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प्रोटीन पाउडर का सेवन करने वाले हो जाए सावधान, किडनी-लिवर पर पड़ सकता है बुरा इफेक्ट
क्या आप भी उन लोगों में है जो शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने, मसल्स बनाने और वजन कम करने के लिए प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल करते है।
अगर हां, तो आपको ये बात जानकर आश्चर्य होगा कि अनजाने में ही सही, लेकिन आप अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे है। क्यूंकि, हर दिन या जरूरत से ज्यादा प्रोटीन पाउडर का सेवन आपके शरीर पर विपरित प्रभाव दिखा सकता है। यहां हम आपको प्रोटीन पाउडर के अधिक सेवन से होने वाले साइड इफेक्ट के बारे में बताने जा रहे है।

प्रोटीन कितना और क्यूं है जरूरी
प्रोटीन एक ऐसा माइक्रोन्यूट्रिएंट है जो शरीर के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। हमारे बाल, आंखें, मसल्स, स्किन, हॉर्मोंस, सेल्स ये सभी प्रोटीन के फॉर्म हैं। बल्कि इसके अलावा प्रोटीन शरीर की सेल्स को रिपेयर करने का काम करता है। लेकिन चूंकि हमारा शरीर हर दिन प्रोटीन हर दिन थोड़ा-थोड़ा प्रोटीन तोड़ता है। ऐसे में शरीर में इसकी कमी न हो, इसके लिए हर दिन डाइट में प्रोटीन लेना जरूरी माना जाता है। एक्सपर्ट की मानें तो एक एडल्ट को हर दिन 50 ग्राम प्रोटीन, महिला को 46 ग्राम प्रोटीन और प्रेगनेंट महिला को 72 ग्राम प्रोटीन हर दिन लेना चाहिए। लेकिन अगर आप शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए प्रोटीन पाउडर का सेवन करते है तो आपको बतादें कि इसके कई सारे साइडइफेक्ट भी है। जैसे कि:
बदबूदार सांसें
अपने कार्ब के सेवन को सीमित करने और प्रोटीन का सेवन बढ़ाने से सांसों में दुर्गंध हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कार्ब्स की कमी से आपका शरीर मेटाबॉलिक स्टेट कीटोसिस में चला जाता है। फिर ये अन्य सोर्सेज से एनर्जी लेना शुरू कर देता है, जिससे ऐसे कैमिकल का प्रोडक्शन होता है जो बदबूदार गंध पैदा करते हैं।
चेहरे पर हो सकते है पिंपल्स
प्रोटीन पाउडर में कई तरह के हारमोंस और बायोएक्टिव पेपटिड्स होते हैं। जो कि सीबम निर्माण को बढ़ा देते हैं। बल्कि प्रोटीन से हार्मोन के प्रोडक्शन को बढ़ाया जाता है जिसे इंसुलिन वृद्धि का कारक माना जाता है। रिसर्च में ये बात सामने आई है कि प्रोटीन का ये सप्लिमेंट पिंपल्स और एक्ने की समस्या बढ़ा सकता है।
किडनी के लिए नुकसानदेह
अगर कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा मात्रा में प्रोटीन लेता है तो उसके शरीर में अधिक मात्रा में यूरिया का उत्पादन होगा। जिससे किडनी पर हाई प्रेशर पड़ता है, क्यूंकि ये ब्लड से यूरिया और कैल्शियम की प्रचुर मात्रा को छान लेता हैं। ऐसे में लम्बे समय तक अधिक मात्रा में प्रोटीन पाउडर का सेवन करने से किडनी संबंधी समस्याएं होने जैसे कि किडनी स्टोन या किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
वजन बढ़ना
प्रोटीन पाउडर का अधिक मात्रा में सेवन वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। क्यूंकि इससे आपके शरीर में फैट की मात्रा बढ़ जाती हैं। और ये फैट दिन-प्रतिदिन इकटठी होती जाता है, जिससे तेजी से आपका वजन बढ़ने लगता हैं।
लिवर के लिए नुकसानदेह
प्रोटीन सप्लीमेंट की डाइट बिना कार्ब्स के शरीर को कीटोसिस की स्थिति में ले जा सकता है, इससे हाई ब्लड एसिडिटी का लेवल बढ़ जाता है। और इसका परिणाम गंभीर लिवर की खराबी हो सकता है।
डिहाइड्रेशन की समस्या
अगर आप प्रोटीन पाउडर ले रहे है लेकिन हर दिन उतना पानी नहीं पी रहे जितना आपके शरीर के लिए जरूरी है। तो ये हाई प्रोटीन डाइट आपके शरीर को डिहाइड्रेट बना सकती हैं। यही कारण है कि हाई-प्रोटीन डाइट लेने वाले लोगों को बहुत सारा पानी पीने की सलाह दी जाती है।
बढ़ सकता है इंसुलिन लेवल
अधिक प्रोटीन पाउडर का सेवन करने से इंसुलिन के स्तर में बदलाव आ सकता है। खासकर अगर आप वर्कआउट के बाद प्रोटीन पाउडर लेते है तो इससे इंसुलिन में बढ़ोतरी होने की संभावना कई ज्यादा होती है।
न्यूट्रीशंस अनबैलेंस होना
प्रोटीन पाउडर लेने से शरीर में न्यूट्रिशंस का अनबैलेंस हो सकता है। जबकि नेचुरल प्रोटीन जैसे अंडे, दूध और मीट लेने से ऐसा होने की संभावना कम होती है। चूंकि, प्रोटीन पाउडर से ज्यादा मात्रा में प्रोटीन ही मिलता है जो ज्यादा डेन्स होता है, ऐसे में उसे पीने से न्यू्ट्रिशंस अनबैलेंस हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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