Latest Updates
-
नीम करौली बाबा के 3 गुप्त नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, आज ही जान लें सफल जीवन का रहस्य! -
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 May 2026: शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, शनिदेव की कृपा से होगा धन लाभ -
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय
अस्थमा को कंट्रोल करे ये खाघ पदार्थ
आज कल अस्थमा यानी की दमा एक आम समस्या बनती जा रही है। दमा न केवल बडे़ बूढो को ही होता है बल्कि शिशुओं और छोटे बच्चों को भी होता है। यह कभी कभी जेनिटिक भी होता है। दमा के दौरे के दौरान सूजन के कारण वायु-मार्ग संकरा तथा मांस- पेशियों में जकडन आ जाती है। हवा का प्रवाह बंद हो जाने से श्लेष्ण उस संकरे वायु- मार्ग में पैदा हो जाता है। दमा के दौरे से फेफड़ों के बड़े वायु-मार्ग प्रभावित होते हैं जिसे ब्रोची(वायु प्रणाली के दो प्रधान कोष्ठों में से एक ) कहते हैं और फेफड़ों कहते वायु-मार्ग ब्रोंकिओल्स कहा जाता है। दमा का इलाज सूजन की रोकथाम और मांस-पेशियों को आराम देने पर ही केन्द्रित रहता है ।
दमा कई कारणों से हो सकता है। अनेक लोगों में यह एलर्जी मौसम, खाद्य पदार्थ, दवाइयाँ इत्र, परफ्यूम जैसी खुशबू और कुछ अन्य प्रकार के पदार्थों से हो सकता हैं; कुछ लोग रुई के बारीक रेशे, आटे की धूल, कागज की धूल, कुछ फूलों के पराग, पशुओं के बाल, फफूँद और कॉकरोज जैसे कीड़े के प्रति एलर्जित होते हैं। जिन खाद्य पदार्थों से आमतौर पर एलर्जी होती है उनमें गेहूँ, आटा दूध, चॉकलेट, बींस की फलियाँ, आलू, सूअर और गाय का मांस इत्यादि शामिल हैं।
दमा को ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है, ताकि दमे से पीड़ित व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत कर सके। आज हम आपको 10 ऐसे खाघ पदार्थ बताएंगे जिन्हें आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं और दमा को कंट्रोल कर सकते हैं। यकीन मानिये इससे आपको बहुत लाभ होगा।

गाजर
इसमें विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह अस्थमा के लिये तो अच्छा है ही साथ में यह त्वचा और पूरे स्वास्थ्य के लिये भी अच्छा माना जाता है।

मछली का तेल
इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो कि सांस के रोगियों के लिये अच्छा होता है। अस्थमा रोगियों को अच्छी प्रकार की मछली खानी चाहिये।

लाल शिमला मिर्च
इसमें विटामिन सी होता है जो कि रेस्पिरेट्री ऑर्गन की सूजन को कम करता है।

डेयरी उत्पाद
जिन्हें अस्थमा होता है उनके अन्दर विटामिन डी की कमी होती है। तो ऐसे में आपको खूब सारा डेयरी उत्पाद खाना चाहिये।

करेले का जूस
यह मधुमेह तथा अस्थमा रोगियों के लिये अच्छा होता है। इसे रोज पियें।

गोभी
इसमे विटामिन, प्रोटीन और मिनरल होते हैं जो कि शरीर के लिये बहुत आवश्यक है।

संतरा
इसमें विटामिन सी होता है जो कि सूजन को कम करता है।

पालक
अगर आपको अस्थमा है तो आपको पालक खानी चाहिये क्योंकि यह शरीर को जरुरी पोषण पहुंचाता है।

अमरूद
यह सूजन को कम करता है इसलिये यह अच्छा है।

मिर्च
यह सांस को रोकने वाले म्यूकस को साफ करती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है जो कि सूजन से लड़ता है।



Click it and Unblock the Notifications