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लो ब्लड प्रेशर के 10 प्रमुख कारण

हमारे दिल से सारे शरीर को साफ खून की सप्लाई लगातार होती रहती है। अलग-अलग अंगों को होने वाली यह सप्लाई आर्टरीज के जरिए होती है। ब्लड को प्रेशर से सारे शरीर तक पहुंचाने के लिए दिल लगातार सिकुड़ता और वापस नॉर्मल होता रहता है - एक मिनट में आमतौर पर 60 से 70 बार। जब दिल सिकुड़ता है तो खून अधिकतम दबाव के साथ आर्टरीज में जाता है। इसे सिस्टोलिक प्रेशर कहते हैं। ब्लड प्रेशर दिन भर एक-सा नहीं रहता। जब हम सोकर उठते हैं तो ज्यादातर यह कम होता है। जब हम शारीरिक मेहनत करते है जैसे तेज चलना, दौड़ना या टेंशन, तो यह बढ़ जाता है।
सामान्य बीपी 120/80 होना चाहिए। थोड़ा-बहुत ऊपर-नीचे होने से खास फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अगर ऊपर का 90 से कम हो जाए तो उसे लो बीपी, निम्न रक्तचाप या हाइपोटेंशन कहते हैं। लो बीपी या हाइपोटेंशन को आमतौर पर लोग गंभीरता से नहीं लेते। और इसे लेकर तमाम गलतफहमियां भी हैं। सही तरीके से इलाज न होने पर लो बीपी कई समस्याओं की वजह बन सकता है। इस लिए इसे अनदेखा न करे कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिले।

डिहाइड्रेशन
डिहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण ये समस्या आम तौर पर हमे रोज़ देखने को मिलती है। डिहाइड्रेशन होने के के पीछे के कारण है कि लंबे समय तक मतली, उल्टी या दस्त का होना। और सबसे मुख्य कारण है शरीर में पानी की कमी होना।

ब्लीडिंग
बहुत ज्यादा खून का शरीर से बहना लो ब्लड प्रेशर का कारण हो सकता है। यह खून का बहना किसी दुर्घटना ऑपरेशन या किसी अन्य कारण की वजह से हो सकता है।

ऑर्गन इन्फ्लामेशन
ऑर्गन इन्फ्लामेशन यानी शरीर के अंदर के अंगो में सूजन। शरीर के अंदर में सूजन आजाने से भी लो ब्लड प्रेशर होता है।

वीक हार्ट मसल्स
अगर आपके हृदय की मांसपेशीय कमज़ोर है तो आप लो ब्लड प्रेशर के शिकार हो सकते है। हृदय की मांस पेशियों के कमज़ोर होने से रक्त में भी कमी आएगी और आपको दिल का दौरा भी पढ़ सकता है।

हार्ट ब्लॉक
अथेरोस्क्लेरोसिस की वजह से हार्ट में ब्लॉकेज हो सकता है जिस की वजह से आपको हार्ट अटैक हो सकता है। हार्ट ब्लाक होने से स्पेशल टिशूज से इलेक्ट्रिकल करंट हार्ट तक नहीं पहुच पता है। जिस की वजह से आपका हार्ट ठीक से काम नहीं कर पता है।

असामान्य रूप से दिल की धड़कन में तेज़ी
यदि आपके हृदय की गति तेज़ हो जाती है तो हृदय के वेंट्रिकलस भी असामान्य तरीके से काम करने लगते है। इससे वेंट्रिकलस में रक्त पूरी तरीके से भर नहीं पता है और उससे पहले ही ब्लड पंप हो जाता है। जिससे आपके शरीर में खून की कमी हो जाती है।

गर्भावस्था
अगर आप प्रेग्नेंट है तो हो सकता है की आपका बी पी नीचे चला जाए। हालांकि प्रेगनेंसी के दौरान लो ब्लड प्रेशर हो जाता है। लेकिन आप अपनी जांच करवाती रहे जिससे आगे यह समस्या न हो।

गंभीर संक्रमण
सेप्टिक शॉक या गंभीर संक्रमण की वजह से लो ब्लड प्रेशर हो सकता है। ये तब होता है जब बैक्टीरिया फेफड़े या पेट से खून में प्रवेश कर जाते है। और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करते है।

पोषण की कमी
हमे हर प्रकार के पोषक तत्वों की जरूरत पढ़ती है हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए। पोषक तत्वों की छोटी सी कमी से हमे लो ब्लड प्रेशर हो सकता है जो चल कर एक गंभीर समस्या का रूप ले सकती है।

एन्डोक्राइन
एन्डोक्राइन परेशानियाँ जैसे हाइपथाइरॉइडिज़म, पैराथाइरॉइड, एड्रेनल इन्सफिशन्सी, लो ब्लड शुगर और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ लो ब्लड प्रेशर का कारण बनती है। यह सारी बीमारियाँ हॉर्मोन प्रडूससिंग एन्डोक्राइन के ख़राब होने से होती है।



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