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बशर अल-असद के पसंदीदा फूड हैं बाबा घनौश और फलाफेल, जानें इन ट्रेडिशनल सीरियाई डिशेज की खासियत
सीरिया में 24 साल तक राष्ट्रपति रहे बशर अल असद का शासन शनिवार को उस वक्त खत्म हो गया जब विद्रोहियों के हमले के बाद देश छोड भाग गए। विद्रोहियों ने असद का तख्तापलट करते हुए राजधानी दमिश्क पर कब्जा किया। असद के भागने के बाद भीड़ ने जमकर हंगामा किया और उनके दमिश्क और अलेप्पो स्थित महलों में घुसकर वहां तोड़-फोड़ की। महल से शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो में असद की लग्जरी कारों का कलेक्शन और उनकी आलीशान जीवनशैली देखने को मिली।
इस घटना के बाद राष्ट्रपति रहे बशर अल असद की लाइफस्टाइल चर्चा में आ गई हैं। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि 200 टन सोने और फरारी जैसी 40 लग्जरी कारों के मालिक बशर अल असद को हमेशा घर का बना खाना काफी पसंद आता था।

खाने के मामले में उनकी पसंदगी बेहद मामूली थी, वो अपने खाने के साथ कभी कोई एक्सपैरिमेंट नहीं करते थे। उन्हें अपनी बीवी के हाथ का बना सीरियाई फूड बाबा गनौश (Baba Ganoush) और फलाफेल काफी पसंद हैं। वो आमतौर पर इसे ही खाना ज्यादा पसंद करते थे। आइए जानते हैं इन दोनों मिडिल ईस्ट देशों की डिशेज की खासियत और बनाने का तरीका।
बाबा गनौश
मिडिल ईस्ट देशों में बाबा गनौश (Baba Ganoush) एक प्रसिद्ध डिप है, जो अपने स्मोकी स्वाद और गाढ़े टेक्सचर के लिए जाना जाता है। इसकी मुख्य सामग्री भुना हुआ बैंगन होती है, जिसे तब तक पकाया जाता है जब तक उसकी स्किन जलकर स्मोकी फ्लेवर न आ जाए। इस डिप में ताहिनी (तिल का पेस्ट), नींबू का रस, और लहसुन मिलाए जाते हैं, जो इसे एक विशेष स्वाद प्रदान करते हैं। इन सामग्रियों को भुने हुए बैंगन के साथ मिलाकर स्वादिष्ट डिप तैयार किया जाता है। जैतून का तेल भी इसमें डाला जाता है, जो डिप की टेक्सचर को हल्का करता है। यह डिप मध्य पूर्वी व्यंजनों का एक अहम हिस्सा है।
बाबा गनौश को खाने के फायदे
- बैंगन से बना बाबा गनौज कैलोरी में कम और फाइबर में उच्च होता है, जो वजन घटाने में मदद करता है और पाचन स्वास्थ्य को सुधारता है।
- बैंगन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं, जिससे कैंसर और अन्य बीमारियों का जोखिम कम होता है।
- बाबा गनौज में जैतून का तेल होता है, जो मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर होता है और हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।
- इसे बनाने में ताहिनी, नींबू का रस और लहसुन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को आवश्यक विटामिन्स, खनिजों और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रदान करते हैं।
- बाबा गनौज ग्लूटेन-मुक्त और वीगन होता है, जो इसे उन लोगों के लिए उपयुक्त बनाता है जिनके पास आहार प्रतिबंध हैं।
- यह एक हल्का, सेहतमंद और स्वादिष्ट डिप है, जिसे सलाद, सब्जियां या ब्रेड के साथ खाया जा सकता है।
फलाफेल
फलाफेल जिसे कई लोग फलाफल भी कहते हैं, यह एक लोकप्रिय मध्य पूर्वी 'फास्ट फूड' है, जिसका मुख्य इंग्रीडिएंट काबुली चना है। सीरिया, मिस्त्र और इजराइल जैसे देशों में इसे खूब चाव से खाया जाता है। फलाफल स्वादिष्ट और सेहतमंद होता है, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। फलाफल अब मिडिल ईस्ट से निकलकर कई देशों में पॉपुलर हो चुका है।
फलाफेल बनाने का तरीका
फलाफल बनाने के लिए सबसे पहले भीगे हुए काबुली चनों को धोकर ब्लेंडर में डालें। इसमें पार्सले या धनिया, तिल, प्याज, लहसुन, जीरा, हरी मिर्च, नींबू का रस डालकर मोटा पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को एक बाउल में निकालें, स्वाद अनुसार नमक मिलाएं। फिर पेस्ट से छोटे गोल बॉल्स बनाएं। गैस पर एक कड़ाही में तेल गरम करें और बॉल्स को मीडियम आंच पर गोल्डन होने तक तलें, लगभग 4-5 मिनट में। तैयार फलाफल को प्लेट में निकालकर हरी चटनी या हुम्मस के साथ सर्व करें।
फलाफेल खाने के फायदे
- फलाफेल में काबुली चना होता है, जो प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। तकरीबन 100 ग्राम फलाफेल में 13 ग्राम प्रोटीन और 0 कॉलेस्ट्रॉल होता है। यह शाकाहारी आहार में प्रोटीन की कमी को पूरा करने में मदद करता है।
- काबुली चने और अन्य सामग्री के कारण, फलाफल फाइबर में उच्च होता है, जो पाचन में मदद करता है और कब्ज को रोकता है।
- फलाफेल में ताजे हर्ब्स, जैसे धनिया और पार्सले, और जैतून का तेल होता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।
- फलाफेल में हरी मिर्च, प्याज, लहसुन और नींबू का रस होने से यह विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स और खनिजों का अच्छा स्रोत बनता है।
- फलाफेल ग्लूटेन-मुक्त और वीगन होता है, जो इसे आहार प्रतिबंधों वाले लोगों के लिए उपयुक्त बनाता है।
- यह एक स्वादिष्ट और हल्का स्नैक है, जिसे नाश्ते के रूप में या चाय के साथ खाया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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