Delhi Dengu Cases: मानसून आने से पहले ही द‍िल्‍ली में तेजी से बढ़े डेंगू-मलेरिया के मामले, ऐसे पाएं न‍िजात

Dengue Cases Rise In Delhi After Summer Rain : अप्रैल और मई में दिल्ली में भारी बारिश के बीच मलेरिया और डेंगू के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। शहर में इस साल मलेरिया के 34 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले छह वर्षों में जून तक दूसरा सबसे बड़ा मामला है। आइए जानते हैं क‍ि मानसून आने से पहले कैसे मलेरिया औ डेंगू से सावधान रहा जाएं और कैसे इससे बचाव करें।

दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुई लगातार बारिश के कारण मौसम में अचानक बदलाव हुआ है। तापमान गिरकर 30 डिग्री के आस-पास पहुंचने के वजह से अभी के मौसम में ना गर्मी ज्यादा है और ना ही सर्दी। ऐसा मौसम डेंगू व मलेरिया के मच्छरों के पनपने के ल‍िए अनुकूल माना जाता है। आइए जानते हैं क‍ि कैसे खुद का बचाव करें।

Tips To Prevent Dengue Fever As Malaria

क्‍या है डेंगू, लक्षण और बचाव

डेंगू मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है। यह बुखार मादा एंडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता यह बीमारी बरसात के मौसम में होती है। डेंगू के बुखार में प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। ये होते हैं इसके लक्षण-

- सिर दर्द
- मसल्स, हड्डियों और जोड़ों में दर्द
- जी मिचलाना
- उल्टी लगना
- आंखों के पीछे दर्द
-- ग्रंथियों में सूजन
- त्वचा पर लाल चकत्ते होना

डेंगू के लक्षण आमतौर पर 2-7 दिनों तक रहते हैं. अधिकतर लोग 1 सप्ताह के अंदर ठीक हो जाते हैं। हालांकि, गंभीर स्थितियों में मरीज को ठीक होने में अधिक समय लग सकता है।


डेंगू का बचाव

डेंगू से बचने के दो ही उपाय हैं। एडीज मच्छरों को पैदा होने से रोकना। एडीज मच्छरों के काटने से बचाव करना। इसके ल‍िए जानें क्‍या करें?

- घरेलू स्तर पर सावधानी बरतने से भी डेंगू को पांव पसारने से रोका जा सकता है। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि घर के आसपास पानी को जमने नहीं दें।
- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। डेंगू के मच्छर दिन में अधिक काटते हैं, इसलिए दिन में विशेष तौर पर सतर्क रहें।

- घर में कूलर के पानी को बार-बार बदलते रहें।

- अगर पानी जमा होने से रोकना मुमकिन नहीं है तो उसमें पेट्रोल या केरोसिन ऑयल डालें। इससे मच्‍छर दूर रहेंगे।

पौष्टिक आहार ही खाएं

डेंगू के बुखार में चिकित्सकों की सलाह लेकर जरूरी दवाईयां ले। बिना चिकित्सक की सलाह से दवा लेने से खून पतला हो सकता है, इसकी वजह से शरीर से प्लेटलेट्स अचानक कम हो सकते हैं। इस दौरान सामान्य रूप से खाना खाना जारी रखें, बुखार की हालत में शरीर को और ज्यादा पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है। बाहर का तला-भुना खाने से तबीयत ज्‍यादा बिगड़ सकती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, June 20, 2023, 13:53 [IST]
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