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रोज़ सेब खाने से नहीं होगा स्तन कैंसर

कार्नेल विश्वविद्यालय में खाद्य विज्ञान के संयुक्त प्राध्यापक रुई हई लिवु ने कहा है, कि अमेरिकी महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे ज्यादा आक्रामक व घातक कैंसर के रूप में पहचाना गया है। उन्होनें यह भी कहा कि ताजे सेब का रस चूहों में स्तन ट्यूमर के आकार को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। और सिर्फ ऐसा ही नहीं कि इलाज वाले चूहों में ट्यूमरों की संख्या कम हो गई, बल्कि उनके आकार भी छोटे हो गए।
अपने हाल के अध्ययन में लिवु ने पाया कि इलाज किए गए चूहों में 81 प्रतिशत मात्रा एडनोकैर्सिनोमा नामक एक अधिक खतरनाक ट्यूमर की थी। ये ट्यूमर स्तन कैंसर के मामले में मौत का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। यह अध्ययन फाइटोकेमिकल्स की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। यह रसायन फेनॉलिक्स या फ्लेवोनॉयड्स के नाम से जाना जाता है। लिवु का यह अध्ययन 'एग्रिकल्चर एंड फूड केमिस्ट्री" नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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