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गर्मियों में बर्फ गोला खाना के हैं आप शौकीन, तो जान लें इससे होने वाले साइडइफेक्ट
हर मौसम के अपने-अपने मज़े है। सर्दियों आते ही है जहां गर्मागर्म चाय-पकौड़े का ख्याल आ जाता है, तो वहीं चुभती-जलती गर्मियों में आइस गोला के बारे में सोचते ही अंदर से ठंडक का अहसास होने लगता है। आइस गोला जिसे रंगीन बर्फ का गोला भी कहा जाता है, हर उम्र के लोगों को खूब भाता है।
यही कारण है कि हर गली-मोहल्ले के बाहर इनकी स्टॉल्स लगी रहती है। कई सारी वैरायटीज और फलेवर में मिलने वाला ये बर्फ का गोला 20 रूपए से लेकर 300 रूपए तक मिलता है।

लेकिन क्या आप ये बात जानते हैं कि जिस आइस गोला को आप बड़े चाव से खाते है, वो आपको बीमार भी कर सकता है। तो, रंग-बिरंगे आकर्षक दिखने वाले ये गोले आपके लिए कैसे नुकसानदायक है आइए इस बारे में विस्तार से जानते है।
आइस गोला खाने के साइडइफेक्ट
- क्या आपने कभी सोचा है कि आइस गोला सभी को इतना क्यूं पसंद है। शायद इसके एट्रेक्टिव कलर्स के कारण। लेकिन शायद आप नहीं जानते कि यही कलर आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाते है। दरअसल, कलरफुल आइस गोला बनाने में कई तरह के केमिकल युक्त कलर डाले जाते हैं। जिसे तैयार करके महीनों इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इससे पेट और लीवर को नुकसान पहुंच सकता है। बल्कि इनकी वजह से आंतों में इंफेक्शन भी हो सकता है।
- आइस गोला पानी को जमाकर बनाया जाता है। लेकिन जो आइस गोला बेचते है वे बर्फ जमाने के लिए कई बार दूषित पानी का उपयोग करते हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। यानि इससे आपको उल्टी, दस्त, इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।
- गर्मियों के मौसम में वैसे भी इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा रहता है। क्यूंकि जो बाहर की चीजें बनती है उसमें प्रोपर हाइज़िन मैंटेन नहीं किया जाता है। जिसकी वजह से आपकी सेहत का पाया कमजोर पड़ सकता है।
- गर्मियों में कफ-कोल्ड होने का एक बड़ा कारण आइस गोला का सेवन भी हो सकता है। क्यूंकि बाहर का तापमान तो बहुत ज्यादा होता है जबकि आइस गोला अंदर तक ठंडक देता है। अब जब सर्द-गर्म का मिक्सर होगा तो कंजेशन तो बढ़ना ही है। कई बार तो स्थिति यहां तक पहुंच जाती है कि सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है।
- आइस गोला की वजह से खासकर बच्चों के गले में इंफेक्शन हो सकता है। इससे बच्चों के गले में दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है। जो आगे जाकर निमोनिया और टाइफाइड का भी रूप ले सकता है।
- बच्चों को आइस गोला इसलिए भी पसंद आता है क्यूंकि ये मीठा होता है। लेकिन बहुत ज्यादा मीठा ना सिर्फ पेट के लिए बल्कि दांतों के लिए भी नुकसानदेह है। ऐसे में इसे खाने से दांतों में कैविटी होने का खतरा रहता है।
- जो लोग ज्यादा आइस गोला खाते है उन्हें पेट और कफ-कोल्ड जैसी समस्याएं सामान्यत: बनी रहती है। और ज्यादा बीमार पड़ने से इम्यूनिटी पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में ये बात कहना गलत नहीं होगा कि जो लोग ज्यादा आइस गोला खाते है उनकी इम्यूनिटी वीक हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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