Latest Updates
-
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Mother's Day पर मां का मुंह कराएं मीठा, बिना ओवन और बिना अंडे के घर पर तैयार करें बेकरी जैसा मैंगो केक -
Budh Nakshatra Gochar 2026: 7 मई से बुध का भरणी नक्षत्र में गोचर, इन 3 राशियों की खुलेगी सोई हुई किस्मत
अस्थमा को कंट्रोल करे ये खाघ पदार्थ
आज कल अस्थमा यानी की दमा एक आम समस्या बनती जा रही है। दमा न केवल बडे़ बूढो को ही होता है बल्कि शिशुओं और छोटे बच्चों को भी होता है। यह कभी कभी जेनिटिक भी होता है। दमा के दौरे के दौरान सूजन के कारण वायु-मार्ग संकरा तथा मांस- पेशियों में जकडन आ जाती है। हवा का प्रवाह बंद हो जाने से श्लेष्ण उस संकरे वायु- मार्ग में पैदा हो जाता है। दमा के दौरे से फेफड़ों के बड़े वायु-मार्ग प्रभावित होते हैं जिसे ब्रोची(वायु प्रणाली के दो प्रधान कोष्ठों में से एक ) कहते हैं और फेफड़ों कहते वायु-मार्ग ब्रोंकिओल्स कहा जाता है। दमा का इलाज सूजन की रोकथाम और मांस-पेशियों को आराम देने पर ही केन्द्रित रहता है ।
दमा कई कारणों से हो सकता है। अनेक लोगों में यह एलर्जी मौसम, खाद्य पदार्थ, दवाइयाँ इत्र, परफ्यूम जैसी खुशबू और कुछ अन्य प्रकार के पदार्थों से हो सकता हैं; कुछ लोग रुई के बारीक रेशे, आटे की धूल, कागज की धूल, कुछ फूलों के पराग, पशुओं के बाल, फफूँद और कॉकरोज जैसे कीड़े के प्रति एलर्जित होते हैं। जिन खाद्य पदार्थों से आमतौर पर एलर्जी होती है उनमें गेहूँ, आटा दूध, चॉकलेट, बींस की फलियाँ, आलू, सूअर और गाय का मांस इत्यादि शामिल हैं।
दमा को ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है, ताकि दमे से पीड़ित व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत कर सके। आज हम आपको 10 ऐसे खाघ पदार्थ बताएंगे जिन्हें आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं और दमा को कंट्रोल कर सकते हैं। यकीन मानिये इससे आपको बहुत लाभ होगा।

गाजर
इसमें विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह अस्थमा के लिये तो अच्छा है ही साथ में यह त्वचा और पूरे स्वास्थ्य के लिये भी अच्छा माना जाता है।

मछली का तेल
इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो कि सांस के रोगियों के लिये अच्छा होता है। अस्थमा रोगियों को अच्छी प्रकार की मछली खानी चाहिये।

लाल शिमला मिर्च
इसमें विटामिन सी होता है जो कि रेस्पिरेट्री ऑर्गन की सूजन को कम करता है।

डेयरी उत्पाद
जिन्हें अस्थमा होता है उनके अन्दर विटामिन डी की कमी होती है। तो ऐसे में आपको खूब सारा डेयरी उत्पाद खाना चाहिये।

करेले का जूस
यह मधुमेह तथा अस्थमा रोगियों के लिये अच्छा होता है। इसे रोज पियें।

गोभी
इसमे विटामिन, प्रोटीन और मिनरल होते हैं जो कि शरीर के लिये बहुत आवश्यक है।

संतरा
इसमें विटामिन सी होता है जो कि सूजन को कम करता है।

पालक
अगर आपको अस्थमा है तो आपको पालक खानी चाहिये क्योंकि यह शरीर को जरुरी पोषण पहुंचाता है।

अमरूद
यह सूजन को कम करता है इसलिये यह अच्छा है।

मिर्च
यह सांस को रोकने वाले म्यूकस को साफ करती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है जो कि सूजन से लड़ता है।



Click it and Unblock the Notifications