Latest Updates
-
Global Running Day: दौड़ना शुरू करने से पहले जान लें ये नियम, वरना फायदे की जगह होगा नुकसान -
Rajasthani Festive Style Dal Bati Recipe: घर पर बनाएं पारंपरिक स्वाद वाली दाल बाटी -
Aaj Ka Rashifal 03 June 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Healthy Weight Loss Kela Stem Sabzi Recipe: फाइबर से भरपूर इस सब्जी को डिनर में शामिल करें -
World Bicycle Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व साइकिल दिवस? जानें इतिहास, महत्व और साइकिल चलाने के 10 फायदे -
Jodhpur Style Pyaz Kachori Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी कुरकुरी और चटपटी कचौरी -
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं
रोना भी सेहत के लिये होता है फायदेमंद
अगर हर बार आपकी आंखे आंसू से छलछला उठती हैं, लेकिन फिर भी आप उन्हें काबू में रख कर जिन्दगी की राह में आगे बढ़ जाते हैं, तो ऐसा न करें और अपने सारे गुस्से और दर्द को एक साथ आंखो के जरिये बह जाने दें। मनोवेज्ञानिकों का कहना है कि जब भी इंसान को रोना आए उसे उसी समय रो लेना चाहिये। तो इसलिये जब भी रोना आए बिना किसी की परवाह किये अपने आखों को थोड़ी देर के लिये नम कर लीजिये। यह स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत लाभकारी होता है, इसलिये आइये जानते हैं रोने के क्या-क्या स्वास्थय लाभ होते हैं।

क्यों जरुरी है रोना-
1. आंखों को साफ करे- आंसू हमें साफ देखने में मदद करता है, जी हां यह सच है। आंसू, आइबॉल और पलखों को ल्यूब्रिकेट करता है और म्यूकस झिल्ली को सूखने से बचाता है।
2. बैकटीरिया को नष्ट करे- आंसू एंटी बैक्टीरियल और एंटी वाइरल ऐजेंट की तरह काम करता है। इसमें लाइसोजाइम पाया जाता है, जो कि एक द्रव होता है और 90 से 95 प्रतिशत बैक्टीरिया को केवल 5 से 10 मिनट में ही मारने की शक्ति रखता है।
3. मूड सही करे- यह माना जाता है कि रोने से किसी भी इंसान का मैगनीज़ लेवल कम हो जाता है। वरना अगर यह हाई होगा तो चिंता, घबराहट, चिड़चिड़ापन, थकान, आक्रामकता, भावनात्मक अशांति आदि पैदा हो जाती है।
4. स्ट्रेस कम होता है- स्ट्रेस की वजह से शरीर में जो रसायन का निमाण हो जाता है, उसे आंसू जड़ से मिटा देता है। लियूसीन, इंकीफालीन और प्रोलेक्टिन आदि ज्यादा स्ट्रेस की वजह से बन जाते हैं। आंसू को रोकने या दबाने से स्ट्रेस लेवल बढ़ता है जिससे हाई ब्लड प्रेशर, अल्सर और हार्ट संबधी बीमारी का खतरा बढ जाता है।
5. आँसू भावनाओं को बहाता है- आंसू चिकित्सीय होते हैं। यह चिंता और निराशा को बाहर निकालता है। इससे पहले कि यह आपके स्नायु और हृदय प्रणाली को तबाह करे आप रो लीजिये। अगर आप रोएंगे नहीं और सारा दुख दिल में समाये रखेंगे तो वह दिमाग के लिम्बिक प्रणाली के अंदर इकट्ठा और दिल के कुछ कोनों में जाने लगेगा। फीलिंग एक हवा के समान होती है, जिसे जितना दबाया जाए वह उतना ही ऊपर आने की कोशिश करती है। रोने से मन की सफाई हो जाती है और यह बहुत स्वस्थ माना जाता है जिससे आराम महसूस होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications