गोल्ड मेडलिस्ट की गर्दन पर 270 kg की रॉड गिरने से हुई दर्दनाक मौत! पावरलिफ्टिंग के दौरान न करें ये गलतियां

राजस्थान के बीकानेर में पावरलिफ्टिंग की प्रैक्टिस के दौरान 17 वर्षीय नेशनल पावरलिफ्टर यष्टिका आचार्य की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा बीकानेर के नत्थूसर गेट स्थित द पावर हेडक्टर जिम में हुआ, जहां यष्टिका रोजाना की तरह अपने कोच की मौजूदगी में अभ्यास कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने गर्दन पर 270 किलो का भार उठाने की कोशिश की, लेकिन अचानक हाथ फिसलने से संतुलन बिगड़ गया और पूरा वजन उनकी गर्दन पर गिर पड़ा। इस गंभीर चोट के कारण वह बेहोश हो गईं और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्या गलती हुई, जिससे एक होनहार पावरलिफ्टर की जान चली गई? इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने के लिए वेटलिफ्टिंग और पावरलिफ्टिंग के दौरान किन सावधानियों का पालन किया जाना चाहिए? आइए जानते हैं-

Rajasthan Teen Powerlifting Champion Dies in Gym Accident

1. बिना वार्मअप सीधे भारी वजन उठाना

किसी भी प्रकार की वेटलिफ्टिंग से पहले वार्मअप और स्ट्रेचिंग बेहद जरूरी होती है। यह न केवल मांसपेशियों को तैयार करता है, बल्कि चोट लगने की संभावना को भी कम करता है। बिना उचित वार्मअप के भारी वजन उठाने से मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है और संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे गंभीर चोट लग सकती है।

2. एक्सपर्ट की निगरानी के बिना वेटलिफ्टिंग करना

भारी वजन उठाने के दौरान एक अनुभवी ट्रेनर या स्पॉटर (सहायक) की मौजूदगी जरूरी होती है। जब लिफ्टर ज्यादा वजन उठाने की कोशिश करता है, तो स्पॉटर उसे संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता कर सकता है। बिना उचित निगरानी के भारी वजन उठाना खतरनाक साबित हो सकता है।

3. अपनी क्षमता से ज्यादा वजन उठाने की कोशिश करना

हर व्यक्ति की शरीर की एक निश्चित क्षमता होती है। पावरलिफ्टिंग में धीरे-धीरे वजन बढ़ाना जरूरी होता है, न कि अचानक अपनी क्षमता से अधिक वजन उठाने की कोशिश करना। जरूरत से ज्यादा वजन उठाने से मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे गंभीर चोट लग सकती है।

4. सुरक्षा उपकरणों का सही उपयोग न करना

भारी वजन उठाते समय वेटलिफ्टिंग बेल्ट, नी गार्ड और हाथों के लिए ग्रिप सपोर्ट जैसे सुरक्षा उपकरणों का सही तरीके से उपयोग करना बेहद जरूरी है। ये उपकरण शरीर को स्थिर रखने और चोट से बचाने में मदद करते हैं। यदि सुरक्षा उपकरणों का सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए, तो दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।

5. गलत तकनीक का उपयोग करना

पावरलिफ्टिंग में सही तकनीक का पालन करना बेहद जरूरी होता है। यदि लिफ्टर गलत पॉश्चर में वजन उठाता है, तो संतुलन बिगड़ सकता है और गंभीर चोट लग सकती है। इसलिए हमेशा एक अनुभवी ट्रेनर की निगरानी में सही तकनीक के साथ वजन उठाना चाहिए।

निष्कर्ष

यष्टिका आचार्य की दुखद मौत से यह सीख मिलती है कि पावरलिफ्टिंग या किसी भी प्रकार की वेटलिफ्टिंग करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। सही वार्मअप, उचित ट्रेनिंग, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग, अपनी क्षमता के अनुसार वजन उठाना और सही तकनीक का पालन करना अनिवार्य है। इस तरह की चूक से बचने के लिए लिफ्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी और खिलाड़ी को ऐसी दर्दनाक दुर्घटना का सामना न करना पड़े।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, February 23, 2025, 12:50 [IST]
Desktop Bottom Promotion