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Ovulation Symptoms: महीने के वो 4 दिन जिनमें हो सकती हैं आप पक्के से प्रेगनेंट, जानें कौनसे हैं वो दिन
Ovulation Symptoms : मां बनने की चाह रखने वाली अधिकांश महिलाओं को जानकारी नहीं है कि कंसीव करने का सही समय कौन-सा है। दरअसल कई महिलाएं अपने पीरियड्स के मासिक चक्र पर ध्यान नहीं देतीं और उन्हें ओव्यूलेशन पीरियड यानी महिला के यूट्रस में एग बनने के समय की भी जानकारी नहीं होती। ऐसे में वो गर्भधारण करने का एक मौका खो देती हैं।
गर्भाशय में अंडे बनने की प्रकिया को ओव्यूलेशन पीरियड कहते हैं
हर महिला को पीरियड्स 3 से 5 दिन या फिर 7 दिन तक रहते हैं। जिस दिन पीरियड शुरू होते हैं, उस दिन से पीरियड साइकिल की गिनती शुरु हो जाती है।
हर महिला में मेंस्ट्रुअल साइकिल अलग-अलग होती है। किसी में 26 तो किसी 35 दिन की होती है। महिलाओं में एग मेंस्ट्रुअल साइकिल के बीच में बनता है। यानी अगर किसी का मासिक चक्र 28 दिन का है तो 14वें दिन एग बनेगा। जिस दिन एग बनेगा वह 'ओव्यूलेशन डे' होता है।
अगर आप गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हैं तो आपको पता होना चाहिए कि आप कब ओवुलेट करेंगी, क्योंकि इससे काफी मदद मिलती है। ओवुलेशन पीरियड 12-28 घंटों का होता है। आप ओवुलेट करने से पांच दिन पहले और ओवुलेट करने के एक दिन बाद प्रेगनेंट हो सकती हैं। इसी को फर्टिलिटी विंडो भी कहते हैं। जब एक महिला के गर्भधारण करने की संभावना सबसे अधिक होती है।

ओव्यूलेशन के इस दिन गर्भ ठहरने की ज्यादा संभावना
एग यानी अंडे बनने के 3 दिन पहले और उसके 1 दिन बाद तक के समय को फर्टाइल पीरियड या ओव्यूलेशन पीरियड कहते हैं। जिस दिन ओव्यूलेशन डे होता है, उसी दौरान कंसीव करने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं। इसके लिए हर महिला को अपनी मेंस्ट्रुअल साइकिल ट्रैक करनी चाहिए।
ओवुलेशन कितने दिन तक रहता है?
ओवुलेशन महीने में एक बार होता है। यदि 12 से 24 घंटों के भीतर निषेचन नहीं होता है, तो अंडा मर जाएगा। ओवुलेशन से पहले और बाद के दिनों में आपके गर्भवती होने की सबसे अधिक संभावना होती है।
पीरियड खत्म होने के कितने दिन बाद हो सकती हैं प्रेग्नेंट
पीरियड्स खत्म होने के 10वें दिन से लेकर 17वें दिन तक गर्भ ठहरने की सबसे अधिक संभावना होती है। साथ ही, जिन महिलाओं का मासिक चक्र 28 दिन का होता है उसमें पीरियड खत्म होने के 12वें, 13वें और 14 वें दिन गर्भ ठहरने की संभावना सबसे अधिक होती है।
ऐप से भी ट्रैक कर सकते हैं ओव्यूलेशन
आजकल कई ओव्यूलेशन ऐप मौजूद हैं। इनके जरिए उन्हें पता चल जाता है कि ओव्यूलेशन कब होगा। ऐप में कैलेंडर होता है जिस पर पीरियड के दिन रिकॉर्ड होते हैं। इसके सहारे महिला को ओव्यूलेशन का टाइम पता करने में आसानी होती है। इन्हें फर्टाइल दिन भी कहते हैं।
किट से भी ट्रैक कर सकते हैं ओव्यूलेशन पीरियड
आजकल बाजार में ओव्यूलेशन किट भी खूब बिक रही हैं। इनके जरिए भी ओव्यूलेशन का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक किट में 4-5 स्ट्रिप आती हैं। जब महिला के ओव्यूलेशन के दिन करीब हों तो लगातार कुछ दिन टेस्ट करना चाहिए। यह किट प्रेग्नेंसी किट की तरह होती है। इसमें यूरिन की कुछ बूंद डाली जाती हैं। अगर ओव्यूलेशन नहीं होता तो एक लाइन आती है और 2 लाइन बनना इस बात का संकेत है कि यूट्रस में एग बन रहा है यानी ओव्यूलेशन शुरू हो चुका है।
ओव्यूलेशन के लक्षण
- ओव्यूलेशन के समय कुछ महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में हल्का दर्द और ब्लोटिंग होती है। ओव्यूलेशन का दर्द सिर्फ 1 दिन ही रहता है।
- कई बार ब्रेस्ट में भी दर्द महसूस होता है।
- सेक्स करने की इच्छा बढ़ना
- योनि में सूजन आना
- स्तनों में संवेदनशीलता आना
- शरीर का तापमान कम होना फिर बढ़ जाना
- सर्वाइकल म्यूकस का सफेद, पतला, चिकना और साफ होना
- सर्विक्स का कोमल होकर खुल जाना
- सिर में दर्द होना
- कभी-कभी जी मिचलाना
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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