Latest Updates
-
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश
शराब पीने वालों को मौत दे सकती है लीवर सिरोसिस
यदि आप शराब के शौकीन हैं तो सावधान हो जायें। शराब का सबसे बड़ा इफेक्ट शरीर में लीवर यानी जिगर पर पड़ता है। अत्याधिक शराब पीने से लीवर की कोशिकाएं धीरे-धीरे मरने लगती हैं और व्यक्ति को जॉनडिस यानी पीलिया हो जाता है। पीलिया के बाद हेपेटाइटिस और फिर लीवर सिरोसिस। हम यहां बात कर रहे हैं लीवर की सबसे खतरनाक बीमारी लीवर सिरोसिस, जिसे लीवर कैंसर भी कहा जाता है।

शरीर की चयापचय प्रक्रिया में तथा रक्त के प्रवाह से नुकसानदायक तत्वों को अलग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक प्रमुख अंग लीवर में होने वाली सिरोसिस की बीमारी जानलेवा तो नहीं होती लेकिन यह शरीर की विभिन्न प्रणालियों को गहरे तक बाधित कर देती है। सिरोसिस में लीवर के उतक धीरे धीरे नष्ट हो जाते हैं जिससे लीवर की कोशिकाओं में रक्त प्रवाह बाधित होता है और मरीज को कई समस्याएं हो जाती हैं।
इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बाइलियरी साइंसेज के डॉ पीयूष राजन ने कहा, "एक स्वस्थ व्यक्ति का लीवर कई तरह के कार्य करता है। लीवर में ऐसा ब्लड प्रोटीन बनता है जो रक्त के जमाव में मददगार होता है। अतिरिक्त पोषक तत्व लीवर में ही संग्रहित किए जाते हैं और कुछ को रक्त प्रवाह में भेजा जाता है। इसके अलावा ग्लाइकोजन के रूप में ग्लूकोज का संग्रह लीवर में ही होता है, संतृप्त वसा लीवर में ही घटकों में टूटती है और कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन होता है। यह लीवर का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है।"
सर गंगाराम अस्पताल के हैपेटोलॉजिस्ट डॉ संजीव सहगल ने बताया कि सिरोसिस की वजह से जब लीवर के स्वस्थ उतक नष्ट होने लगते हैं तो लीवर अपना कामकाज सामान्य तरीके से नहीं कर पाता। डॉ राजन के अनुसार, क्षतिग्रस्त उतकों के कारण लीवर में रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है जिससे पोषक तत्वों, हार्मोन, दवाओं और सामान्य रूप से उत्पादित विषैले तत्वों का शोधन करने की प्रक्रिया में रूकावट आती है। इससे कुछ खास तरह के प्रोटीनों का निर्माण भी बाधित होता है।
डॉ सहगल ने बताया कि लीवर के सिरोसिस का मुख्य कारण अल्कोहल का सेवन, हैपेटाइटिस बी, सी और डी तथा लीवर के आकार में वृद्धि हैं। पित्त नलिका में अवरोध भी सिरोसिस का कारण बनता है। यह नलिका लीवर में बना हुआ पित्त आंत तक ले जाती है जहां इससे वसा के पाचन में मदद मिलती है। जिन बच्चों को बाइलियरी एट्रेसिया की समस्या होती है उनमें पित्त नलिका या तो नहीं होती या क्षतिग्रस्त होती है। ऐसे बच्चों को भी लीवर में सिरोसिस की समस्या होती है।
सिरोसिस के पेशेंट्स को जॉनडिस जरूरत से ज्यादा रहती है। उन्हें अल्सर का खतरा ज्यादा रहता है। सिरोसिस की लास्ट स्टेज आने पर मरीजों के मल में रक्त आने लगता है। ऐसा होने पर मरीज का ब्लड प्रेशर काफी कम हो जाता है, जिससे मौत का खतरा बढ़ जाता है।
वयस्कों में कई बार पित्त नलिका बाधित या क्षतिग्रस्त हो जाती है और सिरोसिस की समस्या हो जाती है। कुछ अनुवांशिक कारण भी इस बीमारी की वजह होते हैं। कब्ज और एसिडिटी यानी अम्लीयता इस बीमारी के आम कारण हैं जिन्हें अक्सर उपेक्षित कर दिया जाता है। इस बीमारी के मरीजों में हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स और अल्बुमिन की मात्रा घट जाती है, उनकी जीभ तथा पेशाब का रंग पीला हो जाता है, उन्हें भूख नहीं लगती, जल्द थकान होने लगती है और पैरों में सूजन आ जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications