Monsoon Diet: बारिश में सुरक्षा कवच से कम नहीं है घी, डाइट में शामिल करने की ये है 5 बड़ी वजह

Ghee in your monsoon diet : बहुत से राज्‍यों में मानसून ने दस्‍तक दे दी है। इस मौसम में इम्‍यूनिटी को मजबूत बनाने के ल‍िए बेहद जरुरी है क‍ि आप अपने खान-पान में बदलाव करें। क्‍योंक‍ि मानसून के दौरान शरीर की इम्‍यूनिटी कमजोर हो जाती है। जिसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है।

अगर आप बिना किसी साइड इफेक्ट्स इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ बीमारियों और इन्फेक्शन से बचना चाहते हैं, तो आपको इस मौसम में न‍ियमित तौर से घी का सेवन करना शुरु कर देना चाह‍िए।

Top 5 reasons why you must include ghee in your monsoon diet

इस मौसम में इम्‍यूनिटी बढ़ाने के ल‍िए रोजाना बस 1 से 2 चम्मच घी का सेवन करने मात्र से ही आपका शरीर इंफेक्‍शन और सीजनल फ्लू से दूर रहेगा। आइए जानते है क‍ि मानसून में घी को डाइट में शामिल करना क्यों जरूरी है और घी को खाने के फायदे-

पेट को रखता है दुरस्‍त

आयुर्वेद घी को बेहतर पाचन और पोषक तत्वों को सोखने के लिए सबसे अच्छा जरिया मानता है। सुबह खाली पेट घी का सेवन करने से पाचन में सुधार होता है और ये पित्त दोष को नियंत्रित करता है। बारिश के दौरान कुछ भी बाहर का खा लेने से पेट जल्‍दी खराब हो जाता है। इसल‍िए इस मौसम में घी का सेवन करना बहुत ही बढ़िया माना जाता है। इससे मेटाबॉल‍िज्‍म बूस्‍ट होता है और पाचन क्रिया तेज होती है।

इम्‍यूनिटी मजबूत करता है

घी में एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो बीमारियों से बचाने में मदद करते है। घी में विटामिन ए, डी, ई और के के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होता है। इन सभी गुणों के वजह से घी आपके शरीर की इम्‍यूनिटी को बढ़ाता है।

बॉडी को करता है मॉइश्‍चर

घी में मॉइश्चराइजिंग गुण होते हैं जो आपके शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं। इसके नियमित सेवन से आपकी आपकी स्किन मॉइश्‍चर रहती है, जिसका असर सुंदरता पर भी पड़ता है।

फूड पॉइजनिंग से बचाता है

बारिश के दिनों में बासी या कुछ तला हुआ खाने से फूड पॉइजनिंग की समस्‍या होना बहुत ही सामान्‍य सी बात है। अगर रोजाना घी का सेवन करेंगे, तो आपको कभी भी फूड पॉइजनिंग की दिक्‍कत नहीं होगी।

हड्डियां बनती है मजबूत

सुबह खाली पेट देसी खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं। ऐसे में अगर किसी को कमजोर हड्डियों की शिकायत हो तो उसे सुबह खाली पेट देसी घी का सेवन करना चाहिए।

क्या कहती है स्टडी?

- घी में फैटी एसिड के कंपोजीशन को समझने के लिए एक स्टडी की गई। इसमें पाया गया कि घी DHA (डोकोसैक्सिनोइक एसिड) का एक अच्छा स्रोत है।
- DHA ओमेगा 3 फैटी एसिड है। यह हमारे शरीर में नहीं बनता है, इसलिए घी खाना जरूरी होता है।
- ओमेगा 3 फैटी एसिड अखरोट, मछली के तेल और अलसी के बीज में भी पाया जाता है।

आयुर्वेद क्या कहता है घी के बारे में?

- आयुर्वेद के अनुसार घी खाने वाले व्यक्ति की उम्र लंबी होती है। ये कई बीमारियों से शरीर को ताकत देता है साथ ही इम्‍यूनिटी को मजबूत करता है। घी जोड़ों को चिकनाहट और मजबूती देता है।

- यह छोटी आंत की सोखने की क्षमता को बढ़ाता है और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के एसिडिक PH को कम कर देता है। साथ ही घी ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है जो LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को भी घटाता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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