Latest Updates
-
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2025 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय
होली पर कैसे बनाएं प्राकृतिक रंग
होली रंगो का त्योहार है और अगर रंग ही आपकी होली को बरबाद कर दें तो उससे बुरा और क्या होगा। आजकल बाज़ारों में मिलने वाले रासायनिक रंग खूब धड़ाधड़ बिक रहे हैं पर हम सब की यही कोशिश होनी चाहिए कि हम खुद ही ऐसे रंगों को न खरीदते हुए घर पर ही प्राकृतिक रंग तैयार कर लें। जी हां दोस्तों इन रंगों को बनाने में बिल्कुल भी समय नहीं लगता है तथा इसमें लगने वाली सामग्री भी आसानी से घर में ही मिल जाती है। चलिए जानते हैं इनको बनाने की विधी-
प्राकृतिक रंगो को बनाने की विधी-
लाल रंग- सूखा लाल रंग बनाने के लिए लाल गुणहल के फूल का पाउडर आंटे के साथ मिला कर यह रंग बनाया जा सकता है। अगर आपको गीला लाल रंग बनाना हो तो थोड़े से पानी में हल्दी मिला कर उसमें नींबू नीचोड़ दें। बस कुछ ही सेकेंड में आपको सुर्ख लाल रंग मिल जाएगा।

पीला रंग- इसको बनाने के लिए आपको दो चम्मच हल्दी पाउडर में दुगना बेसन मिलाने की जरुरत है। हल्दी और बेसन त्वचा के लिए बहुत लाभकारी है। इसको नहाते समय उबटन के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा हल्दी को आप आंटा, मैदा, आरा रोट पाउडर, मुल्तानी मिट्टी और टेल्कम पाउडर के साथ भी प्रयोग कर सकते हैं।
नारंगी रंग- इसको बनाने के लिए 12 बड़े प्याजों को आधे लीटर पानी में उबाल लें और छील लें। आप देखेगें की पानी नारंगी रंग का हो चुका होगा। इसके अलावा टेसू के फूलों को रात भर पानी में भिगोएं रखने पर पीला-नारंगी रंग उपलब्ध होगा।
हरा रंग- इस रंग को बनाने के लिए हरें रंग की पत्तियों की जरुरत पडेगी। पालक, धनिया, पुदीना, टमाटर या फिर ऐसी ही कुछ हरी पत्तियों का पानी के साथ पेस्ट बना कर उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा चार चम्मच मेंहदी को दो लीटर पानी के साथ मिला कर गीला रंग बनाया जा सकता है।
नीला रंग- इस रंग को बनाने के लिए आपको नीले गुड़हल के फूलों को सुखा कर पीसने की जरुरत होगी। इससे आपको सूखा नीला रंग मिल जाएगा। यह फूल केरला में खूब पाया जाता है। इसके साथ ही अगर आपको गीला नीला रंग चाहिए तो काले अंगूर को पीस कर उसमें पानी मिला दें। यही नहीं अगर अंगूर के पत्तों की पानी में उबाल लिया जाए तो वह भी नीला रंग देते हैं।
मजेंटा रंग- एक चुकंदर लें और उसे पीस लें और उसमें पानी मिला लें। आपको खूबसूरत मजेंटा कलर मिल जाएगा। अगर आप इस रंग को और गहरा बनाना चाहते हैं तो उसे उबाल लें या फिर पूरी रातभर ऐसे ही छोड़ दें। इसके साथ ही पानी में 10-15 प्याज़ के छिलकों को उबाल लें और जब आपको पिंक या नांरगी रंग मिल जाए तो पानी में से प्याज के छिलकों को निकाल लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
