Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
नवरात्रि में तेजस्वी यादव ने खाई मछली तो मच गया कोहराम, इन दिनों क्यों मछली खाने की होती है मनाही
Fish During Navratri : राजद अध्यक्ष और बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी का एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। जिसमें वो मछली खाते हुए नजर आ रहे हैं। ये वीडियो नवरात्र के दौरान सामने आया है। जिसके बाद तेजस्वी यादव ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए हैं।
कई यूजर्स ने चैत्र नवरात्री के पहले दिन मछली खाने को लेकर तेजस्वी यादवी को भला बुरा कह रहे हैं। दरअसल देवी के इन 9 दिन मांस, मदिरा और मछली खाने की मनाही होती है और सात्विक भोजन करने पर जोर दिया जाता है।
आइए जानते हैं कि नवरात्रि के दिनों क्यों मछली नहीं खानी चाहिए और क्या हैं इसके पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक वजह-

यह है धार्मिक वजह
मांस और मछली का सेवन व्रत के दौरान वर्जित माना जाता है। व्रत के दौरान सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए वरना नवरात्रि में मांस का सेवन करने से मां दुर्गा क्रोधित हो जाती हैं। भगवद्गीता के अनुसार मांस, अंडे, खट्टे और तले हुए, मसालेदार और बासी या संरक्षित व ठंडे पदार्थ राजसी-तामसी प्रवृतियों को बढ़ावा देते हैं। इसलिए उपवास के दौरान इनका सेवन नहीं किया जाना चाहिए।
इसलिए नहीं खानी चाहिए मछली
नवरात्रि में सादा नमक बिना मसालों वाला सादा शाकाहारी भोजन करने का नियम हैं। च्रत के दौरान फलाहार में कुटू व सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन इसमें शामिल हैं। इन्हें सात्विक भोजन कहते हैं। सात्विक भोजन करने से मन निर्मल रहता है और भगवान की पूजा आराधना में मन लगता है।
यह भी है एक वजह
व्रत करने का मुख्य उद्देश्य शारीरिक और विचारों की शुद्धि होता है। तामसिक गुणों वाले भोजन खाने से परहेज करना जरुरी होता है। मांस या मछली खाने वालों के विचारों में हिंसा और क्रोध की भावना जल्दी आती है। जबकि उपवास के दौरान मन को निर्मल रखना अत्यंत जरुरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
