एचआईवी की असलियत के बारें में 9 गलतफहमियां

By Super

एचआईवी एक ऐसी बीमारी है जिसका हर किसी को डर लगता है| ऐसा इसलिए है क्यों कि इसका कोई इलाज नहीं है और पीड़ित व्यक्ति धीरे धीरे एक स्लो डेथ पाता है| फिर भी एचआईवी के बारें में यह एक ग़लतफ़हमी है जिससे हम तह तक नहीं जा पाते हैं और अपने खुद के तर्क के अनुसार व्यव्हार करते हैं|यह सच है कि एचआईवी एक घातक बीमारी है| लेकिन हर बीमारी एक समय के बाद घातक हो जाती है| लेकिन सबसे पहले एचआईवी के इस मिथक तो तोडना जरुरी है| एचआईवी होने के 12 लक्षण

हम एचआईवी को फैलने से नहीं रोक सकते जब तक कि हम इसके होने के बारें में फैली हुई गलत धारणाओं को नहीं रोकेंगे| यदि आप एचआईवी को फैलने के बारें में प्रचारित गलत गलत धारणाओं के बारें में जान जायेंगे तब ही आप अपने आस पास एचआईवी को रोकने के ठोस और शिक्षापूर्ण कदम उठा पाएंगे|

1. किस करने से एचआईवी होता है

1. किस करने से एचआईवी होता है

हाँ ऐसा हो सकता है लेकिन यदि आपके मुह में कोई घाव है या मसूड़ों से खून आ रहा है तभी ऐसा संभव है| लार एचआईवी के वायरस को नहीं फैला सकती है| किस करने से एचआईवी होने का जहाँ तक सवाल है घंटों किस करने पर ही ऐसा होने की सम्भावना है अन्यथा नहीं|

2. ओरल सेक्स करने से एचआईवी नहीं होता है

2. ओरल सेक्स करने से एचआईवी नहीं होता है

आपकी पूरी बॉडी में एचआईवी के वायरस मौजूद होते हैं| इसलिए यदि आपके पार्टनर को एचआईवी है तो ओरल सेक्स से भी एचआईवी हो सकता है| फिर भी यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप बिना किसी सुरक्षा के कितनी बार ओरल सेक्स करते हैं|

3. साथ खाना खाने से एड्स होता है

3. साथ खाना खाने से एड्स होता है

एक ही बोतल में पानी पीने और एक साथ खाना खाने से एचआईवी नहीं होता है| एचआईवी पॉजिटिव लोगों के प्रति समाज में यह सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी है|

4. एचआईवी पॉजिटिव और एड्स एक ही चीज हैं

4. एचआईवी पॉजिटिव और एड्स एक ही चीज हैं

यदि कोई व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव है तो इसके ये मतलब है कि उसके खून में यह वायरस मौजूद है लेकिन ये कतई नहीं है उसकी मृत्यु निश्चित है| आपने इसके पहले लक्षण को गौर किया इससे कई सालों से पहले से यह हो सकता है| यदि आप सावधानी रखें और दवाइयाँ लें तो इससे बचा जा सकता है|

5. एचआईवी पीड़ित महिला को संतानसुख नहीं मिलता

5. एचआईवी पीड़ित महिला को संतानसुख नहीं मिलता

यह एक बेकार धारणा है क्यों कि बच्चे कोख में ही माता के खून से संक्रमित होते हैं| बहुत सी एचआईवी पीड़ित महिलाओं की सफलतापूर्वक डिलीवरी हुई है और बच्चे में एचआईवी का कोई संक्रमण नहीं हुआ है|

6. एचआईवी एक समलैंगिक रोग है

6. एचआईवी एक समलैंगिक रोग है

इस बात का कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि एचआईवी केवल समलैंगिक लोगों के ही होता है या समलैंगिक लोगों में इसका ज्यादा फैलाव होता है|

7. यदि दोनों पार्टनर्स को एचआईवी है तो वे एक दुसरे को संक्रमित नहीं कर सकते

7. यदि दोनों पार्टनर्स को एचआईवी है तो वे एक दुसरे को संक्रमित नहीं कर सकते

एचआईवी वायरस के अनेक प्रकार हैं| इसलिए यदि पार्टनर्स सेफ सेक्स नहीं करते हैं तो वे अलग -अलग प्रकार के एचआईवी से एक दुसरे को संक्रमित कर सकते हैं| यह उन दोनों के एचआईवी के ईलाज को ज्यादा पेचीदा बना सकता है|

8. यदि किसी एचआईवी पीड़ित व्यक्ति का ईलाज चल रहा है तो वह वायरस नहीं फैला सकता है|

8. यदि किसी एचआईवी पीड़ित व्यक्ति का ईलाज चल रहा है तो वह वायरस नहीं फैला सकता है|

दरअसल एचआईवी के नए ईलाज से सिर्फ शरीर से वायरस की मात्रा को काम किया जा सकता है| फिर भी यदि शरीर में वायरस हैं तो ये फ़ैल सकता है|

9. मच्छर के काटने से एचआईवी फैलता है

9. मच्छर के काटने से एचआईवी फैलता है

यदि किसी के खून में एचआईवी है तो उसे काटा हुआ मच्छर दुसरे के भी एचआईवी फैला सकता है| लेकिन यदि वायरस की मात्रा बहुत कम है तो यह किसी को संक्रमित नहीं कर सकता है|

Story first published: Wednesday, September 10, 2014, 12:03 [IST]
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