) की अद्भुत क्षमता होती है और यह शरीर के तीनों दोषों वात, पित्त और कफ को संतुलित करने में सहायक है।
गौमूत्र के सेवन के 7 औषधीय फायदे
प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर
गौमूत्र शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे रक्त शुद्ध होता है।
इम्युनिटी बढ़ाता है
इसमें मौजूद कॉपर और स्वर्ण भस्म के अंश (अति सूक्ष्म) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।
पाचन में सहायक
यह पेट की समस्याओं, जैसे कब्ज, गैस और एसिडिटी को दूर करने में बहुत प्रभावी माना जाता है।
वजन घटाने में मददगार
नियमित रूप से अर्क का सेवन मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है।
एंटी-कैंसर गुण
कुछ शोधों और आयुर्वेद विशेषज्ञों का मानना है कि गौमूत्र में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकते हैं (हालांकि इसे डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए)।
त्वचा रोगों का समाधान
दाद, खाज, खुजली और सोरायसिस जैसी बीमारियों में गौमूत्र का लेप या सेवन काफी राहत देता है।
किडनी और लिवर के लिए गुणकारी
यह मूत्रवर्धक (Diuretic) होता है, जिससे गुर्दे की सफाई होती है और लिवर की कार्यक्षमता बढ़ती है।
कैसे करें सेवन?
नवजोत कौर सिद्धू के अनुभव ने कई लोगों को प्रेरित किया है, लेकिन इसका सेवन करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है-
शुद्धता: हमेशा कांच की बोतल में मिलने वाले 'गो-अर्क' (Distilled Cow Urine) का ही उपयोग करें। कच्चा गौमूत्र संक्रमण का कारण बन सकता है।
मात्रा: आमतौर पर इसे खाली पेट गुनगुने पानी के साथ 10-20 मिलीलीटर की मात्रा में लिया जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications