Latest Updates
-
Budh Gochar: रेवती नक्षत्र में आकर बुध बनेंगे शक्तिमान, इन 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन -
Bank Holiday May 2026: मई में छुट्टियों की भरमार! 1 तारीख को ही लगा मिलेगा ताला, चेक करें लिस्ट -
पेट में गर्मी बढ़ने पर दिखते हैं ये 7 लक्षण, दूर करने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय -
कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल वाला आम? खाने से पहले 2 मिनट में ऐसे करें असली और नकली की पहचान -
बेटी की उम्र 10 साल होने से पहले ही उसे सिखा दें ये 5 जरूरी बातें, जीवन में रहेगी हमेशा आगे -
क्या सच हो गई बाबा वेंगा की 2026 की भविष्यवाणी? 48 घंटों में जापान से भारत तक भूकंप के झटकों से कांपी धरती -
Bada Mangal 2026: 19 साल बाद ज्येष्ठ में पड़ेंगे 8 बड़े मंगल, नोट कर लें बुढ़वा मंगल की सभी तारीख और महत्व -
पैर में काला धागा बांधना शुभ या अशुभ? जानें शनि-राहु से इसका कनेक्शन और बांधने का सही तरीका -
Aaj Ka Rashifal 21 April 2026: आज इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, पदोन्नति के साथ होगा जबरदस्त धन लाभ -
Kumaoni Kheera Raita: गर्मी के मौसम में वरदान है उत्तराखंड का ये खीरे का रायता, 10 मिनट में ऐसे करें तैयार
बिना खाए बढे वजन तो जांच कराएं थायरायड कैंसर की
भागदौड भरी जिंदगी में सर दर्द, बदन दर्द और बुखार जैसी समस्याएं आम हो गईं हैं और लोग इससे जल्दी छुटकारा पाने के लिए दर्द की दवा खा लेते हैं जिसका साइड इफेक्ट हो सकता है। लेकिन अगर कई दिनों तक बुखार, सिरदर्द या थकान बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेकर थायरायड की जांच कराएं। अगर थायरायड बहुत ज्यादा बढ गया और इसका पता नहीं चल पाया तो यह आगे चल कर कैंसर का रूप ले सकता है। पुरुषों की तुलना में थायरायड कैंसर महिलाओं को ज्यादा होता है। आइये जानते हैं थायरायड के लक्षण और इलाज के बारे में-

लक्षण -
- बोलने में परेशानी महसूस होना और आवाज का बदल जाना।
- गला सूज कर बड़ा हो जाता है, निचले हिस्से को छूने पर दर्द महसूस होता है। ।
- गले में गांठ का होना भी थायरायड कैंसर का लक्षण है।
- शारीरिक कार्य करने पर ज्यादा थकान महसूस होना।
- शरीर या जोड़ो में दर्द होना और कमजोरी लगना।
इलाज -
अल्ट्रासाउंड और थायरायड स्कैन के जरिए थायरायड कैंसर का पता तुरंत चल जाता है। प्रभावित ग्रंथि को चेक कर के देखा जाता है कि कहीं यह प्राणघातक तो नहीं है। अगर ऐसी कोई संभावना दिखती है तो इसकी सर्जरी की जाती है और पूरी ग्रंथि को निकाल दिया जाता है। फिर 4-6 हफ्तों के बाद पेशंट को रेडियोएक्टिव आयोडीन थेरेपी दी जाती है। आयोडीन ट्रीटमेंट के बाद पेशंट को थायरायड हार्मोन दवा लेने की सलाह दी जाती है। पेंशट को यह दवा पूरी जिंदगी के लिये भी लेनी पड़ सकती है। इसके बाद 6-12 महीनों के बाद पेशंट को दुबारा डॉक्टर के पास जाना ही पड़ता है, यह देखने के लिये कि कहीं बीमारी दुबारा ना शुरु हो गई हो।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











