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पेपरफ्राई के को-फाउंडर अंबरीश का लेह में कार्डियक अरेस्ट से निधन, High Altitude पर क्यों आते हैं हार्टअटैक
Ambareesh Murty Death : ऑनलाइन फर्नीचर कंपनी पेपरफ्राई के को-फाउंडर और CEO अंबरीश मूर्ति का 51 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे लेह में थे जब उन्हें दिल का दौरा पड़ा। अंबरीश मूर्ति एक बाइकर थे, इंस्ट ग्राम पर अपना आखिरी वीडियो पोस्ट किया था।
इस वीडियो में वो मनाली-लेह हाईवे पर बाइक को पार्क कर सफर में आई परेशानी के बारे में बता रहे थे। पेपरफ्राई के एक और को-फाउंडर आशीष शाह ने एक X पोस्ट में इसकी जानकारी देते हुए लिखा- 'यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मेरे दोस्त, मेंटॉर, भाई अंबरीश मूर्ति अब नहीं है। कल रात लेह में दिल का दौरा पड़ने से हमने उन्हें खो दिया। कृपया उनके लिए और उनके परिवार और प्रियजनों को शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना करें।'

ऊंचाई पर क्यों लोग हो जाते हैं हार्ट अटैक का शिकार
बता दें कि ऐसा ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी के कारण हो सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक कई हजार फीट ऊंचाई पर यात्रा करने से शरीर में अचानक से परेशानी हो सकती है। साथ ही उस इलाके में मौसम और हालात भी बिल्कुल अलग होते हैं। जिससे हार्ट बहुत ही जल्दी इफेक्ट होता है और दिल का दौरा पड़ जाता है।
लेह जैसे ठंडी जगह ऑक्सीजन कम मौजूद होती है, जो कार्डियक अरेस्ट या हार्टअटैक का कारण बनती है। केदारनाथ या अमरनाथ जैसी धार्मिक स्थलों पर हर साल हार्ट अटैक से कइयों की मौत का मामला सामने आता है। इसके पीछे यह ही वजह होती है कि हाइपोक्सिया यानी खून में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से हार्टअटैक आ जाता है।
सिकुड़ जाते है ब्लड वेसल्स
ठंड में ब्लड वेसल्स यानी रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाते हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन में दिक्कत हो सकती है। यदि आप पूरी तरह फिट हैं, तो भी समस्या हो सकती है। यदि आपको कोरोनरी हार्ट प्रॉब्लम है, तो यात्रा से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात करें। संभव है कि वे आपको समुद्र तल से 4500 मीटर से अधिक यात्रा करने की सलाह नहीं देंगे। यदि आपको एक्यूट माउंटेन सिकनेस है, तो डॉक्टर आपको ऊंचाई की यात्रा करने की बिल्कुल सलाह नहीं देंगे।
सांस फूलने पर ऊंचाई चढना बंद करें
जब भी ऊंची पहाड़ी पर चढ़ाई चढ़ने पर घबराहट, सांस फूलने, बहुत अधिक उल्टी होने पर ऊंचाई चढना तत्काल बंद कर दें। ध्यान रखें कि कभी भी खाली पेट यात्रा नहीं करें। हाइट पर कैलोरी की अधिक खपत होती है, इसलिए पेट भरकर खाना खाएं। नारियल पानी, फ्रूट जूस, हर दिन 8-10 ग्लास पानी पीना नहीं भूलें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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