लेफ्ट वोकल कॉर्ड पैरालिसिस की वजह से इस मशहूर सिंगर ने खो दी थी आवाज, जानें क्‍या है ये बीमारी?

singer shekhar lost voice due to vocal cord paralysis: बॉलीवुड की फेमस म्‍यूजिक कम्‍पोजर की जोड़ी विशाल-शेखर को भला कौन नहीं जानता हैं? दोनों की पॉपुलर जोड़ी ने बॉलीवुड को कई ह‍िट गाने दिए है। सिंगर शेखर रवजियानी के पॉपुलर और हिट ट्रैक जैसे 'गहरा इश्‍क' और 'जोगी माही', और 'जो भेजी थी दुआ' जैसे गाने आज भी जुबां पर रहते हैं। लेक‍िन आपको जानकर हैरानी होगी क‍ि इतने सुरीले और दमदार गाने देने वाले शेखर की 2 साल पहले एक बीमारी की वजह से आवाज खो दी थी।

हाल ही में सिंगर शेखर रवज‍ियानी ने इंस्टाग्राम पर पोस्‍ट करके बताया क‍ि उन्‍हें 2 साल पहले 'लेफ्ट वोकल कॉर्ड पैरालिसिस' (Left Vocal Cord Paralysis) हो गया था। जिससे वह पूरी तरह टूट गए थे, हालांकि, इलाज के चलते अब वो पूरी तरह ठीक हो गए हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं आखिर ये लेफ्ट वोकल कॉर्ड पैरालिसिस क्या है? आइए जानते हैं इस बीमारी की वजह और इसका इलाज क्‍या है?

singer shekhar lost voice due to vocal cord paralysis

लेफ्ट वोकल कॉर्ड पैरेलिसिस क्‍या है?

लेफ्ट वोकल कॉर्ड पैरेलिसिस एक गंभीर स्थिति है जिसमें वोकल कॉर्ड, जो आवाज बनाने में मदद करती हैं, प्रभावित हो जाती हैं। यह स्थिति तब होती है जब वोकल कॉर्ड पूरी तरह से या आंशिक रूप से काम करना बंद कर देती हैं, जिससे आवाज में बदलाव और सांस लेने में कठिनाई होती है।

लेफ्ट वोकल कॉर्ड पैरेलिसिस के कारण

लेफ्ट वोकल कॉर्ड पैरेलिसिस तब होती है जब वोकल कॉर्ड की नसें प्रभावित हो जाती हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं:

गर्दन या सिर में चोट: गर्दन या सिर में चोट लगने से वोकल कॉर्ड की नसों में क्षति हो सकती है।
गर्दन या सिर में ट्यूमर: ट्यूमर के कारण वोकल कॉर्ड की नसें दब सकती हैं, जिससे आवाज में बदलाव होता है।
ब्रेन में ब्लड फ्लो की कमी: मस्तिष्क में रक्त प्रवाह की कमी (स्ट्रोक) वोकल कॉर्ड की नसों को नुकसान पहुंचा सकती है।
पार्किंसन्स डिजीज: पार्किंसन्स जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से भी वोकल कॉर्ड प्रभावित हो सकती है।
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर: यह स्थितियां वोकल कॉर्ड की नसों पर असर डाल सकती हैं।
वायरल इंफेक्शन: वायरस के कारण वोकल कॉर्ड में सूजन या संक्रमण हो सकता है, जो इस समस्या को जन्म देता है।

लक्षण

आवाज में बदलाव आना या ठीक से बोलने में कठिनाई।
सांस लेने में कठिनाई या घरघराहट।
आवाज का बैठना या टूटना।
गले में दर्द, जलन या खुजली महसूस होना।
निगलने में दिक्कत होना, खासकर खाना या पानी निगलते समय।

लेफ्ट वोकल कॉर्ड पैरेलिसिस का इलाज

फिजियोथेरेपी: वोकल कॉर्ड को फिर से बेहतर बनाने के लिए फिजियोथेरेपी की मदद ली जा सकती है।
स्पीच थेरेपी: आवाज में सुधार लाने के लिए स्पीच थेरेपी की सलाह दी जाती है।
सर्जरी: यदि वोकल कॉर्ड की नसों को दबाने वाले ट्यूमर या अन्य समस्याएं हों, तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
दवाइयां: वोकल कॉर्ड की नसों को प्रभावित करने वाली बीमारियों के लिए दवाइयां दी जा सकती हैं।
लाइफस्टाइल बदलाव: सिगरेट, शराब छोड़ना और तनाव कम करना वोकल कॉर्ड की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

क‍ितनी गंभीर है ये बीमारी

यह स्थिति जीवन को खतरे में डालने वाली नहीं होती, लेकिन यदि समय पर इलाज न किया जाए तो यह अन्य जटिलताओं का कारण बन सकती है, जैसे कि सांस लेने में गंभीर समस्या, खांसी, और बोलने में परेशानी। इलाज में दवाइयों, आवाज चिकित्सा (स्पीच थेरेपी), और कुछ मामलों में शल्यक्रिया की आवश्यकता हो सकती है। समय पर इलाज से रोगी की स्थिति में सुधार संभव है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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