Latest Updates
-
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने -
गर्मी में नहाने के बाद चेहरे पर क्या लगाएं? इन 4 चीजों को लगाने से दिनभर फ्रेश और ग्लोइंग नजर आएगी स्किन -
Apara Ekadashi 2026: क्या अपरा एकादशी वाले दिन बाल धो सकते हैं? व्रत से पहले जरूर जान लें ये नियम -
Coronavirus vs Hantavirus: दोनों में से कौन है ज्यादा खतरनाक? जानें लक्षण, बचाव और फैलने का तरीका -
गर्मियों में भी चाहिए कांच जैसा Korean Glow? डाइट में शामिल करें ये मैजिकल जूस; नोट करें रेसिपी -
Vat Savitri Vrat 2026: 16 या 17 मई, कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Adhik Maas 2026: 17 मई से लग रहा पुरुषोत्तम मास, अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए जरूर करें ये 5 काम -
गर्मियों के मौसम में ऐसे करें अपने नन्हें शिशु की देखभाल, इन टिप्स की मदद से रहेगा स्वस्थ और सुरक्षित -
दिव्यांका त्रिपाठी प्रेग्नेंसी में खा रहीं चिरौंजी; क्या वाकई इससे मजबूत होती हैं बच्चे की हड्डियां? -
किन 5 लोगों को नहीं पीना चाहिए नारियल पानी? फायदे की जगह हो सकता है गंभीर नुकसान
तुतलाना, हकलाना छोड़, पाइये अमिताभ जैसी आवाज़

इसके लिए आपकों किसी साधना की आवाश्यकता नहीं बल्कि अब मेडिकल साइंस में इसके तरीके मौजूद है। एक छोटे से ऑपरेशन और कुछ दिनों की थिरेपी के बाद आप मधुर आवाज के स्वामी बन सकते हैं। ईएनटी (नाक कान गला) विशेषज्ञ डा. पंकज श्रीवास्तव का दावा है कि आपॅरेशन के द्वारा किसी की भी आवाज को बदला जा सकता है।
उनका कहना है कि आम आदमी किसी भी फिल्म स्टार व राजनेता जैसी आवाज पा सकता है। डा. श्रीवास्तव का कहना है कि वर्तमान समय में उन लोगों का प्रतिशत बढ़ा हैं जो अपनी आवाज में सुधार कराना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास कुछ ऐसे पुरुष मरीज आ चुके हैं जिनकी आवाज लड़कियों की आवाज की तरह पतली थी।
एक छोटे से ऑपरेशन के बाद उनकी आवाज को मोटी आवाज में तब्दील कर दिया गया। कॉस्मेटिक वायस सर्जरी नाम की इस सर्जरी के बारे में उन्होंने बताया कि इसे थाइरोप्लास्टी भी कहते हैं तथा इसके द्वारा मोटी आवाज को भी पतला किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस सर्जरी को कम उम्र नहीं बल्कि वयस्क होने पर ही कराया जाना चाहिए।
उन्होंने इस सर्जरी के माध्यम से आवाज की फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) में परिवर्तन किया जाता है। डा. श्रीवास्तव ने बताया कि इसका प्रयोग अधिकांश उस वक्त किया जाता है जब कोई अपना लिंग परिवर्तन कराता है। ऐसा कराते वक्त आवाज में परिवर्तन भी आवश्यक होता है इस वक्त थाइरोप्लास्टी का प्रयोग होता है।
अपने एक मरीज का जिक्र करते हुए डा. श्रीवास्तव ने कहा कि उसके कटे तालू का ऑपरेशन हुआ था उसकी आवाज नाम से निकलती थी तथा कोई भी उसके शब्दों को ठीक ढंग से समझ नहीं पाता था। उसका भी ऑपरेशन हुआ और वह सामान्य हो गया। उन्होंने बताया कि कई बार तालू के ऑपरेशन के बाद भी यह समस्या रह जाती है जिसे वीलो फैरिन्जियल कैम्बिज कहते हैं। ऐसे बच्चों को स्पीच थिरेपी की आवश्यकता होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications