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आंतों की इस गंभीर बीमारी के कारण मल में से आता है खून, जानिए इसके बारे में सबकुछ
अल्सरेटिव कोलाइटिस एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जिसके बारे में अधिकतर लोगों को पता ही नहीं होता है। अल्सरेटिव कोलाइटिस एक इंफ्लेमेटरी बाउल डिसीज है, जिसमें बड़ी आंत की लाइनिंग में इंफ्लेमेशन होता है और यह कोलन और रेक्टम को भी प्रभावित करता है।
यदि आपको अल्सरेटिव कोलाइटिस है, तो इंफ्लेमेशन होने पर आपको अपने मल में बदलाव दिखाई देता है। इस स्थिति में मल में रक्त और बलगम दिखाई दे सकता है। यह अक्सर बहुत ढीले और पानी जैसे मल के रूप में दिखाई देता है। कभी-कभी खूनी दस्त के साथ-साथ पेट में ऐंठन, अचानक मल त्याग करने की इच्छा और कभी-कभी बुखार की शिकायत भी हो सकती है। अल्सरेटिव कोलाइटिस की समस्या को कभी भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

इस स्थिति में आपको मेडिकल हेल्प की जरूरत पड़ सकती है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको अल्सरेटिव कोलाइटिस स्टूल के बारे में विस्तारपूर्वक बता रहे हैं-
अल्सरेटिव कोलाइटिस स्टूल क्या है?
अल्सरेटिव कोलाइटिस स्टूल, अल्सरेटिव कोलाइटिस होने पर मल में होने वाले बदलावों को संदर्भित करता है। अल्सरेटिव कोलाइटिस वास्तव में एक इंफ्लेमेटरी बाउल डिसीज है। यह समस्या होने पर कोलन और रेक्टम की इनर लाइनिंग में इंफ्लेमेशन और अल्सर की शिकायत हो सकती है। जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति के मल और मल त्याग में बदलाव आता है।
अल्सरेटिव कोलाइटिस स्टूल के लक्षण क्या है?
अल्सरेटिव कोलाइटिस स्टूल होने पर आपको कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं। मसलन-
• अल्सरेटिव कोलाइटिस होने पर मल में बदलाव नजर आता है। इस स्थिति में मल में रक्त नजर आता है। यह रक्त चमकीला लाल या मैरून दिखाई दे सकता है और मल के साथ मिल सकता है।
• अल्सरेटिव कोलाइटिस के कारण व्यक्ति को दस्त की शिकायत भी हो सकती है। उसे बार-बार मल त्याग करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, मल ढीला, पानीदार और बलगम युक्त हो सकता है।
• आपको मल के साथ पेट में ऐंठन या दर्द हो सकता है। यह दर्द कम या ज्यादा हो सकता है।
• अल्सरेटिव कोलाइटिस होने पर व्यक्ति को मल त्याग करने की अचानक और तत्काल आवश्यकता हो सकती है, जिसे नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
• कई बार मलाशय खाली होने पर भी मल त्यागने की इच्छा हो सकती है। यह काफी असुविधाजनक हो सकता है।
अल्सरेटिव कोलाइटिस स्टूल का कारण क्या है?
जबकि अल्सरेटिव कोलाइटिस का सटीक कारण अज्ञात है, लेकिन फिर भी ऐसा माना जाता है कि इसमें जेनेटिक, एनवायरनमेंटल और इम्यून फैक्टर्स जिम्मेदार हो सकते हैं। अल्सरेटिव कोलाइटिस के विकास में योगदान देने वाले कुछ हैं-
• अल्सरेटिव कोलाइटिस का एक मुख्य कारण जेनेटिक्स हो सकता है। जिन व्यक्तियों के परिवार में इस बीमारी का इतिहास रहा है, उन्हें अधिक खतरा होता है।
• इम्यून सिस्टम डिस्फंक्शन के कारण भी अल्सरेटिव कोलाइटिस की शिकायत हो सकती है। इस स्थिति में इम्यून सिस्टम गलती से डाइजेस्टिव ट्रैक्ट के हेल्दी सेल्स पर अटैक करते है, जिससे सूजन व अल्सर की शिकायत होती है।
• कई बार आहार, तनाव और कुछ रोगाणुओं के संपर्क में आने से भी अतिसंवेदनशील व्यक्तियों में अल्सरेटिव कोलाइटिस ट्रिगर हो सकता है।
• स्मोकिंग के कारण भी अल्सरेटिव कोलाइटिस की समस्या हो सकती है।
• जबकि तनाव सीधे तौर पर अल्सरेटिव कोलाइटिस का कारण नहीं बनता है, यह उन व्यक्तियों में लक्षणों को बढ़ा सकता है जिन्हें पहले से ही यह शिकायत है।
• हालांकि, सिर्फ आहार से अल्सरेटिव कोलाइटिस नहीं होता है, लेकिन कुछ फूड आइटम्स के कारण इसके लक्षण नजर आ सकते हैं या सूजन की समस्या हो सकती है। मसालेदार भोजन, शराब, कैफीन और हाई फाइबर फूड्स इसके सामान्य ट्रिगर हो सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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