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बरसात में स्वास्थ का रखें खास ख्याल

विशेषज्ञों ने एंटीबायोटिक्स के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत बनाने की सलाह दी है। मैक्स हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक अनिल गुम्बर का कहना है, "उच्च आद्र्रता और तापमान के बहुत कम या बहुत ज्यादा न होने पर बैक्टीरिया आसानी से वृद्धि कर लेते हैं। इसके परिणामस्वरूप पीलिया, मलेरिया, टायफायड, हैजा, खांसी, सर्दी, बुखार और फ्लू जैसी बीमारियां हो सकती हैं।"
चिकित्सक कहते हैं कि संक्रमण को दूर रखने के लिए बहुत सी सावधानियां बरती जा सकती हैं। गुम्बर ने कहा, "बरसात के मौसम में जिन गड्ढ़ों में पानी भर जाता है उनकी हमेशा सफाई करते रहना जरूरी है, इसके साथ नालियों की सफाई भी जरूरी है, छतों पर भी पानी नहीं रुकना चाहिए। मच्छरों से हर तरह के बचाव करना चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण यह है कि पीने का पानी एकदम शुद्ध रखना चाहिए।"
विशेषज्ञों ने प्रतिरोधक तंत्र मजबूत बनाने की भी सलाह दी है। बत्रा अस्पताल के एक वरिष्ठ सलाहकार अरुण दीवान कहते हैं, "प्राकृतिक प्रतिरोधक तंत्र हमें अपनी सुरक्षा प्रणाली के साथ सुरक्षित करता है। जब प्रतिरोधक तंत्र अपने बल पर संक्रमण से निपटने में सक्षम होता है तो वह और भी मजबूत बनता है।"
विशेषज्ञ कहते हैं कि एंटीबायोटिक्स के बहुत अधिक इस्तेमाल से बचना चाहिए। अश्वगंधा, गुडुची और केसर में प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत बनाने वाले प्राकृतिक पोषक तत्व होते हैं। ये पोषक तत्व तनाव को कम करते हैं, शरीर को ऊर्जा से भर देते हैं और प्रतिरोधक तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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