Latest Updates
-
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा -
World Heart Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की थीम
सिर्फ इश्क का इजहार ही नहीं करता है गुलाब, इससे बना गुलकंद खाइए और इन बीमारियों से पीछा छुड़ाइए
Benefits Of Eating Gulkand : वैलेंटाइन डे की शुरुआत 7 फरवरी यानी रोज डे के साथ हो रही है। इस दिन कपल या प्रेमी एक-दूसरे को गुलाब देकर अपने जज्बात जाहिर करते हैं। मगर आप जानते हैं कि ये खूबसूरत फूल न सिर्फ आपके दिल की बात बयां करने करने के काम आता है बल्कि ये आपके दिल की सेहत का भी ख्याल रखता है।
दरअसल, गुलाब की पंखुड़ियों से बना गुलकंद न सिर्फ स्वादिष्ट बल्कि सेहत के लिए फायदेमंद भी है। आयुर्वेद में इसका उपयोग कई औषधियों में किया जाता है। गुलकंद में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो सेहत के लिए जरूरी हैं। यह पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने और हार्ट को हेल्दी रखने में सहायक होता है।

इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। नियमित सेवन पाचन को सुधारता है और शरीर को ठंडक पहुंचाता है, जिससे समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है। आइए रोज डे पर जानते हैं गुलाब से बने गुलकंद खाने के फायदे।
आयुर्वेद के अनुसार गुलकंद के फायदे
- गुलाब के फूलों से बना गुलकंद हार्ट हेल्थ को बेहतर करने में सहायक होता है। गुलाब की तासीर ठंडी होती है और आयुर्वेद में इसे 'पित्त साधक' यानी पित्त को संतुलित करने वाला माना गया है। इसका सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाता है और पित्त दोष को शांत करता है।
- गुलकंद का यह गुण स्ट्रेस, हाई ब्लड प्रेशर और एंग्जायटी को कम करने में मदद करता है। चूंकि ये समस्याएं हार्ट हेल्थ को प्रभावित करती हैं, इसलिए गुलकंद का नियमित सेवन दिल की सेहत में सुधार ला सकता है।
- इसके अलावा, गुलकंद में भरपूर मात्रा में विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो रक्त प्रवाह (ब्लड फ्लो) को बढ़ाने में मदद करते हैं। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन से हार्ट सही तरीके से काम करता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
- गुलाब के फूलों से बना गुलकंद नकसीर फूटने, अधिक माहवारी, पाइल्स में ब्लीडिंग और यूरिन में जलन की समस्या में इसका उपयोग फायदेमंद होता है।
- गुलकंद पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट को ठंडक प्रदान करता है, जिससे भोजन अच्छे से पचता है और शरीर को पोषण मिलता है। यह विशेष रूप से गर्मियों में लाभकारी होता है क्योंकि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है।
- अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी गुलकंद फायदेमंद साबित होता है। इसका सेवन करने से नींद अच्छी आती है और दिमाग को आराम मिलता है।
- इसके अलावा, गुलकंद न सिर्फ हार्ट हेल्थ को सुधारता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी होता है।
गुलाब से गुलकंद कैसे बनाएं
सामग्री
2 कप ताजे गुलाब की पंखुड़ियां (खासतौर पर देसी गुलाब)
1 कप शक्कर (या शहद)
1 चुटकी इलायची पाउडर (वैकल्पिक)
गुलकंद बनाने की विधि
- गुलाब की पंखुड़ियों को अच्छे से धोकर साफ करें और पानी सूखने दें।
- एक कांच के जार में एक परत गुलाब की पंखुड़ियां डालें, फिर उस पर शक्कर की परत बिछाएं।
- इसी तरह परतें जमाते हुए पूरा जार भरें और ऊपर से इलायची पाउडर डालें।
- जार को 10-15 दिनों तक धूप में रखें और रोजाना हल्का मिलाएं।
जब गुलकंद गाढ़ा और चिपचिपा हो जाए, तो इसे ठंडी जगह स्टोर करें।
- यह गुलकंद सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है और गर्मी में ठंडक प्रदान करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
