Latest Updates
-
गणेश चतुर्थी के दिन कश्मीरी पंडित मानते हैं Pann Poshte, कुल देवी की पूजा से जुड़ी है परंपरा -
जयपुर का मोती डूंगरी गणेश मंदिर: जहां मेहंदी का प्रसाद जोड़ता है शादी की डोर, उमड़ी सिंगल लड़कों की भीड़ -
हरतालिका तीज व्रत कथा: जब नारद मुनि विष्णु विवाह का प्रस्ताव लेकर पहुंचे, मां पार्वती हुईं हैरान -
हरतालिका तीज 2026: क्या गर्भवती महिलाएं रख सकती हैं निर्जला व्रत, जान लें सावधानियां -
Ganesh Chaturthi 2026: ‘गणपति बप्पा मोरया’ से ‘देवा श्री गणेशा’ तक, गणेशोत्सव पर हिट रहे बॉलीवुड के ये गाने -
हरतालिका तीज: शिव-पार्वती के अटूट प्रेम का पावन पर्व, जानें पूजा के नियम और विधि -
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
Sunita Williams का घटा स्पेस में घटा Muscle Mass और Bone density, जानें कितना हो सकता है खतरनाक?
भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स 50 दिन से ज्यादा समय से अंतरिक्ष में फंसी हुई हैं। कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब एस्ट्रोनॉट की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
सुनीता 5 जून को बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुई थीं। यह मिशन 10 दिन का था लेकिन लेकिन स्टारलाइनर में तकनीकी खराबी के कारण अब उन्हें स्पेस में लगभग 2 महीने होने वाले हैं। सुनीता और उनके सहयात्री बुश विलमोर के सामने कई सेहत से जुड़ी बड़ी दिक्कतें मंडरा रही हैं।

कैंसर और मोतियाबिंद का खतरा
NASA के मुताबिक अगर एस्ट्रोनॉट लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहते हैं तो उनकी हेल्थ पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी (बहुत कम गुरुत्वाकर्षण बल) होने से शरीर के नीचे मौजूद फ्लूड कई बार सिर तक आ जाता है, जो आंखों पर प्रेशर बनाता है। स्पेस में गैलेक्टिक कॉस्मिक रे जैसे रेडिएशन की वजह से एस्ट्रोनॉट्स को कैंसर और मोतियाबिंद जैसी बीमारी भी हो सकती है।
चक्कर और बेहोशी
स्पेस में ग्रेविटी जीरो होने की वजह से एस्ट्रोनॉट्स के शरीर में 'फ्लूड रीडिस्ट्रीब्यूशन' होने लगता है जिसकी वजह से पैरों में फ्लूड की मात्रा कम हो जाती है और चेहरे पर फ्लूड जम जाता है। इस वजह से चक्कर और बेहोशी जैसी दिक्कत हो सकती है।
ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा
अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी से 'सुनीता विलियम्स' और 'बुश विलमोर' मांसपेशियों और हड्डियों में घनत्व में कमी भी महसूस कर सकते हैं, जोकि ऑस्टियोपोरोसिस की स्थिति है। 'फ्लूड रीडिस्ट्रीब्यूशन' की वजह से किडनी स्टोन, ब्लड प्रेशर, और बोन लॉस,जैसी परेशानी भी हो सकती है।
बोन डेंसिटी बढ़ाने के तरीके
- हड्डियों में घनत्व बढ़ाने के लिए डाइट में सब्जियो को ज्यादा शामिल करें।
- इसके साथ ही एक हेल्दी वेट मेनटेन करके रखें।
- प्रोटीन, ओमेगा-3 और कैल्शियम से भरपूर आहार खाएं।
- नियमित तौर पर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और एक्सरसाइज करते रहें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
