Latest Updates
-
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर -
Rudrabhishek Vidhi: घर पर शिव जी का रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम -
Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर करें ये 5 सरल उपाय, कालसर्प दोष से मिलेगी राहत
प्रेगनेंसी ब्रेन क्या है? क्या खतरनाक हैं ये बीमारी, जानें लक्षण और इलाज

इस कंडीशन को "मम्मी ब्रेन" या "ब्रेन फॉग" भी कहा जाता है। यह एक टेम्पररी कंडीशन है जिसमें महिलाओं को प्रेग्नेंसी में भूलने की समस्या, फोकस करने में कठिनाई, और चीज़ों को याद रखने में परेशानी होती है। जो बच्चे के जन्म के बाद धीरे-धीरे ठीक हो जाती है।
प्रेगनेंसी ब्रेन की वजह
हार्मोनल बदलाव: गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोनों का स्तर तेजी से बढ़ता है, जिससे मस्तिष्क के कार्यों पर प्रभाव पड़ता है।
नींद की कमी: गर्भावस्था के दौरान शारीरिक असुविधा, जैसे कि पेट का बढ़ना और हार्मोनल बदलावों के कारण नींद पूरी नहीं हो पाती, जिससे मानसिक थकान और ध्यान में कमी हो सकती है।
तनाव और चिंता: नई जिम्मेदारियों और बच्चे के आगमन की तैयारी में मानसिक तनाव और चिंता बढ़ जाती है, जो मस्तिष्क पर प्रभाव डालती है।
प्रेगनेंसी ब्रेन के लक्षण
चीजों को भूल जाना
फोकस न कर पाने में मुश्किल
मल्टीटास्किंग में परेशानी
सामान्य निर्णय लेने में समय लगाना
लगातार थकान महसूस होना
क्या ये कोई बीमारी है
जैसाकि आपको ऊपर बताया है कि प्रेग्नेंसी ब्रेन किसी तरह की बीमारी नहीं है यह एक तरह की मानसिक अवस्था है, जिसमें बच्चे के जन्म के बाद महिलाएं अपने आप ठीक होने लगती हैं।
हालांकि, अगर कोई गर्भवती महिला को मेंटली स्ट्रेस या किसी चीज में फोकस न कर पाने से जूझ रही हैं, तो उसे डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
इससे राहत पाने का तरीका
नींद पूरी करें: जितना संभव हो, आराम करने और पर्याप्त नींद लेने का प्रयास करें।
रिमांइडर लगाएं: महत्वपूर्ण कार्यों और चीजों के लिए रिमांडर का इस्तेमाल करें।
बैलेंस्ड डाइट लें: मेंटल और फिजिकल एनर्जी के लिए पोषण से भरपूर डाइट लें।
मेडिटेशन : मानसिक संतुलन के लिए मेडिटेशन का सहारा लें।



Click it and Unblock the Notifications