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सेहत के लिए अच्छे हैं 'आंसू'
वैज्ञानिकों का भी कहना है कि आंसू की प्रतिक्रिया भावनाओं के अति होने पर होती है इसलिए जब भावनाएं फूटने लगती है तो वो आंसू का रूप लेलेती है। इसलिए रो देना अच्छा होता है वरना रक्त संचार में परेशानी होती है। आंसुओं का सीधा संबंध मस्तिष्क से होता है। इसलिए आंसू के रूप में प्रतिक्रिया देना अच्छा होता है।
अगर भावनाओं को दबा लिया जाये तो वो व्यक्ति अवसाद से ग्रसित हो सकता है उसे दिल की बीमारी हो सकती है। इसलिए व्यक्ति को अपने इमोशंस प्रकट कर देने चाहिए इसलिए अगर उसे रोना पड़े तो उसे रोने दीजिये हां उसके रोने के बाद उसे हंसाने का प्रयत्न जरूर कीजिये। जो आपको आपके अपनों के और करीब ले आयेगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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