शराब पिपासु भारतीय किशोर :शोध

By Jaya Nigam

नई दिल्ली। देश के किशोरों में शराब की लत बढ़ी है। एक शोध से पता चला है कि 15 से 19 वर्ष के किशोर तेजी से शराब की लत के शिकार हो रहे हैं। शोध के मुताबिक किशोरों में शराब की लत बढ़ने की मुख्य वजह परिजनों से दूर रहना, धन की आसान उपलब्धता, तनाव और अवसाद का बढ़ना है।

एसोचेम द्वारा कराए गए शोध में पता चला है कि महानगरों में रहने वाले इंटरमिडिएट की पढ़ाई करने वाले 45 फीसदी छात्र बहुत अधिक मात्रा में शराब का सेवन करते हैं। ज्यादातर किशोरों का कहना है कि वे अत्यधिक दवाब से छुटकारा पाने के लिए शराब का सेवन करते हैं जबकि बाकी का कहना था कि वे दैनिक परेशानियों से बचने के लिए शराब पीते हैं।

शोध में कहा गया है कि आमतौर पर महानगरों के युवा महीने में पांच से छह बार शराब का सेवन करते हैं। शोध के दौरान मुम्बई, कोच्चि, चेन्नई, हैदराबाद, इंदौर, पटना, पुणे, दिल्ली, चण्डीगढ़ और देहरादून जैसे शहरों के करीब 2000 किशोरों से राय ली गई।

32 फीसदी किशोरों ने कहा कि परेशानी की स्थिति में वे शराब का सेवन करते हैं जबकि 18 फीसदी का कहना है कि अकेले रहने के कारण वे शराब का सेवन करते हैं। 15 फीसदी किशोर प्रति वर्ष 3500 से 4000 रूपये सिर्फ शराब पर खर्च करते हैं। इनमें से सबसे अधिक शराब जन्मदिन की पार्टियों और विदाई समारोहों के दौरान पी जाती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, October 17, 2010, 15:48 [IST]
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