Latest Updates
-
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
Rose Day 2024 : कामुकता बढ़ाने के साथ सिरदर्द कम करता है गुलाब इत्र, ऐसे घर पर बनाएं शुद्ध खुशबूदार इत्र
Rose Day 2024 : गुलाब के तेल से इत्र बनता है जिसका इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। जिसकी सुगंध की दुनिया दिवानी है। इत्र का इतिहास बहुत पुराना है।
पुराने जमाने में विश्व के पूर्वी भाग में यह प्रचलन था कि जब भी कोई अतिथि जाता था तो उसे तोहफे के रूप में इत्र भेंट किया जाता था। वहीं आज के समय में भी ईद में इत्र का इस्तेमाल किया जाता है। कई लोग घर को सुगंधित रखने के लिए भी इसका इस्तेमाल करते हैं। प्यार व भाईचारे के नाते घर पर आए अतिथियों को इत्र देने की परंपरा अभी भी कई जगहों पर है।

गुलाब का फूल न सिर्फ अपनी महक के लिए जाना जाता है बल्कि इसके औषधीय गुण भी सेहत के लिए जाने जाते है। गुलाब का इत्र लगाने से न सिर्फ सिर दर्द दूर होता है बल्कि दिमाग शांत होता है।
रोज डे के मौके पर जानते हैं कैसे घर पर बनाएं गुलाब का इत्र और इसे लगाने के फायदे-
परफ्यूम से कैसे बेहतर है इत्र?
इत्र असल में पारंपारिक तरीके और प्राकृतिक पदार्थों से बनाए गए खुशबूदार तेल होते हैंI इत्र के निर्माण में किसी तरह के कैमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता हैI जबकि परफ्यूम में खुशबूदार तेलों के अलावा कैमिकल मिलाकर भी खुशबू तैयार की जाती हैI परफ्यूम की खुशबूओं में इत्र से कहीं ज्यादा वैरायटी होती है लेकिन ये खुशबू या तो जल्दी ही उड़ जाती है या फिर कमजोर हो जाती हैI इत्र की छोटी सी बूंद भी आपके शरीर को हफ्तों तक खुशबूदार बनाए रख सकती हैI जबकि परफ्यूम का प्रभाव कुछ घंटे में ही खत्म हो जाता हैI इत्र की खुशबू टिकाऊ होती है और देर तक चलती हैI
इत्र लगाने के फायदे
वैज्ञानिकों का दावा है कि इत्र लगाने से इसका व्यक्ति के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इत्र लगाने से चिंता, तनाव और डिप्रेशन दूर होता है। ऐसा माना जाता है कि इत्र की खुशबू हमारी पांचों इंद्रियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैंI ज्यादातर लोग घर से बाहर काम पर जाते समय या किसी से मिलने जाते समय इत्र लगाते हैं। ऐसे में आप अपनी इत्र की खुशबू से सामने वाले व्यक्ति को भी बहुत आसानी से आकर्षित कर सकते हैं। इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि इत्र में फेरोमोन्स पाया जाता है जो व्यक्ति को बहुत जल्दी आकर्षित करने की क्षमता रखता है।
नाभि में गुलाब का इत्र लगाने के फायदे
नाभि पर गुला का इत्र लगाने से बदन दर्द कम हो जाता है। गुलाब की खुशबू से चिंता, भय और घबराहट दूर हो जाती है।
सिर दर्द होता है दूर
प्राकृतिक खूशबू वाला गुलाब का इत्र आपके सिर दर्द को दूर करने का काम करता है। इसकी खुशबू आपके सिर को हल्का करती है और दर्द से राहत देती है। यह आपके सिर मे चढ़ने जैसी कोई समस्या पैदा नहीं करता है। दिमाग की शांति के लिए यह सबसे अच्छा है।
बेहतर नींद आती है
वैज्ञानिक रिसर्च में साफ हो चुका है कि जो लोग गुलाब का इत्र लगाते हैं उनको अच्छी नींद आती है। आमतौर पर गुलाब का इत्र लगाने से दिमाग को रिलेक्स मिलता है और इसकी वजह से हमे जल्दी नहीं आती है। जब हम फलतू विचारों से घिरे होते हैं तो अनिद्रा की समस्या अधिक पैदा होती है। इसकी एक बूंद सोने से पहले नाभि पर लगाएं।
कामुकता बढ़ाए
बाजार के अंदर कई ऐसे इत्र मिलते हैं जो कामुकता को पैदा करने के लिए होते हैं। उनमे गुलाब का प्रयोग होता है, यदि आप अपने साथी के साथ होते हैं तो इस प्रकार के इत्र का प्रयोग कर सकते है।

गुलाब का इत्र बनाने की रेसिपी
तांबे के बड़े बर्तन में पानी और गुलाब के फूल डाल दिए जाते हैं।
- इसके बाद ऊपर से मिट्टी का लेप कर बर्तनों के नीचे आग जलाई जाती है।
- भाप के रूप में गुलाब जल व गुलाब इत्र एक बर्तन में एकत्रित हो जाते हैं, जिस बर्तन में भांप बनकर इत्र जाता है, उसे पानी में डाल दिया जाता है।
- गुलाब का इत्र केवल तांबे के बर्तन में निकाला जाता है। कई जगह कंडेंसिंग विधि से भी अर्क निकाला जाता है।
- लेकिन आसवन विधि ज्यादा कारगर है। एक क्विंटल फूलों में मात्र 20 ग्राम इत्र निकलता है।
- इंटरनेशनल मार्केट में एक किलोग्राम इत्र का मूल्य करीब आठ लाख रुपए है।
ये भी है एक तरीका
थोड़े गुलाब के फूलों को तोड़ना है और उनको एक सूई की मदद से सिल लेना है और फिर किसी कांच के कंटेरनर के अंदर इन गूलाब के फूलों को इस प्रकार से लटकाकर रखना है कि कंटेनर बंद रहे और फूल कंटेनर की नीचली सतह से टच ना करें । उसके बाद इस कांच के कंटेनर को बंद करके तेज धूप के अंदर 3 दिन के लिए रख देना है। उसके बाद आप देखेंगे कि गूलाब का इत्र आपके कंटेनर के नीचे एकत्रित हो जाएगा। आप इसका प्रयोग कर सकते हैं । यह एक नेचुरल तरीका है।
नोट : आमतौर पर घर पर गुलाब का इत्र बनाना काफी पेचिदा होता है और हर कोई ऐसा नहीं करना चाहता है। वह सिधे ही बाजार से मंगवाकर इत्र का प्रयोग करना चाहता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications