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Uttarkashi Tunnel Crash: 11 दिन से सुरंग में फंसे हैं 41 लोग, क्या होगा जब शरीर को कई दिनों तक न मिले धूप
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में चार धाम प्रोजेक्ट के तहत बन रही सिल्कयारी टनल 12 नवंबर को सुबह करीब 4 बजे धंस गई थी। इसमें 41 मजदूर फंसे हुए हैं। इन्हें फंसे हुए करीब 11 दिन हो चुके हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ घंटे में रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हो सकता है। टनल के बाहर मजदूरों को बाहर निकालने के लिए मेडिकल टीम और एंबुलेंस को तैनात किया गया है।
11 दिनों से अंदर फंसे इन मजदूरों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर काफी असर पड़ा होगा। विशेषज्ञों की मानें मलबे में इतने दिन रहने की वजह से उनकी सेहत पर कई तरह की बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। ऑक्सीजन की कमी और सूर्य की रोशनी की कमी के चलते उनके स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ सकता है।

सूरज की रोशनी में विटामिन डी होता है, जो इंसान के लिए ज़रूरी माना जाता है। अगर पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी नहीं मिलता, तो शरीर में कई तरह के रोग हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि जब कई दिनों तक शरीर सूर्य की रोशनी से दूर रहता है, तो शरीर में क्या बदलाव आते हैं?
सूरज की रोशनी में विटामिन डी होता है, जो इंसान के लिए ज़रूरी माना जाता है। अगर पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी नहीं मिलता, तो शरीर में कई तरह के रोग हो सकते हैं। रोजाना सूर्य की रोशनी शरीर को मिलना बहुत ज़रूरी है।
ये हो सकती है समस्याएं
अगर लंबे समय तक धूप ना ली जाए तो बॉडी में कई तरह की समस्या पैदा हो सकती है। सूरज की किरणों में विटामिन डी होता है। जो कि इंसान के लिए जरूरी माना जाता है।अगर पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी नही मिलती है तो शरीर में अकड़न या फिर हड्डी कमजोर हो सकती है। साथ ही आंखों की रोशनी भी कम हो सकती है।
अगर शरीर को कई दिनों तक सूरज की रोशनी नहीं मिलती, तो कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं:
विटामिन डी की कमी
मांसपेशियों और हड्डियों में कमज़ोरी और दर्द
कम उम्र में बुढ़ापा महसूस होना
नींद से जुड़ी समस्याएं
इम्यूनिटी के लिए बेहद आवश्यक
सूर्य की किरणें रक्त में मौजूद इम्यून सेल्स को त्वचा की सतह तक ले आती है, जिससे त्वचा को कई तरह के रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है। 'सूर्य की किरणें शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम में विटामिन-डी और टी-सेल्स को दुरुस्त करती हैं, जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
स्किन के लिए भी जरुरी
कई लोगों को लगता है कि धूप मे बैठने से स्किन काली पड़ जाती है, या स्किन को नुकसान हो जाता है, लेकिन आपको बता दें कि अगर आप लंबे समय तक धूप में नहीं बैठते हैं तो भी स्किन का रंग बदल सकता है। हमारी त्वचा को सूरज की रोशनी मिलनी भी जरूरी होती है।

कितनी धूप है जरुरी
सूर्योदय के समय हर किसी को 20-30 मिनट के लिए धूप में बैठना चाहिए। इससे त्वचा, बाल और हड्डियों को भरपूर विटामिन डी मिलता है। रोजाना कम से कम 20 मिनट तो धूप सेंके। ताकि आप सर्दी हो गर्मी हमेशा स्वस्थ रहें। हर दिन 20 से 25 मिनट धूप में बैठने से तनाव कम होता है। इससे अवसाद के स्तर में भी कमी आती है। विटामिन डी मिलती है, अल्ट्रावायलट किरणों से शरीर में रोग रोधी क्षमता आती है, हड्डियां मजबूत होती है, पाचन सुधरता है, गठिया में लाभ मिलता है, शरीर को ऊष्मा मिलती है। सुबह 1-2 घंटे धूप लेना पर्याप्त है, तेजधूप हानिकारक होती है।
धूप लेने का सही समय क्या है?
सर्दियों में जहां धूप सेंकने का सही समय सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक ठीक माना जाता है। वहीं गर्मियों में सूर्योदय के बाद 6 बजे से 7.30 बजे तक की धूप अच्छी मानी जाती है। सूर्य की रोशनी किसी अंग के लिए तबतक हानिकारक नहीं है जबतक वह अंग सूर्य की रोशनी को सहज रूप से सहन कर सकता है। सुबह-शाम का सूर्य आँखों से सहज देख सकते हैं, दोपहर ,बदली, ग्रहण का सूर्य की रोशनी आँखों, त्वचा,सिर,और दूसरे अंगों के लिए हानिकारक होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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