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इन छिलकों में हैं लाभकारी गुण
हम अक्सर सब्जियों कि छिलको को बेकार समझ कर फेंक देते हैं। लेकिन वास्तव में वे झिलके बेकार नहीं पौष्टिक होते हैं। इन छिलको को प्रयोग करने से ना केवल सौंदर्य निखरता है बल्कि कई रोग भी दूर होते हैं। उदाहरण के तौर पर खरबूजे को छिलका समेत खाने से कब्ज दूर होती है, खीरे के छिलके से झींगुर और कीट भागते हैं और इसी तरह से चोट लगने पर केले के छिलके को रगड़ने से रक्तस्राव रुक जाता है।
छिलको के रूप में आप सब्जियों तथा फलों जैसे, अनार, पपीता, संतरा आदि का प्रयोग कर सकते हैं। इसी तरह से मेवे भी कुछ कम लाभदायक नहीं होते, इनके छिलको को भी बीमारियों तथा सौंदर्य लाभ के लिये प्रयोग किया जा सकता है। यदि आपकी अलमारियों में कीट हैं तो करेले का छिलका रख सकते हैं।
सब्जियों के छिलके ना केवल खाने लायक होते हैं बल्कि उनमें बहुत सा पौष्टिक तत्व भी होता है। तो आइये जानते हैं कि फल, सब्जी तथा मेवे के छिलके हमारे लिये कितने लाभदायक और गुणकारी हो सकते हैं-

अनार का छिलका :
जिन महिलाओं को अधिक मासिक स्राव होता है वे अनार के सूखे छिलके को पीसकर एक चम्मच पानी के साथ लें। इससे रक्त स्राव कम होगा और राहत मिलेगी। जिन्हें बवासीर की शिकायत है वे अनार के छिलके का 4 भाग रसौत और 8 भाग गुड़ को कुटकर छान लें और बारीक-बारीक गोलियां बनाकर कुछ दिन तक सेवन करें। बवासीर से जल्दी आराम मिलेगा। अनार के छिलके को मुंह में रखकर चूसने से खांसी का वेग शांत होता है। अनार को बारीक पीसकर उसमें दही मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाकर सिर पर मलें। इससे बाल मुलायम होते हैं।

बादाम का छिलका
बादाम के छिलके व बबुल की फल्लियों के छिलके व बीज को जलाकर पीसकर थोड़ा नमक डालकर मंजन करें। इससे दांतों के कष्ट दूर होते हैं, मसूढ़ें स्वस्थ एवं दांत मजबूत बनता है।

संतरे का छिलका :
संतरे के छिलके को दूध में पीसकर छान लें। इसे कच्चे दूध व हल्दी में मिलाकर चेहरे पर लगाये। इससे जहां चेहरे के दुश्मन मुहांसों-धब्बों का नाश होता है, वहीं त्वचा जमक उठता है।

आलू का छिलका :
आलू के छिलके मुंह पर रगड़ने से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती।

लौकी का छिलका :
लौकी के छिलके को बारीक पीसकर पानी के साथ पीने से दस्त में लाभ होता है।

नींबू का छिलका :
नींबू का छिलका दांत पर मलने से दांत चमकदार बनता है और मसूढ़ें भी मजबूत बनता है। नींबू का छिलका जूते पर रगड़े व कुछ देर के लिए धूप में रख दें। फिर जूतों पर मालिश करें। जूतों में चमक आ जायेगी। नींबू व संतरा के छिलकों को सूखाकर, खूब महीन चूर्ण बनाकर दांत पर घिसें। दांत चमकदार बनते हैं।

पपीते का छिलका :
पपीते के छिलके सौंदर्यवर्धक माने जाते हैं। त्वचा पर लगाने से खुश्की दूर होती है। एड़ियों पर लगाने से वे मुलायम होती हैं।

तरबूज का छिलका :
दाद,एक्जिमा की शिकायत होने पर तरबूज के छिलकों को सूखाकर, जलाकर राख बना लें। तत्पश्चात् उस राख को कड़ुवे तेल में मिलाकर लगाये।



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