कैसे करें हिचकी का इलाज ?

How to cure hiccups
हम अक्‍सर कहते हैं कि जब हमें कोई याद करता है तब हमें हिचकी आती है, मगर असल में बात इतनी सी है कि जब शरीर में डायफ़्राम सिकुड़ता है तब हमें हिचकी आती है। डायफ़्राम एक माँसपेशी होती है जो छाती के खोखल को हमारे पेट के खोखल से अलग करती है। ये साँस लेने की प्रक्रिया में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आपको हिचकी कभी भी आ सकती है। कभी-कभार हिचकी का आना थोड़ा शर्मसार सा हो जाता है। लेकिन अगर चाहा जाए तो हिचकी को हम रोक सकते हैं, इसे रोकने के लिये कुछ टेकनीक की आवश्‍यकता होती है।

कैसे करें हिचकी का इलाज-

1. अपनी ह‍थेलियों को दबाइये
अपनी एक हथेली के अंगूठे को दूसरी हथेली को दबाने के लिये प्रयोग करें। जितने जोर से दबा सकते हैं उतनी जोर से दबाएं।

2. अपनी सांसों को रोके
एक लंबी सांस लें और उसे कुछ सेकेंड के लिये रोक कर रखें। एक्‍सपर्ट कहते हैं कि जब फेफड़ों में जमा कार्बन डाइऑक्‍साइड भर जाएगा और डायफ्राम उसे निकालेगा तो हिचकी आना बंद हो जाएगी।

3. कानों को बंद करें

अपने कानों को 20 से 25 सेकेंड के लिये बंद करें। दूसरा आपशन है कि अपने कानों के मुलायम भाग जिसे इयरलोब भी कहते हैं, उसे दबाएं। यह वेगस नस को रिलैक्‍स होने के लिये सिगनल भेजेगा जो कि डायफ्राम से जुड़ी होती है।

4. अपने मुंह को बंद करें
अपने हाथ से नाक और मुंह को हल्‍का दबाएं और नार्मल तरीके से सांस लें। यह हिचकी को रोक देगा क्‍योंकि इससे कार्बन डाइऑक्‍साइड की मात्रा फेफड़ों मे ज्‍यादा भर जाएगी।

5. जल्‍दी जल्‍दी पानी पीजिये
बिना रुके पानी के बड़े बड़े तीन घूंट जल्‍दी-जल्‍दी पीजिये।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, February 21, 2013, 15:40 [IST]
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