Latest Updates
-
22 जून को ग्रहों का सबसे बड़ा महाफेर! बनने जा रहा त्रिग्रही योग, इन 4 राशियों का चमकेगा भाग्य -
Jagannath Rath Yatra 2026: कब और कैसे पहुंचें पुरी? जानें दर्शन से लेकर ठहरने तक की पूरी जानकारी -
मालवीय नगर हादसे के बाद चर्चा में सुमित आचार्य का पुराना वीडियो, अग्निकांड में किया 1500 मौतों का दावा -
भारत में महिलाओं से ज्यादा पुरुष क्यों गंवा रहे हीटस्ट्रोक से जान? एनसीआरबी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए आंवला, वरना पहुंच सकते हैं अस्पताल -
World Environment Day 2026: क्या आपके लिविंग रूम में है ये 5 पौधे? जो रात में भी देते हैं छप्परफाड़ ऑक्सीजन -
रोज सुबह खाली पेट धनिया का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 समस्याएं, इस तरह से करें सेवन -
World Environment Day 2026: 'माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः', शेयर करें संस्कृत के ये श्लोक, जगाएं चेतना -
World Environment Day 2026 Wishes: विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रियजनों को भेजें जागरूकता से भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 05 June 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्य
सुर्खियों में छाई दुनिया की सबसे छोटी पुन्गनूर नस्ल की गाय, जानें इस गाय की नस्ल और दूध की खासियत?
पुन्गनूर गाय, दुनिया की सबसे छोटी गायों में से एक। इसका दूध अमृत समान होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस गाय के साथ कई बार न सिर्फ दिख चुके हैं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास में भी इन विशेष गायों को पाला गया है। खास बात ये है कि पुन्गनूर गाय का अस्तित्व वैदिक काल से है। महर्षि विश्वामित्र के साथ भी पुन्गनूर गाय की पौराणिक गाथा जुड़ी है।
अभी दुनिया में इस तरह की सिर्फ कुछ सौ गायें ही हैं, लेकिन ये दुनिया की सबसे महंगी गायों में से एक है। एक 2.5 फिट की गाय की कीमत लाखों में होती है। आइए जानते हैं ऐसा क्या है इस गाय में क्यों इन्हें गोल्ड माइन कहा जाता है।

इस खास वजह से इस गाय का नाम पुंगनूर पड़ा
आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के पुंगनूर इलाके यह गाय पाई जाती है। जिसके कारण इसका नाम पुंगनूर रखा गया। देखने में यह छोटी होती है यानि अगर आप देखेंगे तो आपको लगेगा कि यह बछड़ा है लेकिन शरीर की बनावट को देखकर आपको पता चल जाएगा कि यह पुंगनूर है। इसका दूध काफी ज्यादा गाढ़ा होता है। साथ ही साथ इसमें मक्खन भी दूसरे गायों की तुलना में ज्यादा निकलता है।
कितना देती है दूध
पुंगनूर गायें सामान्य गायों की तुलना में बहुत छोटी होती हैं. इन मिनिएचर पुंगनूर गायों का कद 70 से 90 सेंटीमीटर तक होता है और वजन 115 किलो से 200 किलोग्राम तक होता है। यह गाय रोजाना 3 लीटर तक दूध देती है। इसकी तुलना में मशहूर ओंगोल सांड की लंबाई 1.70 मीटर और वजन 500 किलोग्राम तक पहुंच जाता है। बता दें कि दोनों नस्ल की मवेशियों का मूल निवास स्थान आंध्र प्रदेश ही है। चित्तूर जिले के पालमनेर में लाइवस्टॉक रिसर्च स्टेशन के मुताबिक चित्तूर जिला ही इन मवेशियों का अंतिम आश्रय स्थल है जहां लाइवस्टॉक रिसर्च स्टेशन इसका संरक्षण कर रहा है।
पुंगनूर गायों की धार्मिक विशेषताएं
बता दें कि पुंगनूर गायों का धार्मिक और आध्यामिक महत्व भी है. लोगों की मान्यता है कि इन गायों में महालक्ष्मी का वास होता है, इसीलिए दक्षिण भारत में लगभग सभी राज्यों में संपन्न लोग इन गायों को अपने घरों में रखते हैं, रोज उनकी पूजा करते हैं। इन गायों का दूध बहुत ही पवित्र और पौष्टिक माना जाता है। इसी वजह से दावा किया जाता है कि विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर सहित दक्षिण के कई प्रसिद्ध मंदिरों में भोग और क्षीराभिषेक के लिए पुंगनूर गाय के दूध का ही इस्तेमाल होता है।
पुन्गनूर गाय दूध की न्यूट्रिशियन वैल्यू
आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में पाई जाने वाली पुन्गनूर गाय बेहद अनूठी है। इसे 'मदर ऑफ ऑल काउज़' के रूप में भी जाना जाता है। पुन्गनूर गाय एक छोटी आकार की गाय है, लेकिन यह बहुत ही मजबूत और रोग प्रतिरोधी होती है। इन गायों का दूध बहुत ही पौष्टिक होता है और इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की उच्च मात्रा होती है। खास बात ये है कि आम गाय के दूध में 3-4 प्रतिशत ही वसा पाया जाता है, लेकिन पुन्गनूर गाय की नस्ल के दूध में 8 प्रतिशत तक वसा पाया जाता है।
पुन्गनूर गाय की कीमत
पुन्गनूर गाय की कीमत काफी ज्यादा है। इसकी कीमत 1 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक भी है। अगर जोड़ा लेना है, तो कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है। हालाँकि डॉ कृष्णम राजू का दावा है कि उन्होंने पैसे लेकर एक भी गाय नहीं बेची है, बल्कि उनके यहाँ से गाय लेकर गए लोगों ने अपने स्तर पर ब्रीडिंग करा कर बेचा होगा। उन्होंने अभी तक सभी को मुफ्त में ही इन गायों को दिया है। उनका अंदाजा है कि अभी पूरे देश में इस तरह की गायों की संख्या महज 300-500 तक ही है।
वैसे, 500 तक की संख्या मिनिएचर पुन्गनूर की है। जिसकी लंबाई छोटी होती है। मूल पुन्गनूर जिसकी लंबाई 3 से 5 फिट तक है, साल 2019 के आँकड़ों के मुताबिक, उनकी संख्या 13 हजार से कुछ अधिक है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications