नवरात्रि‍ में तेजस्‍वी यादव ने खाई मछली तो मच गया कोहराम, इन द‍िनों क्‍यों मछली खाने की होती है मनाही

Fish During Navratri : राजद अध्‍यक्ष और ब‍िहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्‍वी का एक वीड‍ियो सोशल मीड‍िया में खूब वायरल हो रहा है। ज‍िसमें वो मछली खाते हुए नजर आ रहे हैं। ये वीड‍ियो नवरात्र के दौरान सामने आया है। ज‍िसके बाद तेजस्‍वी यादव ट्रोलर्स के न‍िशाने पर आ गए हैं।

कई यूजर्स ने चैत्र नवरात्री के पहले द‍िन मछली खाने को लेकर तेजस्‍वी यादवी को भला बुरा कह रहे हैं। दरअसल देवी के इन 9 दिन मांस, मदिरा और मछली खाने की मनाही होती है और सात्विक भोजन करने पर जोर द‍िया जाता है।

आइए जानते हैं क‍ि नवरात्रि के द‍िनों क्‍यों मछली नहीं खानी चाह‍िए और क्‍या हैं इसके पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक वजह-

tejashwi yadav consuming fish video viral

यह है धार्म‍िक वजह

मांस और मछली का सेवन व्रत के दौरान वर्जित माना जाता है। व्रत के दौरान सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाह‍िए वरना नवरात्रि में मांस का सेवन करने से मां दुर्गा क्रोधित हो जाती हैं। भगवद्गीता के अनुसार मांस, अंडे, खट्टे और तले हुए, मसालेदार और बासी या संरक्षित व ठंडे पदार्थ राजसी-तामसी प्रवृतियों को बढ़ावा देते हैं। इसलिए उपवास के दौरान इनका सेवन नहीं किया जाना चाहिए।

इसलिए नहीं खानी चाह‍िए मछली

नवरात्रि में सादा नमक बिना मसालों वाला सादा शाकाहारी भोजन करने का नियम हैं। च्रत के दौरान फलाहार में कुटू व सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन इसमें शामिल हैं। इन्हें सात्विक भोजन कहते हैं। सात्विक भोजन करने से मन निर्मल रहता है और भगवान की पूजा आराधना में मन लगता है।

यह भी है एक वजह

व्रत करने का मुख्‍य उद्देश्‍य शारीरिक और विचारों की शुद्धि होता है। तामसिक गुणों वाले भोजन खाने से परहेज करना जरुरी होता है। मांस या मछली खाने वालों के विचारों में हिंसा और क्रोध की भावना जल्दी आती है। जबकि उपवास के दौरान मन को न‍िर्मल रखना अत्‍यंत जरुरी है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Desktop Bottom Promotion